अभिनेत्री और मंडी से सांसद कंगना रनौत ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन को लेकर एक बार फिर तीखा रुख अपनाया है। बृहस्पतिवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो संदेश साझा करते हुए उन्होंने इस प्रदर्शन को देश भर के युवाओं या जेन जी का आंदोलन बताए जाने पर कड़े सवाल खड़े किए। कंगना ने प्रदर्शन स्थल पर मौजूद भीड़ की उम्र और सामाजिक संरचना पर अपनी बात रखते हुए वरिष्ठ अभिनेत्री शबाना आजमी की मौजूदगी का भी उल्लेख किया।
भीड़ का गणित और जेन जी के आंकड़ों पर सवाल
कंगना रनौत ने अपने वीडियो संदेश में जंतर-मंतर पर एकत्र हुई भीड़ का विस्तृत ब्योरा दिया। उनका दावा है कि प्रदर्शन स्थल पर कुल मिलाकर लगभग 10,000 लोग उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि जब हम विशेष रूप से जेन जी या युवा आबादी की बात करते हैं, तो उसमें मुख्य रूप से 30 से 35 वर्ष या उससे कम उम्र के लोग आते हैं। कंगना के अनुसार, इस पूरे जमावड़े में युवाओं की संख्या करीब 2,000 ही थी।
उन्होंने तर्क दिया कि जब 10,000 की भीड़ में केवल 2,000 युवा शामिल थे, तो इस प्रदर्शन को पूरे देश का युवा आंदोलन कैसे घोषित किया जा सकता है। कंगना ने कहा कि वहां हर उम्र के लोग घूम रहे थे और आधे से अधिक लोग शबाना आजमी की उम्र के थे। इस आधार पर उन्होंने सवाल उठाया कि कुछ हजार लोगों की मौजूदगी को पूरे देश के युवाओं की आवाज बताना तथ्यात्मक रूप से गलत है।
वरिष्ठ कलाकारों की उपस्थिति का जिक्र
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के समर्थन में कई जाने-माने चेहरे पहुंचे थे। वरिष्ठ अभिनेत्री शबाना आजमी वहां छात्रों का हौसला बढ़ाने पहुंची थीं, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनके कई वीडियो वायरल हुए थे। इन वीडियो में शबाना आजमी नारे लगाती और एक ट्रक पर बैठी नजर आई थीं। शबाना आजमी के अलावा प्रसिद्ध अभिनेता प्रकाश राज भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए थे। कंगना ने इन्हीं वरिष्ठ हस्तियों की उपस्थिति को आधार बनाते हुए कहा कि यह भीड़ युवाओं से अधिक बुजुर्गों और अधेड़ उम्र के लोगों से भरी हुई थी।
'गटर जनरेशन' बयान पर सफाई और खुला चैलेंज
इससे पहले कंगना रनौत ने इस प्रदर्शन को लेकर कई विवादित टिप्पणियां की थीं। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में प्रदर्शनकारियों को 'गटर जनरेशन' कहा था, जबकि नसीरुद्दीन शाह के संदर्भ में टिप्पणी करते हुए उन्हें 'लोमड़ी' कहा था। इसके अलावा उन्होंने राजनीतिक दलों पर भी निशाना साधा था। अपने पुराने बयान पर सफाई देते हुए कंगना ने कहा कि उनकी टिप्पणी केवल जंतर-मंतर पर एकत्र हुई विशेष भीड़ के लिए थी, न कि पूरे देश की युवा पीढ़ी के लिए।
अपनी बात रखते हुए कंगना ने विरोधियों को खुला चैलेंज दिया। उन्होंने कहा:
"मेरा कोई ऐसा स्पेसिफिक बयान बताइए जिसमें मैंने पूरी जनरेशन को शामिल किया हो।"उन्होंने आगे कहा कि मेरे खिलाफ फालतू का एजेंडा न चलाया जाए, क्योंकि मैं खुद युवा हूं और किसी भी स्थिति में युवा विरोधी नहीं हो सकती। अपनी पिछली टिप्पणी की पृष्ठभूमि बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदर्शन स्थल पर जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल हो रहा था, उससे उन्हें बेहद आपत्ति थी। उनका मानना था कि वहां मौजूद कुछ लोग न तो पढ़ाई-लिखाई में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और न ही व्यवस्था के सुधार में कोई योगदान दे रहे हैं।



















