सिनेमा प्रेमियों के लिए एक नया प्रोजेक्ट चर्चा में आ गया है, जिसमें अभिनेत्री तनीषा मुखर्जी लंबे अंतराल के बाद सिल्वर स्क्रीन पर मुख्य भूमिका में वापसी कर रही हैं। फिल्मकार कपिल कौस्तुभ शर्मा द्वारा निर्देशित की जा रही इस आगामी फीचर फिल्म का नाम ‘जिंदगी फिर भी खूबसूरत है’ रखा गया है। इस सिनेमाई कथा में तनीषा एक भावनात्मक और विचारशील महिला के जीवन के विभिन्न मोड़ों को पर्दे पर रूपायित करेंगी, जो जीवन के कठिन दौर और अनगिनत बदलावों से होकर गुजरती है। फिल्म के निर्देशक ने इस किरदार के लिए तनीषा को अपनी पहली प्राथमिकता बताते हुए माना कि उनके अभिनय का गहरा प्रभाव कहानी की आंतरिक शक्ति को उभारने में सक्षम है।
भावनात्मक सफर और संवेदनशील अभिनय
फिल्म के निर्देशक कपिल कौस्तुभ शर्मा का मानना है कि इस विशेष भूमिका के लिए जिस परिपक्व अभिनय की मांग थी, वह तनीषा के व्यक्तित्व से बखूबी मेल खाती है। निर्देशक के अनुसार, इस कथा के हर पहलू में यथार्थवादी भावनाएं समाई हुई हैं, जिन्हें किसी ऐसे कलाकार के जरिए ही प्रस्तुत किया जाना जरूरी था जो मानवीय रिश्तों के हर रंग को गहराई से जी सके। तनीषा का किरदार एक ऐसे लंबे दौर की दास्तान कहता है, जिसमें उम्र, अनुभव और परिस्थितियों के साथ जीवन की प्राथमिकताएं बदलती चली जाती हैं।
पारसी समाज की संस्कृति और तीन दशकों का कैनवास
इस फीचर फिल्म की पृष्ठभूमि मुख्य रूप से मुंबई महानगर की पारसी बिरादरी के इर्द-गिर्द बुनी गई है। पटकथा का दायरा तीन दशकों से भी अधिक समय में फैला है, जिसमें दर्शक 1990 के दशक से लेकर वर्ष 2025 तक के सामाजिक और पारिवारिक परिदृश्य को देख पाएंगे। फिल्म में प्रेम, हास्य और गहरे पारिवारिक सरोकारों का स्वाभाविक संगम प्रस्तुत किया गया है। कहानी के दृश्यों को प्रामाणिक बनाने के उद्देश्य से दक्षिण मुंबई में स्थित पारंपरिक पारसी घरों के साथ-साथ दादर पारसी कॉलोनी की गलियों में भी वास्तविक लोकेशंस पर शूटिंग की गई है।
प्रामाणिकता के लिए कम्युनिटी के साथ जमीनी स्तर पर काम
पर्दे पर किसी समुदाय के यथार्थ जीवन को प्रस्तुत करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है, जिसके लिए प्रोडक्शन टीम ने पारसी समाज के लोगों के साथ करीबी समन्वय बनाकर काम किया। इस प्रोजेक्ट के निर्माण के दौरान समुदाय की विशिष्ट जीवनशैली, खान-पान, सांस्कृतिक बारीकियों, बोलचाल के लहजे और स्थानीय डायलेक्ट को बारीकी से समझा गया। इस व्यापक अध्ययन का उद्देश्य यही रहा कि पारसी संस्कृति का चित्रण किसी भी प्रकार के पूर्वाग्रह या बनावटीपन से मुक्त रहे और दर्शकों को एक सजीव माहौल का अनुभव करा सके।
निर्देशन के साथ अभिनय में कपिल कौस्तुभ शर्मा का बहुआयामी रूप
इस पूरे प्रोजेक्ट की कमान कई मोर्चों पर कपिल कौस्तुभ शर्मा के ही हाथों में है। कहानी लेखन और निर्देशन के अलावा वह इसके निर्माता की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं, साथ ही मुख्य कलाकारों की सूची में भी शामिल हैं। फिल्म में कपिल खुद एक पारसी व्यक्ति का रोल कर रहे हैं, जिसका सफर विभिन्न उम्र पड़ावों को दर्शाता है। अपने किरदार के उम्रदराज हिस्से को प्रामाणिक और विश्वसनीय दिखाने के लिए उन्होंने शारीरिक बनावट और रूप-रंग में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।
अनुभवी कलाकारों की मजबूत टोली
इस फिल्म में तनीषा मुखर्जी और कपिल कौस्तुभ शर्मा के साथ कई मझे हुए थिएटर और सिनेमा कलाकारों का संगम देखने को मिलेगा। फिल्म के मुख्य कलाकारों में सुष्मिता मुखर्जी, परवीन दस्तूर, डेलनाज ईरानी और तनाज ईरानी शामिल हैं। इसके अलावा शाहरुख साइरस ईरानी, डॉली ठाकोर और अनन्या दत्ता भी इस कहानी में महत्वपूर्ण चरित्रों को जीवंत करते हुए नजर आएंगे। यह बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट सिनेमाई बारीकियों और प्रामाणिक परिवेश के दम पर दर्शकों के दिलों को छूने की तैयारी में है।

















