साउथ सिनेमा के मशहूर अभिनेता नानी की नई फिल्म द पैराडाइज रिलीज होते ही जबरदस्त सुर्खियों में आ गई है। जहां इस फिल्म को अपने प्रदर्शन के पहले दिन सिनेमाघरों में बंपर ओपनिंग मिली, वहीं दूसरे ही दिन द पैराडाइज के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में भारी गिरावट दर्ज की गई। फिल्म के कारोबार में आई इस बड़ी गिरावट के साथ-साथ इसके ऑनलाइन रिव्यू और रेटिंग को लेकर भी एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। फिल्म के रिलीज होने के ठीक एक दिन बाद मशहूर टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म बुकमायशो पर इसकी रेटिंग और रिव्यू लिखने की सुविधा को कुछ समय के लिए डिसेबल कर दिया गया, जिससे दर्शकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
बुकिंग प्लेटफॉर्म बुकमायशो की ओर से रेटिंग के इस फीचर को बंद किए जाने के पीछे का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। दिलचस्प बात यह है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़ी फिल्म के साथ ऐसा हुआ हो। इससे पहले भी टॉक्सिक, उस्ताद भगत सिंह और मना शंकरा वरा प्रसाद गारू जैसी बहुप्रतीक्षित फिल्मों की रिलीज के वक्त भी इसी तरह की पाबंदियां देखने को मिली थीं। रेटिंग और रिव्यू को रोकने के इस कदम ने सोशल मीडिया पर इस बात की बहस तेज कर दी है कि क्या फिल्म की शुरुआती कमाई पर असर पड़ने से बचाने के लिए ऐसा किया जाता है।
फर्जी ऑनलाइन पोस्ट और कानूनी कार्रवाई का मामला
दरअसल, द पैराडाइज के निर्माताओं ने फिल्म के सिनेमाघरों में आने से पहले ही एक कानूनी रास्ता अपनाया था। 19 सितंबर 2026 को बेंगलुरु की एक स्थानीय अदालत ने फिल्म के खिलाफ चलाए जा रहे फर्जी, भ्रामक और छवि खराब करने वाले ऑनलाइन अभियानों पर रोक लगाने का आदेश जारी किया था। हालांकि, कोर्ट के इस आदेश का मुख्य उद्देश्य फिल्म की वास्तविक आलोचना को रोकना या आम दर्शकों को अपनी सच्ची राय व्यक्त करने से रोकना बिल्कुल नहीं था।
अदालत के इस आदेश के बाद इंटरनेट पर इस बात को लेकर कई तरह के कयास लगाए जाने लगे थे कि क्या इसका प्रतिकूल असर दर्शकों की वास्तविक प्रतिक्रिया पर पड़ेगा। इस विवाद पर खुद अभिनेता नानी ने सामने आकर स्थिति को स्पष्ट किया। नानी ने साफ शब्दों में कहा कि अदालत का यह फैसला किसी भी तरह से दर्शकों के वास्तविक रिव्यू को प्रभावित करने के लिए नहीं है। उनके अनुसार, यह कानूनी कार्रवाई मुख्य रूप से AI तकनीक द्वारा तैयार की गई फर्जी पोस्टों और इंटरनेट पर मौजूद बॉट खातों के जरिए फैलाए जा रहे नकारात्मक प्रचार से निपटने के लिए की गई है। नानी ने जोर देकर कहा कि आम जनता अपनी राय देने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है, और फिल्म के निर्माताओं का मकसद केवल संगठित ट्रोलिंग और फर्जी बॉट्स के हमलों से अपनी फिल्म का बचाव करना है।
कमाई में आई पचास फीसदी से ज्यादा की भारी गिरावट
सिनेमाघरों में 24 सितंबर 2026 को दस्तक देने वाली द पैराडाइज का बॉक्स ऑफिस सफर दूसरे दिन काफी चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। यद्यपि इस फिल्म ने पहले दिन बंपर कमाई करते हुए नानी के पूरे करियर की सबसे बड़ी ओपनिंग का रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कराया था, लेकिन दूसरे ही दिन इसकी कमाई में 50 प्रतिशत से अधिक की बड़ी गिरावट देखने को मिली। समीक्षकों से मिले-जुले रिव्यू मिलने के कारण फिल्म की गति धीमी पड़ गई और इसका सीधा असर शुक्रवार के कलेक्शन पर दिखाई दिया।
ट्रेड ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म सैकनिल्क द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, द पैराडाइज ने भारत में अपने दूसरे दिन महज 14.90 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इस कमाई के साथ ही फिल्म का घरेलू बॉक्स ऑफिस पर कुल कलेक्शन बढ़कर 61.15 करोड़ रुपये हो गया है। दूसरे दिन देश भर के 7,046 शो में इस फिल्म की ऑक्यूपेंसी केवल 31 प्रतिशत ही दर्ज की गई, जो दर्शाती है कि फिल्म को दर्शकों को आकर्षित करने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ रहा है।
1980 के दशक की कहानी और शानदार स्टारकास्ट
निर्देशक श्रीकांत ओडेला के मार्गदर्शन में बनी द पैराडाइज की कहानी 1980 के दशक के दौर में सेट की गई है। इस फिल्म का कथानक सिकंदराबाद की एक घनी बस्ती और वहां रहने वाले सवारी समुदाय के जीवन और उनके अधिकारों की जंग के इर्द-गिर्द बुना गया है। यह समुदाय सरकारी स्तर पर अपनी कानूनी और सामाजिक पहचान हासिल करने के लिए कड़ा संघर्ष कर रहा है, जिसमें उन्हें समाज के दबंगों, सामंती ताकतों और भेदभाव का सामना करना पड़ता है।
इस संवेदनशील और संघर्षपूर्ण कहानी को परदे पर उतारने के लिए फिल्म में अनुभवी कलाकारों का सहारा लिया गया है। मुख्य भूमिका में नानी के अलावा, फिल्म में दिग्गज अभिनेता मोहन बाबू, कायडू लोहड़, सोनाली कुलकर्णी और राघव जुयाल जैसे प्रतिभाशाली कलाकारों ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। यह फिल्म 24 सितंबर 2026 को आधिकारिक तौर पर रिलीज हुई थी, जबकि चुनिंदा शहरों में इसके विशेष प्रिव्यू शोज़ 23 सितंबर को ही आयोजित कर दिए गए थे।



















