सिनेमा जगत में आज जब किसी भी कामयाब फिल्म का अगला भाग तैयार करने की होड़ मची है, तब सुपरस्टार रजनीकांत कहानी के स्वाभाविक विस्तार को ही सबसे अहम कसौटी मानते हैं। अपने लंबे करियर में कई ऐतिहासिक ब्लॉकबस्टर फिल्में देने वाले इस दिग्गज अभिनेता ने अपनी बेहद चर्चित फिल्मों के अगले संस्करणों को ठुकराने की इनसाइड स्टोरी साझा की है। एक प्री-रिलीज कार्यक्रम के दौरान उन्होंने साफ किया कि वे केवल पिछली सफलता को भुनाने के मकसद से किसी पुरानी कहानी में दोबारा लौटने के पक्षधर बिल्कुल नहीं रहे हैं।
सीक्वल प्रस्तावों पर सख्त नजरिया
फिल्मों के अगले भाग को लेकर अपने कड़े दृष्टिकोण की चर्चा करते हुए रजनीकांत ने बताया कि वे ऐसे प्रोजेक्ट्स को लेकर हमेशा अतिरिक्त सतर्कता बरतते हैं। अतीत में जब भी उनके सामने ऐसे प्रस्ताव आए, वे यह साबित करने में विफल रहे कि पर्दे पर नया कहने के लिए वाकई कुछ शेष है। अभिनेता का मानना है कि अक्सर लेखक पिछली फिल्म के तत्वों में मामूली बदलाव करके नया संस्करण पेश करने की कोशिश करते हैं। रजनीकांत ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'आमतौर पर मुझे सीक्वल पसंद नहीं हैं।' उनके अनुसार, जब तक कहानी का विस्तार पहली कड़ी से स्वाभाविक रूप से नहीं निकलता, तब तक महज लोकप्रियता के सहारे दूसरा भाग तैयार करना बेमानी है।
'बाशा' और 'पेट्टा' के अगले भागों को क्यों किया नामंजूर
निर्माताओं ने अपनी दो ऐतिहासिक हिट फिल्मों के लिए रजनीकांत से संपर्क साधा था। दिग्गज अभिनेता ने साझा किया कि 'बाशा 2' की रूपरेखा पर उनसे चर्चा की गई थी, जिसे उन्होंने स्वीकार नहीं किया। इसी तरह निर्देशक कार्तिक सुब्बाराज ने भी विजय सेतुपति के किरदार पर आधारित कहानी के साथ 'पेट्टा 2' की योजना लेकर उनसे मुलाकात की थी। अभिनेता ने उस विचार को भी सीधे तौर पर खारिज कर दिया क्योंकि उन्हें वह खाका बिल्कुल पसंद नहीं आया। इन फैसलों से साबित होता है कि वे किसी भी लोकप्रिय फ्रैंचाइजी को जबरन खींचने के सख्त खिलाफ हैं और सिर्फ नाम भुनाने के लिए कैमरे के सामने नहीं आते।
ओटीटी पर फिल्म देखकर बदला फैसला
इस कड़े नियम के बीच निर्देशक नेल्सन दिलीपकुमार की बहुचर्चित एक्शन फिल्म का मामला बिल्कुल अलग साबित हुआ। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आने के बाद जब अभिनेता ने इस फिल्म को दोबारा देखा, तो उन्हें महसूस हुआ कि कहानी का समापन स्वाभाविक तौर पर एक नए अध्याय की जमीन तैयार करता है। क्लाइमेक्स के दौरान वर्मा के किरदार द्वारा एक बहुत बड़े आपराधिक तंत्र की ओर इशारा किए जाने वाले संवाद ने उन्हें आश्वस्त किया कि कथानक में अगले भाग के लिए पर्याप्त गुंजाइश बची है। इसी वजह से वे दूसरे भाग पर काम करने के लिए पूरी तरह राजी हुए। निर्देशक नेल्सन दिलीपकुमार उस समय पहले से एक तेलुगु फिल्म पर काम शुरू करने वाले थे, लेकिन इस कहानी की संभावनाओं को देखते हुए उन्होंने उस प्रोजेक्ट को टाल दिया और इस सीक्वल की तैयारी में जुट गए।


















