गुजरात में भारी-भरकम फीस के आगे झुके छात्र, 771 विद्यार्थियों ने छोड़ी आवंटित MBBS और BDS सीटेंनेशनल कैडेट कॉर्प्स से कैसे संवरता है भविष्य, जानिए तीनों सर्टिफिकेट और सेना में मिलने वाले बड़े फायदेआजादी के दौर में रचा गया 'अंगराज' महाकाव्य, जानिए सुल्तानपुर के रचनाकार आनंद कुमार त्रिपाठी का साहित्यिक सफरईरान के सात दिवसीय युद्धविराम प्रस्ताव को डोनाल्ड ट्रंप ने नकारा, अमेरिकी चुनाव के बाद नए सैन्य हमलों की आशंकारूखी त्वचा में नमी लौटाने के लिए घर पर तैयार करें जापानी चावल का पानीमुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ी सीजेपी, 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन की चेतावनीजमशेदपुर में तीन दिनों की मूसलाधार बारिश के बाद निखरा सर्किट हाउस, परिवार के साथ यादगार सैर के लिए बेहतरीन मौकाआईआईएम अहमदाबाद और बेंगलुरु में सिर्फ 99.9 परसेंटाइल से नहीं मिलेगी सीट, जानिए किन बातों से मजबूत बनता है प्रोफाइलसिख धर्म के तीसरे गुरु अमरदास जी को अमित शाह और अन्य नेताओं ने किया नमनअहमदाबाद की सड़क पर टला बड़ा हादसा, अनुपमा की जान बचाने के लिए सामने आया यह नया किरदार
नेशनल कैडेट कॉर्प्स से कैसे संवरता है भविष्य, जानिए तीनों सर्टिफिकेट और सेना में मिलने वाले बड़े फायदेकरियर
26 सित॰ 2026, 9:22 am (43 मिनट पहले)· 1

नेशनल कैडेट कॉर्प्स से कैसे संवरता है भविष्य, जानिए तीनों सर्टिफिकेट और सेना में मिलने वाले बड़े फायदे

एनसीसी सिर्फ परेड और अनुशासन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके ए, बी और सी सर्टिफिकेट सेना, पैरामिलिट्री और कॉलेज एडमिशन में करियर के कई रास्ते खोलते हैं.

स्कूल और कॉलेज के दिनों में खाकी या ऑलिव ग्रीन वर्दी पहनकर कदमताल करना हर युवा के भीतर अनुशासन और देशभक्ति की भावना भर देता है. नेशनल कैडेट कॉर्प्स यानी एनसीसी युवाओं के व्यक्तित्व को तराशने के साथ-साथ उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने का एक मजबूत जरिया है. किताबी ज्ञान के अलावा जीवन के व्यावहारिक अनुभवों को सीखने के लिहाज से यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बेहद उपयोगी साबित होता है. कई युवाओं के मन में यह संशय रहता है कि एनसीसी क्या कोई पारंपरिक पढ़ाई का कोर्स है या फिर इससे आगे चलकर सरकारी नौकरियों और सेना में सचमुच कोई सीधा फायदा मिलता है.

एनसीसी का स्वरूप और इसकी व्यावहारिक ट्रेनिंग

एनसीसी कोई सामान्य अकादमिक कोर्स या स्कूली विषय नहीं है, बल्कि यह युवाओं के लिए एक स्वैच्छिक सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम है. इसका संचालन भारत सरकार का रक्षा मंत्रालय करता है. इसमें शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं को अपनी नियमित क्लासरूम पढ़ाई के साथ-साथ हर हफ्ते कुछ घंटे विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है. इस ट्रेनिंग मॉड्यूल में मुख्य रूप से परेड, ड्रिल, हथियारों को संभालने का बुनियादी अभ्यास यानी वेपन ट्रेनिंग, मैप रीडिंग, आपदा प्रबंधन और समाज सेवा से जुड़ी गतिविधियां शामिल होती हैं. इसके अतिरिक्त कैडेट्स को साहसिक शिविरों, ट्रैकिंग और वास्तविक फायरिंग कैंप में हिस्सा लेने का व्यावहारिक अवसर भी मिलता है.

