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राणाबाली की पृष्ठभूमि: विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की नई फिल्म के पीछे दबे 1876 के महाअकाल का सचमनोरंजन
12 सित॰ 2026, 1:41 pm (46 दिन पहले)· 12

राणाबाली की पृष्ठभूमि: विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की नई फिल्म के पीछे दबे 1876 के महाअकाल का सच

राहुल सांकृत्यायन के निर्देशन में बन रही फिल्म राणाबाली एक काल्पनिक योद्धा की कहानी पेश करती है, जो 1876 से 1878 के भीषण मद्रास अकाल की सच्ची ऐतिहासिक त्रासदी पर आधारित है।

भारतीय सिनेमा के दो चर्चित सितारे विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना एक बार फिर दर्शकों के बीच एक बड़ी पीरियड एक्शन ड्रामा फिल्म के जरिए वापसी कर रहे हैं। निर्देशक राहुल सांकृत्यायन की आगामी फिल्म 'राणाबाली' का हाल ही में टीजर जारी किया गया, जिसने सिनेमा प्रेमियों और इतिहास में रुचि रखने वाले दर्शकों का ध्यान तेजी से अपनी ओर खींचा है। फिल्म का टीजर सामने आते ही इस बात को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है कि क्या यह कहानी किसी असल स्वतंत्रता सेनानी के जीवन पर आधारित है या फिर यह महज एक काल्पनिक गाथा है। ऐतिहासिक दस्तावेजों के संदर्भ में देखें तो यह फिल्म किसी एक व्यक्ति की बायोपिक नहीं है, बल्कि यह औपनिवेशिक काल के उस सबसे काले अध्याय को जीवंत करती है, जिसने पूरे दक्षिण भारत को तबाह कर दिया था।

काल्पनिक किरदार के जरिए रायलसीमा के संघर्ष की दास्तान

फिल्म की पटकथा भले ही पूरी तरह काल्पनिक ताने-बाने पर बुनी गई हो, मगर इसका आधार औपनिवेशिक दौर की वास्तविक पृष्ठभूमि और रायलसीमा क्षेत्र के जनसंघर्ष से प्रेरित है। विजय देवरकोंडा इस फिल्म में 'राणाबाली' नाम के एक निडर और बागी तेलुगु युवक की मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। उनका यह किरदार ब्रिटिश साम्राज्य द्वारा जनता पर ढाए जा रहे जुल्मों और क्रूर व्यवस्था के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद करता है। इतिहास में 'राणाबाली' नाम का कोई दर्ज विद्रोही सेनानी नहीं मिलता, लेकिन यह किरदार उस दौर में अपनी जमीन और आत्मसम्मान के लिए उठ खड़े होने वाले अनगिनत गुमनाम लोगों का प्रतिनिधित्व करता है।

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रश्मिका मंदाना फिल्म में राणाबाली की पत्नी 'जयम्मा' का अहम किरदार निभा रही हैं। कहानी में जयम्मा केवल एक मूक गवाह नहीं हैं, बल्कि वे अंग्रेजों के खिलाफ इस खतरनाक जंग में अपने पति के कंधे से कंधा मिलाकर लड़ती और हर मोड़ पर उनका हौसला बढ़ाती दिखेंगी। वहीं, इस संघर्ष को और अधिक नाटकीय और आक्रामक बनाने के लिए हॉलीवुड के चर्चित अभिनेता अर्नोल्ड वोस्लू को मुख्य खलनायक 'सर थियोडोर हेक्टर' के रूप में शामिल किया गया है, जो औपनिवेशिक तानाशाही और बेरहम हुकूमत के चेहरे को पर्दे पर पेश करेंगे।

1876 का द ग्रेट मद्रास अकाल और अंग्रेजों की नीतियां

फिल्म 'राणाबाली' की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि 1876 से 1878 के बीच फैले भयानक 'द ग्रेट मद्रास अकाल' पर टिकी हुई है। उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्ध में आए इस विनाशकारी अकाल ने मद्रास प्रेसीडेंसी के साथ-साथ पूरे दक्षिण और पश्चिम भारत को अपनी चपेट में ले लिया था। इस तबाही की शुरुआती वजह तो मौसम की बेरुखी और भीषण सूखा था, लेकिन अंग्रेजों की संवेदनहीन और अमानवीय नीतियों ने प्राकृतिक आपदा को एक मानव निर्मित महात्रासदी में तब्दील कर दिया। उस दौर में भारत के तत्कालीन वायसराय लॉर्ड लिटन की अगुवाई वाली ब्रिटिश सरकार ने राहत कार्य चलाने के बजाय अपनी कठोर फ्री-मार्केट व्यवस्था को लागू रखा।

इस नीति का सबसे अमानवीय पहलू यह था कि जब लाखों लोग भूख और कुपोषण से तड़प-तड़पकर अपनी जान गंवा रहे थे, उस वक्त भी अंग्रेज अफसर भारत से भारी मात्रा में गेहूं और अन्य अनाज ब्रिटेन निर्यात करने में जुटे हुए थे। सार्वजनिक सहायता और रियायती दरों पर भोजन देने से इनकार कर दिया गया। ऐतिहासिक अध्ययनों और आंकड़ों के अनुसार, मद्रास प्रेसीडेंसी तथा उसके आस-पास के इलाकों में फैली इस महाआपदा के चलते करीब 1 करोड़ लोगों ने असमय अपनी जान गंवा दी थी।

टीजर में दिखा खौफनाक मंजर और बगावत की गूंज

फिल्म के आधिकारिक टीजर में उस ऐतिहासिक त्रासदी की भयावहता को बेहद संजीदगी और आक्रामकता के साथ दिखाया गया है। एक ओर लाचार आम जनता भूख से बिलखती और दाने-दाने के लिए तरसती नजर आती है, वहीं दूसरी ओर ब्रिटिश हुकूमत के क्रूर अधिकारी अनाज से लदे बड़े-बड़े गोदामों पर अपना पहरा बैठाए बैठे हैं। यही गहरा सामाजिक असंतोष और शोषण फिल्म के मुख्य नायक को हथियार उठाने पर मजबूर करता है। विजय देवरकोंडा का किरदार इसी व्यवस्था को चुनौती देते हुए ब्रिटिश सत्ता की नींव हिलाने का संकल्प लेता है। ऐतिहासिक त्रासदियों और वीरता के इस संगम को दर्शाती यह महत्वाकांक्षी फिल्म 16 अक्टूबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तय की गई है।

सवाल-जवाब

क्या फिल्म 'राणाबाली' किसी असल व्यक्ति की बायोपिक है?
नहीं, यह किसी ऐतिहासिक शख्सियत की सीधी बायोपिक नहीं है, बल्कि 1876 के मद्रास अकाल की सच्ची पृष्ठभूमि पर आधारित एक काल्पनिक कहानी है।
फिल्म में मुख्य भूमिकाएं कौन निभा रहे हैं?
विजय देवरकोंडा राणाबाली की भूमिका में हैं, रश्मिका मंदाना उनकी पत्नी जयम्मा और हॉलीवुड अभिनेता अर्नोल्ड वोस्लू विलेन सर थियोडोर हेक्टर के किरदार में हैं।
फिल्म की कहानी किस ऐतिहासिक घटना पर टिकी है?
यह कहानी 1876 से 1878 के बीच आए 'द ग्रेट मद्रास अकाल' पर आधारित है, जिसमें ब्रिटिश नीतियों के चलते करीब 1 करोड़ लोगों ने जान गंवाई थी।
फिल्म 'राणाबाली' सिनेमाघरों में कब रिलीज होगी?
यह फिल्म 16 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।
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