अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में जापानी येन लगातार चुनौतियों का सामना कर रहा है, क्योंकि जापान में सरकारी बॉन्ड प्रतिफल यानी यील्ड में तेज गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिका और जापान के बीच ब्याज दरों तथा बॉन्ड यील्ड के भारी अंतर के कारण अमेरिकी डॉलर को लगातार मजबूती मिल रही है। इस मजबूत डॉलर के दम पर USD/JPY मुद्रा जोड़ी को मजबूत सहारा मिल रहा है, हालांकि मुद्रा विनिमय दर के 160 के बेहद संवेदनशील स्तर के पास पहुंचने से बाजार में आधिकारिक हस्तक्षेप की आशंकाएं भी तेजी से बढ़ गई हैं।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख और महंगाई के आंकड़ों से डॉलर को गति
अमेरिकी मुद्रा में तेजी के पीछे केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति से जुड़े अनुमान बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। ब्याज दरों की संभावनाओं पर नजर रखने वाले शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज के सीएमई फेडवॉच टूल के ताजा आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय बाजार बड़े पैमाने पर यह उम्मीद कर रहे हैं कि फेडरल रिजर्व अपनी 27 और 28 अक्टूबर को होने वाली आगामी बैठक में नीतिगत दरों को स्थिर रखेगा और उनमें कोई बदलाव नहीं करेगा। हालांकि, बाजार दिसंबर की बैठक में ब्याज दर में बढ़ोतरी की 85 प्रतिशत संभावना मानकर चल रहा है।
इसके साथ ही हाल ही में जारी हुए आर्थिक आंकड़ों ने भी मुद्रास्फीति की चिंता को दोबारा हवा दी है। शुक्रवार को सामने आए आंकड़ों से पता चलता है कि यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन की 1 साल की महंगाई की उम्मीद बढ़कर 4.7 प्रतिशत हो गई है, जो पहले 4.6 प्रतिशत दर्ज की गई थी। इसके अलावा 5 साल की अवधि के लिए महंगाई का पैमाना भी 3.4 प्रतिशत से बढ़कर 3.5 प्रतिशत पर पहुंच गया है। इन मजबूत आंकड़ों के बाद अब वैश्विक वित्तीय बाजारों की पूरी नजर अगले सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई आंकड़ों पर टिकी है, जो ब्याज दरों के भविष्य का रास्ता तय कर सकते हैं।
जापान में मौद्रिक सख्ती की धीमी रफ्तार और कर्ज की चिंता
जापान की घरेलू परिस्थितियों की बात करें तो बैंक ऑफ जापान यानी BoJ ने अपनी मौद्रिक नीति को कड़ा करने के लिए बहुत ही धीमी और क्रमिक राह चुनी हुई है। हालांकि दुनिया के अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंक अब भी सख्त मौद्रिक रुख बनाए हुए हैं, जिसके कारण जापान की तरफ से ब्याज दरों में की जाने वाली मामूली बढ़ोतरी से जापानी येन को बहुत ही सीमित सहारा मिल पा रहा है।
इसके अलावा जापान का भारी-भरकम सरकारी कर्ज का बोझ और कर्ज जुटाने की बढ़ती लागत भी निवेशकों की चिंता बढ़ा रही है। देश की वित्तीय स्थिति को लेकर पैदा हो रही इन चिंताओं के बीच प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने संकल्प जताया है कि सरकार बॉन्ड जारी करने की प्रक्रिया को पूरी तरह नियंत्रण में रखेगी। शुक्रवार को अपने बयान में प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने स्पष्ट किया कि संबंधित अधिकारी येन के उतार-चढ़ाव और महंगाई की स्थिति पर बहुत बारीकी से नजर रखेंगे और देश की आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप आवश्यक कदम उठाएंगे।
कच्चे तेल की कीमतें और कमजोर घरेलू खपत का दोहरा झटका
ऊर्जा आयात पर भारी निर्भरता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतें जापान की अर्थव्यवस्था के लिए एक और बड़ा जोखिम बनकर उभरी हैं। तेल महंगा होने से जापान का आयात बिल बढ़ रहा है, जिससे घरेलू बाजार में महंगाई का दबाव लगातार तेज हो रहा है। इसके साथ ही शुक्रवार को जारी अन्य सरकारी आंकड़ों ने खुलासा किया है कि जापान में घरेलू खर्च में लगातार नौवें महीने गिरावट दर्ज की गई है, जिसने येन की स्थिति को और ज्यादा कमजोर कर दिया है।
इन सभी प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद विदेशी मुद्रा कारोबारी USD/JPY में बहुत बड़े स्तर पर तेजी के सौदे बनाने से बच रहे हैं। मुद्रा विनिमय दर 160 के मनोवैज्ञानिक और संवेदनशील स्तर के बेहद करीब बनी हुई है, जहां अतीत में जापानी अधिकारियों की ओर से मुद्रा को सहारा देने के लिए बाजार में सीधा हस्तक्षेप देखने को मिलता रहा है। इसलिए 158.00 के आसपास की मजबूती के बावजूद सट्टेबाज सतर्कता बरत रहे हैं।
वैश्विक मुद्राओं का साप्ताहिक प्रदर्शन और अन्य बाजारों की हलचल
साप्ताहिक प्रदर्शन के लिहाज से अमेरिकी डॉलर ने अधिकांश प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अपनी बढ़त कायम रखी है, जहां यूरो के मुकाबले अमेरिकी डॉलर सबसे ज्यादा मजबूत स्थिति में नजर आया। मुद्रा हीट मैप के अनुसार बेस करेंसी और कोट करेंसी के बीच के प्रतिशत बदलावों में अमेरिकी डॉलर का दबदबा स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।
अन्य प्रमुख वैश्विक संपत्तियों और मुद्राओं के रुख पर गौर करें तो
- AUD/USD: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर की जोड़ी ने शुक्रवार को एशियाई कारोबारी सत्र में अपने साप्ताहिक निचले स्तर से वापसी करते हुए बढ़त की रफ्तार दोबारा हासिल की और 0.7000 के स्तर की ओर बढ़ने की कोशिश की। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में रात भर आई नरमी ने डॉलर को उसके 18 महीने के उच्च स्तर से नीचे रखा, जिससे इस जोड़ी को सहारा मिला। साथ ही रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया यानी RBA की तरफ से सख्त नीतिगत फैसलों की उम्मीदों ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का समर्थन किया।
- USD/JPY: घरेलू खर्च में लगातार नौवें महीने आई गिरावट के बाद यह जोड़ी 158.00 के स्तर के करीब अपनी बढ़त पर टिकी रही। हालांकि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई गिरावट और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने डॉलर के तेज उछाल को कुछ हद तक सीमित रखा है।
- सोना: सप्ताह के उच्च स्तर तक पहुंचने के शुरुआती प्रयास के बाद सोने की कीमतों में कुछ नरमी देखने को मिली और शुक्रवार को पीली धातु प्रति ट्रॉय औंस 4,200 डॉलर के नीचे फिसल गई। अमेरिकी डॉलर की मजबूत रफ्तार और विभिन्न अवधियों की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में हो रही बढ़ोतरी ने सोने में आगे की तेजी पर अंकुश लगा रखा है।



















