बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री राधिका आप्टे बहुत जल्द अपनी आगामी वेब सीरीज ‘अक्का’ में अभिनय करती दिखाई देंगी। इस बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट में उनके साथ साउथ सिनेमा की लोकप्रिय अदाकारा कीर्ति सुरेश भी मुख्य भूमिका निभा रही हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान राधिका आप्टे ने फिल्म इंडस्ट्री और कार्यस्थल पर महिलाओं के आपसी रिश्तों को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने उस पारंपरिक और रूढ़िवादी सोच को सिरे से खारिज कर दिया, जिसके तहत यह माना जाता है कि दो अभिनेत्रियां एक साथ काम करते समय अक्सर सेट पर उलझती हैं या उनके बीच मनमुटाव रहता है।
जेंडर नहीं बल्कि तालमेल है अहम
राधिका आप्टे का साफ तौर पर यह मानना है कि किसी भी कार्यस्थल का माहौल महिला या पुरुष होने से तय नहीं होता, बल्कि वहां काम करने वाले लोगों के आपसी संबंधों और तालमेल पर निर्भर करता है। उन्होंने बातचीत के दौरान इस बात पर जोर दिया कि यह धारणा पूरी तरह निराधार है कि महिलाएं एक-दूसरे के साथ तालमेल नहीं बिठा पातीं। उनका कहना था कि यदि गहराई से देखा जाए तो पुरुष अक्सर महिलाओं की तुलना में ज्यादा असुरक्षा की भावना रखते हैं। हालांकि, उनका यह भी मानना है कि यह किसी एक जेंडर की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से दो व्यक्तियों के बीच की केमिस्ट्री और सहजता पर आधारित है। हर इंसान का स्वभाव अलग होता है और कुछ लोगों के साथ बॉन्डिंग बन जाती है जबकि कुछ के साथ नहीं जम पाती।
सकारात्मक माहौल और सिस्टरहुड का अनुभव
अपने शूटिंग के अनुभवों को साझा करते हुए राधिका आप्टे ने सेट के सकारात्मक और ऊर्जावान माहौल की सराहना की। उन्होंने कैमरे के आगे और पीछे दोनों ही जगहों पर महिलाओं की मजबूत और सक्रिय भागीदारी का विशेष रूप से उल्लेख किया। उनके अनुसार, ‘अक्का’ के सेट पर पुरुष और महिलाओं की संख्या लगभग बराबर थी, जिससे वहां एक संतुलित और सहज कार्यसंस्कृति देखने को मिली। कलाकारों में भी कई महिलाएं थीं और तकनीकी तथा निर्माण से जुड़ी पर्दे के पीछे की टीम में भी महिलाओं की अच्छी खासी मौजूदगी थी। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि सेट पर एक खास तरह की सिस्टरहुड और आपसी सहयोग की भावना ने पूरे शूटिंग शेड्यूल को बेहद आरामदायक और सुखद बना दिया।
व्यावसायिक रिश्ते और व्यक्तिगत पसंद
सहकर्मियों के साथ घुलने-मिलने के विषय पर आगे बात करते हुए अभिनेत्री ने स्पष्ट किया कि किसी के साथ पेशेवर रूप से काम करने का यह कतई अर्थ नहीं है कि आप हर सहकर्मी के गहरे मित्र बन जाएं, चाहे वह पुरुष हो या महिला। उन्होंने समझाया कि कार्यस्थल पर यह बिल्कुल स्वाभाविक है कि आप हर किसी के साथ व्यक्तिगत रूप से अंतरंग न हों, लेकिन इसके बावजूद एक-दूसरे के प्रति पेशेवर आदर बनाए रखना और सौहार्दपूर्ण संबंध रखना पूरी तरह संभव है।
क्या है वेब सीरीज ‘अक्का’ की कहानी
बातचीत के अंत में उन्होंने अपनी इस आने वाली सीरीज के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। वेब सीरीज ‘अक्का’ असल में एक दिलचस्प गैंगस्टर ड्रामा है, जिसके केंद्र में महिलाएं ही मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगी। इस प्रोजेक्ट के जरिए धर्मराज शेट्टी ने निर्देशन के क्षेत्र में अपना पहला कदम रखा है, जिन्होंने खुद ही इस सीरीज की पटकथा भी लिखी है। इस कहानी की पृष्ठभूमि 1980 के दशक के दौर पर आधारित है और यह एक ऐसी काल्पनिक दुनिया को दर्शाती है जिसे पीढ़ियों से महिलाओं ने ही गढ़ा है, संचालित किया है और हर मुश्किल से सुरक्षित रखा है। यह बहुप्रतीक्षित सीरीज आगामी 30 अक्टूबर को ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर दर्शकों के लिए रिलीज की जाएगी।

















