एडरॉयट इंडस्ट्रीज (इंडिया) लिमिटेड के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी IPO को लेकर भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों में भारी उत्साह देखने को मिला है। 23 सितंबर को खुलने के बाद यह IPO 25 सितंबर को बंद हुआ था, और इन तीन दिनों के दौरान इसे बेहद मजबूत प्रतिक्रिया मिली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी के इस IPO के तहत कुल 78,72,900 शेयरों की पेशकश की गई थी, जिसके मुकाबले इसे 1,39,22,95,200 शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं। इस शानदार प्रतिक्रिया के चलते इस 151 करोड़ रुपये के पब्लिक इश्यू को कुल मिलाकर 176.85 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है।
विभिन्न श्रेणियों के निवेशकों की ओर से बंपर बोलियां
इस IPO में विभिन्न श्रेणियों के निवेशकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) की श्रेणी में सबसे अधिक आकर्षण देखा गया, जहां कुल निर्धारित कोटे के मुकाबले 332.35 गुना अधिक आवेदन प्राप्त हुए। वहीं योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) के हिस्से को भी निवेशकों ने हाथों-हाथ लिया और इस श्रेणी को 195.04 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इसके अलावा, आम रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा भी 99.81 गुना सब्सक्राइब किया गया। कंपनी ने इस IPO के लिए 126 रुपये से लेकर 134 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। हालांकि, भारी मांग को देखते हुए अब निवेशकों को ऊपरी बैंड यानी 134 रुपये प्रति शेयर की दर पर शेयर आवंटित किए जाएंगे।
इश्यू का ढांचा और प्रमोटरों की हिस्सेदारी
एडरॉयट इंडस्ट्रीज इस पब्लिक ऑफरिंग के जरिए कुल 1,12,47,000 शेयर बाजार में जारी कर रही है, जिनका कुल मूल्य 151 करोड़ रुपये है। इसे दो मुख्य हिस्सों में बांटा गया है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा नए शेयरों का है, जिसके तहत कंपनी 133 करोड़ रुपये मूल्य के 98,97,000 नए शेयर जारी करेगी। इस नए इश्यू से मिलने वाली राशि का उपयोग कंपनी अपनी व्यावसायिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए करेगी। इसके अतिरिक्त, ऑफर फॉर सेल (OFS) के माध्यम से प्रमोटर्स अपनी मौजूदा हिस्सेदारी में से 13,50,000 शेयर बेच रहे हैं, जिसका कुल मूल्य 18 करोड़ रुपये है।
रिटेल निवेशकों के लिए निवेश की सीमा
छोटे या रिटेल निवेशकों के लिए इस IPO में भाग लेने के लिए न्यूनतम और अधिकतम निवेश सीमाएं तय की गई थीं। रिटेल श्रेणी के तहत एक लॉट का आकार 111 शेयरों का निर्धारित किया गया था। इसका मतलब है कि निवेशकों को न्यूनतम एक लॉट के लिए 14,874 रुपये का निवेश करना आवश्यक था। वहीं, कोई भी रिटेल निवेशक अधिकतम 13 लॉट के लिए बोली लगा सकता था। इसके लिए उन्हें कुल 1,93,362 रुपये की राशि निवेश करनी थी, जिसके बदले उन्हें अधिकतम 1,443 शेयर मिल सकते थे।
अलॉटमेंट, रिफंड और लिस्टिंग की महत्वपूर्ण तारीखें
IPO की बोली प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब निवेशकों की नजरें शेयरों के आवंटन पर टिकी हुई हैं। सोमवार, 28 सितंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा। जिन आवेदकों को शेयर मिलेंगे, उनके डीमैट खातों में 29 सितंबर को शेयर क्रेडिट कर दिए जाएंगे। वहीं, जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिल पाएंगे, उन्हें भी 29 सितंबर को ही उनके पैसे वापस कर दिए जाएंगे। यह एक मेनबोर्ड IPO है, जिसकी शेयर बाजार में लिस्टिंग बुधवार, 30 सितंबर को होने वाली है। कंपनी के शेयर उसी दिन से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) दोनों पर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होंगे।
ग्रे मार्केट में रिकॉर्ड प्रीमियम पर ट्रेडिंग
बाजार में लिस्टिंग से पहले ही कंपनी के शेयर अनौपचारिक बाजार यानी ग्रे मार्केट में भारी बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। इस अनौपचारिक बाजार की गतिविधियों के अनुसार, 26 सितंबर को एडरॉयट इंडस्ट्रीज के शेयर 47 रुपये के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर ट्रेड कर रहे थे। इश्यू प्राइस 134 रुपये के लिहाज से देखा जाए तो यह लगभग 35.07 प्रतिशत के प्रीमियम को दर्शाता है। यह इस कंपनी के शेयरों के लिए अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है। हालांकि, वास्तविक लिस्टिंग के समय इसमें बाजार की परिस्थितियों के अनुसार बदलाव हो सकता है।



















