त्रिपुरा सरकार ने स्वायत्त जिला परिषद क्षेत्रों में होने वाले स्थानीय चुनावों को सुगम बनाने के मकसद से 28 सितंबर 2026 को सवेतन अवकाश घोषित किया है। यह फैसला त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) के अधिकार क्षेत्र में आने वाली विलेज कमेटियों में मतदान को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि सभी योग्य मतदाता बिना किसी वित्तीय नुकसान के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का उपयोग कर सकें।
बंद रहेंगे दफ्तर और वित्तीय संस्थान
सामान्य प्रशासन (सचिवालय प्रशासन) विभाग द्वारा जारी आधिकारिक निर्देश के अनुसार, मतदान के दिन चुनावी परिधि में आने वाले सभी सरकारी कार्यालय, मजिस्ट्रेट अदालतें और बैंकिंग अथवा वित्तीय संस्थान पूरी तरह बंद रहेंगे। यह आदेश लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 135B(1) के वैधानिक प्रावधानों के तहत लागू किया गया है। इसके जरिए यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है कि चुनावी प्रक्रिया के संचालन में किसी तरह की प्रशासनिक या व्यावहारिक रुकावट न आए।
निजी क्षेत्र और बाहर कार्यरत कामगारों को भी राहत
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह राहत केवल सरकारी कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापारिक इकाइयों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और निजी कार्यस्थलों पर काम करने वाले पंजीकृत मतदाताओं पर भी समान रूप से लागू होगी। यदि कोई पंजीकृत मतदाता चुनावी क्षेत्र का मूल निवासी है और अपने हलके से बाहर किसी अन्य स्थान पर नौकरी करता है, तो उसे भी मताधिकार के इस्तेमाल के लिए सवेतन अवकाश का हकदार माना जाएगा। यह व्यवस्था कैजुअल और दिहाड़ी पर काम करने वाले मजदूरों को भी सुरक्षा देती है, जिससे वे बिना मजदूरी गंवाए अपने गांव जाकर वोट डाल सकें।
अति आवश्यक सेवाओं के लिए विशेष अपवाद
हालांकि, इस आम रियायत के बीच सरकार ने कुछ विशेष परिस्थितियों में छूट का प्रावधान भी रखा है। आदेश के तहत यदि किसी कर्मचारी की काम से अनुपस्थिति से कार्यस्थल पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता हो या व्यवसाय में भारी नुकसान होने की आशंका हो, तो नियोक्ता को सशर्त छूट मिल सकती है। त्रिपुरा सरकार के संयुक्त सचिव बैजयंत दास के हस्ताक्षर से जारी इस अधिसूचना को सभी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को क्रियान्वयन के लिए भेज दिया गया है।





















