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स्टारलिंक विवाद पर कमल हासन का एलन मस्क को दो टूक जवाब, बोले कोई अरबपति देश की नीतियां तय नहीं कर सकताभारत
10 अक्तू॰ 2026, 12:24 am (45 मिनट पहले)· 1

स्टारलिंक विवाद पर कमल हासन का एलन मस्क को दो टूक जवाब, बोले कोई अरबपति देश की नीतियां तय नहीं कर सकता

अभिनेता कमल हासन ने स्टारलिंक इंटरनेट लाइसेंस को लेकर एलन मस्क की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए स्पष्ट किया कि भारत एक संप्रभु लोकतंत्र है और कोई भी अरबपति देश की नीतियां निर्धारित नहीं कर सकता।

अमेरिकी उद्योगपति और स्टारलिंक के प्रमुख एलन मस्क की ओर से भारतीय इंटरनेट लाइसेंसिंग प्रक्रिया पर उठाए गए सवालों पर अभिनेता कमल हासन ने कड़ा रुख अपनाया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मस्क के तंज का जवाब देते हुए उन्होंने साफ किया कि भारत या अमेरिका जैसे किसी भी देश के नीतिगत फैसले किसी अरबपति के दबाव में तय नहीं हो सकते। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब मस्क ने पोस्ट साझा कर दावा किया कि 165 से अधिक देशों में मंजूरी मिलने और पांच वर्षों तक सभी भारतीय नियमों का पालन करने के बावजूद स्टारलिंक को भारत में लाइसेंस नहीं मिला है, साथ ही उन्होंने अंबानी के प्रभाव को लेकर भी सवाल दागा था।

सस्ती कनेक्टिविटी और डिजिटल बराबरी की वकालत

कमल हासन ने सैटेलाइट इंटरनेट के विस्तार पर चर्चा करते हुए कहा कि भारत को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों प्रकार के सेवा प्रदाताओं के बीच खुली प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों तक अंतिम छोर तक सेवा पहुंचाने के लिए सबसे व्यावहारिक और किफायती समाधान की जरूरत है। उनका मानना है कि कम प्रति व्यक्ति आय वाले देशों में सैटेलाइट इंटरनेट का खर्च आम लोगों की जेब के अनुकूल होना चाहिए। भारी भरकम उपकरण लागत और महंगे सब्सक्रिप्शन प्लान डिजिटल खाई को पाटने के बजाय समाज में एक नया विभाजन पैदा कर सकते हैं।

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राष्ट्रीय सुरक्षा और पश्चिमी देशों के दोहरे मापदंड

दूरसंचार नेटवर्क की संवेदनशीलता पर बात करते हुए कमल हासन ने स्पष्ट किया कि भारत के लिए स्पेक्ट्रम और संचार नेटवर्क केवल व्यावसायिक संपत्ति नहीं बल्कि अत्यंत रणनीतिक बुनियादी ढांचा हैं। देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े नियमों पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने पश्चिमी देशों की दोहरी नीतियों पर भी सवाल उठाया और कहा कि जो देश अपने घरेलू उद्योगों के लिए संरक्षणवादी नीतियां अपनाते हैं, वे दूसरों को खुले बाजार का उपदेश नहीं दे सकते। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जिस प्रकार अमेरिका ने अपनी इंडस्ट्री के बचाव के लिए चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों पर 100 प्रतिशत का भारी टैरिफ लगाया और दोनों देशों ने सुरक्षा कारणों से हुआवेई पर पाबंदी लगाई, उसी तरह भारत को भी अपने घरेलू निर्माताओं और संप्रभु हितों की रक्षा का पूरा अधिकार है।

भारतनेट परियोजना और लोकतांत्रिक फैसले

कमल हासन ने भारत के दूरसंचार परिदृश्य की मजबूती और उसमें सुधार की गुंजाइश पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने 2026 की कैग ऑडिट रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि भारतनेट परियोजना में 39,888 करोड़ रुपये का निवेश होने के बाद भी सेवा के लिए तैयार ग्राम पंचायतों में से केवल 33.2 प्रतिशत ही सक्रिय हो सकीं, जिस पर एक लोकतांत्रिक समाज के तौर पर आंतरिक चर्चा और सुधार होना स्वाभाविक है। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय टेलीकॉम उद्योग की सराहना की, जिसने देश में इंटरनेट डेटा को वैश्विक स्तर पर सबसे किफायती बनाया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में रेखांकित किया कि भारत एक स्वतंत्र लोकतंत्र है और कोई उपनिवेश नहीं, जहां का भविष्य विदेशी स्वार्थों, दोहरे मानकों या किसी भी देशी अथवा विदेशी अरबपति के बजाय केवल देश की जनता तय करेगी।

सवाल-जवाब

कमल हासन ने एलन मस्क के किस बयान पर जवाब दिया?
एलन मस्क ने सवाल उठाया था कि 165 से ज्यादा देशों में मंजूरी और 5 साल नियमों का पालन करने के बाद भी स्टारलिंक को भारत में लाइसेंस क्यों नहीं मिला और क्या अंबानी देश के असली बॉस हैं।
कमल हासन का मुख्य तर्क क्या था?
उन्होंने कहा कि कोई भी अरबपति किसी देश की नीतियां तय नहीं कर सकता और भारत को राष्ट्रीय सुरक्षा तथा सस्ती कनेक्टिविटी को प्राथमिकता देनी चाहिए।
कमल हासन ने पश्चिमी देशों के किन कदमों का उदाहरण दिया?
उन्होंने अमेरिका द्वारा चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने और भारत व अमेरिका दोनों द्वारा हुआवेई पर लगाए गए प्रतिबंधों का उदाहरण दिया।
कमल हासन ने भारतनेट परियोजना के बारे में क्या आंकड़े साझा किए?
उन्होंने 2026 की कैग ऑडिट रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि 39,888 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी केवल 33.2 प्रतिशत तैयार ग्राम पंचायतें ही चालू थीं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·4 मिनट पहले

कमल हासन ने बात तो एकदम सही कही है कि कोई बाहर वाला हमारे नियम तय नहीं कर सकता, पर क्या सच में सरकार मस्क को रोकने की हिम्मत दिखाएगी?

Vikram Yadav@vikram-yadav·3 मिनट पहले

अर्जुन जी, बात तो सही है। पिछली बार जब गाँव गया था, तब वहाँ बीएसएनएल का टावर हफ़्तों बंद रहता था, मस्क या अंबानी से पहले अपने यहाँ की व्यवस्था ठीक करनी होगी।

Rohan Verma@rohan-verma·27 मिनट पहले

देश के फैसले देश की सरकारें करेंगी, कोई विदेशी अरबपति नहीं। सही बात कही कमल हासन ने।

Ravikash Gupta@ravikash·27 मिनट पहले

रोहन जी, बात तो बिल्कुल सही है। वैसे भी टेक कंपनियों और अरबपतियों का दखल अब ग्लोबल मार्केट में बहुत बढ़ गया है, खासकर क्रिप्टो और डिजिटल एसेट्स के मामले में।

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