सिनेमा जगत में संगीत हमेशा से फिल्मों की कामयाबी की सबसे मजबूत रीढ़ रहा है, जहां कई बार कमजोर कहानी वाली फिल्में भी सिर्फ अपनी सदाबहार धुनों की बदौलत बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच देती हैं। हिंदी सिनेमा के सुनहरे दौर में तैयार हुआ एक ऐसा ही गीत दशकों बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उस वक्त सुर्खियों में आ गया, जब विदेशी संगीतकारों ने इसकी मौलिक धुन को अपने अंतरराष्ट्रीय ट्रैक में ढाल लिया। इस अनधिकृत उपयोग के बाद न केवल 500 मिलियन डॉलर यानी करीब 4000 करोड़ रुपये का विशालकाय कानूनी विवाद खड़ा हुआ, बल्कि आगे चलकर इसी क्लासिक धुन ने भारतीय पॉप म्यूजिक जगत में रीमिक्स क्रांति की एक नई इबारत भी लिख दी।
1981 की फिल्म ज्योति और कलियों का चमन की मूल रचना
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत साल 1981 में रिलीज हुई बॉलीवुड फिल्म ज्योति से हुई थी, जिसमें जितेंद्र और हेमा मालिनी मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। इसी फिल्म के लिए संगीतकार बप्पी लहरी ने आनंद बख्शी के लिखे बोलों पर एक खास धुन तैयार की थी, जिसे स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने अपनी आवाज से सजाया था। फिल्म में इस गीत पर मशहूर अदाकारा अरुणा ईरानी ने अपनी शानदार नृत्य कला का प्रदर्शन किया था। अरुणा ईरानी के जबरदस्त डांस मूव्स और जीवंत अभिव्यक्ति के बावजूद शुरुआती दौर में इस गाने को वह व्यापक मुकाम नहीं मिल पाया था, जिसकी यह धुन हकदार थी।
बप्पी लहरी की संगीत शैली और हॉलीवुड में धुन की गूंज
बप्पी लहरी ने अपने करियर में डिस्को डांसर, प्यार बिना चैन कहां रे और नैनों में सपना जैसे अनगिनत चार्टबस्टर गाने दिए, जिनकी ऊर्जावान धुनों ने पूरे देश को थिरकने पर मजबूर किया। उनकी विशिष्ट संगीत रचनाओं का असर केवल भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पश्चिमी दुनिया के संगीतकारों को भी आकर्षित करता रहा। इसी क्रम में अमेरिकी रैपर और म्यूजिक प्रोड्यूसर डीजे क्विक की नजर लता मंगेशकर द्वारा गाए गए गीत कलियों का चमन पर पड़ी। उन्हें इस भारतीय ट्रैक की लय इतनी अनूठी लगी कि उन्होंने बिना किसी अनुमति के इसे अपने गाने एडिक्टिव में प्रमुखता से इस्तेमाल कर लिया।
बिलबोर्ड चार्ट्स पर कामयाबी और 4000 करोड़ का कॉपीराइट मुकदमा
अमेरिकी म्यूजिक मार्केट में एडिक्टिव के रिलीज होते ही यह गाना जबरदस्त तरीके से छा गया और अमेरिका के प्रतिष्ठित बिलबोर्ड चार्ट के टॉप 10 गानों की फेहरिस्त में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहा। गाने की इस वैश्विक लोकप्रियता के साथ ही यह बात सामने आई कि इसके मुख्य संगीत हिस्से भारतीय रचना से लिए गए हैं। जब मूल गाने के अधिकार रखने वाली भारतीय संगीत कंपनी सारेगामापा को इस अनधिकृत इस्तेमाल की जानकारी मिली, तो उसने अमेरिकी निर्माताओं के खिलाफ 500 मिलियन डॉलर यानी लगभग 4000 करोड़ रुपये का कॉपीराइट उल्लंघन का कानूनी दावा ठोक दिया। इस चर्चित कानूनी जंग में भारतीय संगीत कंपनी को जीत मिली, जिसने वैश्विक स्तर पर भारतीय बौद्धिक संपदा अधिकारों की ताकत को मजबूती से रेखांकित किया।
रीमिक्स के दौर में मेघना नायडू के साथ नया अवतार
विवादों और अंतरराष्ट्रीय अदालत में मिली जीत के बाद इस क्लासिक धुन की लोकप्रियता एक नए मुकाम पर पहुंच चुकी थी। इस माहौल को देखते हुए संगीतकार बप्पी लहरी और हैरी आनंद ने मिलकर इस गाने को आधुनिक पीढ़ी के हिसाब से दोबारा तैयार करने का फैसला किया। नए रीमिक्स वर्जन में हैरी आनंद ने पुराने बोलों के साथ कुछ नए बोल जोड़े और संगीत को आधुनिक बीट्स के साथ प्रस्तुत किया। गायिका शाश्वती की आवाज में रिकॉर्ड किए गए इस रीमिक्स वर्जन के वीडियो में अभिनेत्री मेघना नायडू नजर आईं। नए अवतार में आते ही यह गाना एक बार फिर संगीत प्रेमियों की जुबान पर चढ़ गया और भारतीय इंडी-पॉप संगीत के इतिहास में सबसे सफल रीमिक्स ट्रैक में शुमार हुआ।



















