फिल्म जगत में तकनीक के गलत इस्तेमाल को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। जूनियर एनटीआर और जाह्नवी कपूर अभिनीत फिल्म 'देवरा' के चर्चित गीत 'चुट्टामल्ले' के दृश्यों में डिजिटल फेरबदल कर तैयार किया गया एक अश्लील एआई वीडियो ऑनलाइन मंचों पर प्रसारित होने के बाद उद्योग जगत के दिग्गजों में भारी रोष देखा जा रहा है। इस क्लिप में जाह्नवी कपूर को आपत्तिजनक ढंग से प्रदर्शित किया गया है, जिस पर जूनियर एनटीआर और विजय देवरकोंडा पहले ही सख्त आपत्ति जता चुके हैं। अब तेलुगु सिनेमा के वरिष्ठ अभिनेता चिरंजीवी ने भी इस पूरे प्रकरण पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए इसे एक बेहद चिंताजनक प्रवृत्ति करार दिया है।
महिलाओं की गरिमा से खिलवाड़ पर वरिष्ठ अभिनेता का तीखा रुख
चिरंजीवी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक विस्तृत बयान जारी कर ऐसे आपत्तिजनक डिजिटल बदलावों की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने साफ किया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई जैसी अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लेकर महिलाओं के साथ इस प्रकार की अमर्यादित हरकतें करना पूरी तरह अस्वीकार्य है। अपने बयान में उन्होंने रेखांकित किया कि इसे किसी एक कलाकार, अभिनेत्री या किसी विशेष फिल्म तक सीमित मुद्दा मान लेना भारी भूल होगी। समाज में किसी भी नागरिक के मान-सम्मान की रक्षा करना सामूहिक उत्तरदायित्व है।
वरिष्ठ अभिनेता ने इस कृत्य की भर्त्सना करते हुए कहा कि महिलाओं के अपमानजनक और बदले हुए वीडियो बनाना अमानवीयता और संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। उनका मानना है कि आज यदि कोई इस विकृति का शिकार बना है, तो कल समाज का कोई भी अन्य व्यक्ति या परिवार का सदस्य इसके दायरे में आ सकता है। इसलिए जब तक हम स्वयं प्रभावित न हों तब तक मूकदर्शक बने रहना बेहद खतरनाक रवैया है।
फिल्म संस्थाओं के साथ मिलकर सपोर्ट सेल बनाने का प्रस्ताव
इस प्रकार के साइबर हमलों से निपटने के लिए चिरंजीवी ने केवल विरोध तक सीमित न रहते हुए एक व्यावहारिक और संस्थागत ढांचा तैयार करने की रूपरेखा भी प्रस्तुत की है। उन्होंने घोषणा की है कि वह इस विषय को तेलुगु फिल्म चैंबर, प्रोड्यूसर्स काउंसिल और सिनेमा उद्योग से जुड़े तमाम निकायों के समक्ष प्रमुखता से उठाएंगे। उनका सुझाव है कि उद्योग के भीतर एक समर्पित कमेटी और सहायता सेल की स्थापना की जानी चाहिए जो पूरी तरह इसी प्रकार के डिजिटल उत्पीड़न मामलों पर केंद्रित हो।
इस प्रस्तावित सेल का मुख्य कार्य साइबर अपराध शाखा के अधिकारियों के साथ मिलकर तत्काल समन्वय स्थापित करना होगा। चिरंजीवी के अनुसार, यह विशेष दल ऐसे अवांछित और आपत्तिजनक कंटेंट को इंटरनेट के सभी मंचों से हटवाने, डिजिटल साक्ष्य जुटाने, कानूनी कदम उठाने और पीड़ित कलाकारों या कर्मियों को तकनीकी व कानूनी परामर्श प्रदान करने में मदद करेगा।
कानूनी कार्रवाई और तकनीक के जिम्मेदार उपयोग की नसीहत
वरिष्ठ अभिनेता ने इस बात पर विशेष बल दिया कि जो लोग ऐसा अवांछित कंटेंट तैयार करते हैं और जो लोग इसे जानबूझकर आगे बढ़ाते हैं या साझा करते हैं, उन दोनों को कानून के कठघरे में खड़ा किया जाना चाहिए। समाज को यह समझना होगा कि इस प्रकार की डिजिटल छेड़छाड़ कोई मजाक या मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह कानूनन एक गंभीर अपराध है।
उन्होंने केंद्र सरकार और राज्य सरकारों से भी पुरजोर अपील की है कि वे एआई तकनीक के इस तरह के दुरुपयोग को रोकने के लिए कड़े और प्रभावी नीतिगत कदम उठाएं। इसके साथ ही उन्होंने पूरी तेलुगु फिल्म बिरादरी, जिसमें निर्माता, निर्देशक, तकनीशियन, कलाकार और दर्शक वर्ग शामिल हैं, सभी से एक मंच पर आकर इस डिजिटल कुरीति का मुकाबला करने का आह्वान किया।
आम जनता और प्रशंसकों से वीडियो साझा न करने की अपील
चिरंजीवी ने आम जनता और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को भी उनकी नैतिक जिम्मेदारी का स्मरण कराया। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि ऐसे आपत्तिजनक वीडियो को न तो देखें, न डाउनलोड करें और न ही किसी अन्य समूह या व्यक्ति को भेजें। अक्सर लोग विरोध जताने या निंदा करने के उद्देश्य से भी ऐसी सामग्रियों को शेयर कर देते हैं, जिससे यह वीडियो और अधिक प्रसारित हो जाता है। अभिनेता ने सलाह दी कि इस तरह की क्लिप दिखने पर उसे फॉरवर्ड करने के बजाय सीधे संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और साइबर अपराध जांच एजेंसियों को रिपोर्ट करें।
डिजिटल युग में निजता और मानवीय गरिमा की रक्षा को साझा कर्तव्य बताते हुए चिरंजीवी ने कहा कि समाज के प्रत्येक जागरूक नागरिक को ऐसी प्रवृत्तियों के खिलाफ एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करनी होगी। उनसे पूर्व जूनियर एनटीआर और विजय देवरकोंडा ने भी दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी थी कि तकनीक की आड़ में महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए।



