ये भी पढ़ें

तीन स्तरों पर मिलने वाले सर्टिफिकेट और उनकी अहमियत

एनसीसी के तहत कैडेट्स को उनकी ट्रेनिंग की अवधि और योग्यता के आधार पर तीन अलग-अलग प्रमाणपत्र जारी किए जाते हैं

  • ए-सर्टिफिकेट: यह प्रमाणपत्र स्कूल स्तर पर जूनियर विंग के छात्रों को दिया जाता है, जिसे आमतौर पर कक्षा 8वीं से 10वीं की पढ़ाई के दौरान पूरा किया जाता है.
  • बी-सर्टिफिकेट: यह कॉलेज अथवा सीनियर सेकेंडरी स्तर पर शुरुआती दो वर्षों का कठिन प्रशिक्षण सफलता के साथ पूरा करने पर प्रदान किया जाता है.
  • सी-सर्टिफिकेट: यह एनसीसी का सबसे प्रतिष्ठित और अहम सर्टिफिकेट माना जाता है, जो कॉलेज के अंतिम वर्ष में कड़े कैंप और लिखित व व्यावहारिक परीक्षा पास करने के बाद मिलता है.

उच्च शिक्षा और स्कॉलरशिप में मिलने वाले लाभ

एनसीसी सर्टिफिकेट हासिल करने का सीधा असर उच्च शिक्षा के अवसरों पर पड़ता है. देश के कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय और कॉलेज स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के दौरान एनसीसी कोटे के तहत विशेष वरीयता अथवा वेटेज मार्क्स प्रदान करते हैं. इसके अलावा, प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले और प्रतिष्ठित रिपब्लिक डे कैंप यानी आरडीसी में शामिल होने वाले होनहार कैडेट्स को सरकार की तरफ से विशेष छात्रवृत्तियां भी दी जाती हैं.

डिफेंस, पैरामिलिट्री और पुलिस भर्ती में सीधी छूट

रक्षा मंत्रालय और विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा एनसीसी प्रमाणपत्रों को आधिकारिक मान्यता दी गई है. यदि किसी अभ्यर्थी के पास बी या सी सर्टिफिकेट है, तो उसे भारतीय थल सेना, नौसेना, वायु सेना के अलावा सीआरपीएफ और बीएसएफ जैसे अर्धसैनिक बलों की भर्तियों में लिखित परीक्षा के दौरान बोनस अंक या विशेष छूट दी जाती है. सेना में सी-सर्टिफिकेट धारकों के लिए स्पेशल एंट्री स्कीम के तहत अवसर मिलते हैं. इसके साथ ही राज्य पुलिस बलों और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों की नियुक्तियों में भी एनसीसी कैडेट्स को पहली प्राथमिकता दी जाती है.

सवाल-जवाब

क्या एनसीसी कोई अकादमिक डिग्री या कोर्स है?
नहीं, एनसीसी कोई डिग्री या शैक्षणिक कोर्स नहीं है बल्कि रक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित एक स्वैच्छिक सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम है.
एनसीसी में कुल कितने प्रकार के सर्टिफिकेट दिए जाते हैं?
एनसीसी में तीन प्रकार के प्रमाणपत्र होते हैं: जूनियर विंग के लिए ए-सर्टिफिकेट, कॉलेज के शुरुआती वर्षों में बी-सर्टिफिकेट और अंतिम वर्ष में सी-सर्टिफिकेट.
एनसीसी सी-सर्टिफिकेट का सबसे बड़ा फायदा क्या है?
सी-सर्टिफिकेट धारकों को भारतीय सेना में स्पेशल एंट्री स्कीम का लाभ मिलता है और अन्य सुरक्षा बलों की भर्ती में बोनस अंक या परीक्षा में छूट दी जाती है.
क्या एनसीसी कैडेट्स को कॉलेज एडमिशन और स्कॉलरशिप में लाभ मिलता है?
हां, कई विश्वविद्यालय एनसीसी कोटे के तहत प्रवेश में वेटेज देते हैं और रिपब्लिक डे कैंप में शामिल होने वाले उत्कृष्ट कैडेट्स को सरकारी छात्रवृत्ति मिलती है.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Divya Reddy@divya-reddy·16 मिनट पहले

एनसीसी के फ़ायदे तो ठीक हैं, पर क्या सच में कॉलेज एडमिशन में इसके कोटे से हर किसी को ढंग की सीट मिल पाती है? ज़मीनी हक़ीक़त थोड़ी अलग दिखती है।

Arshdeep Ahluwalia@arshdeep-ahluwalia·16 मिनट पहले

दिव्या, बात सही है आपकी ज़मीनी हक़ीक़त अलग हो सकती है, पर पंजाब और हरियाणा के कॉलेजों में एनसीसी कोटे से बच्चों को फ़ायदा मिलते तो मैंने कई बार देखा है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp