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श्रीदेवी के अनुशासन की मुरीद थीं हेतल यादव, 'पुकार' के सेट से जुड़े संस्मरण किए साझामनोरंजन
25 अक्तू॰ 2026, 7:57 am (3 दिन पहले)· 6

श्रीदेवी के अनुशासन की मुरीद थीं हेतल यादव, 'पुकार' के सेट से जुड़े संस्मरण किए साझा

एक्ट्रेस हेतल यादव ने अपने शुरुआती करियर के दिनों को याद करते हुए दिग्गज अभिनेत्री श्रीदेवी के साथ काम करने के अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने फिल्म 'पुकार' के सेट पर श्रीदेवी के काम के प्रति समर्पण और उनकी ईमानदारी की जमकर तारीफ की है।

एक्टिंग की दुनिया में अपनी एक खास पहचान बनाने से पहले अभिनेत्री हेतल यादव ने कोरियोग्राफर के रूप में अपने करियर का शानदार सफर शुरू किया था। इस दौरान उन्हें भारतीय सिनेमा के कई बड़े और दिग्गज कलाकारों के साथ काम करने का अनमोल अवसर प्राप्त हुआ, जिनमें महान अभिनेत्री श्रीदेवी का नाम भी शामिल है। हाल ही में हेतल ने श्रीदेवी के साथ बिताए गए उन खास और यादगार पलों को याद किया जब उनकी मुलाकात फिल्म ‘पुकार’ के सेट पर हुई थी। उन्होंने खुलकर बताया कि श्रीदेवी के काम के प्रति गजब के समर्पण और उनके पेशेवर रवैये से उन्हें कोरियोग्राफी और अभिनय के क्षेत्र में कई जरूरी और महत्वपूर्ण बातें सीखने को मिलीं।

श्रीदेवी के साथ काम करने का अनुभव और 'पुकार' का सेट

एक मीडिया संस्थान के साथ खास बातचीत के दौरान हेतल यादव ने इस बात का जिक्र किया कि वह खुद को बेहद खुशनसीब मानती हैं कि अपने लंबे और संघर्षपूर्ण करियर में उन्हें सिनेमा जगत के तमाम दिग्गज कलाकारों के साथ जुड़ने का मौका मिला। अभिनेत्री ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बताया कि उन्होंने अपने लंबे करियर के दौरान कई अलग-अलग क्षेत्रीय फिल्मों के साथ-साथ कई बड़ी कमर्शियल हिंदी फिल्मों में भी अपना योगदान दिया है। हालांकि उन्होंने इस बात को भी साफ किया कि एक कलाकार के तौर पर भले ही उन्होंने सीधे तौर पर श्रीदेवी के साथ स्क्रीन साझा न की हो, लेकिन एक निर्माता के रूप में उन्होंने बोनी कपूर के बैनर तले बनी कई फिल्मों में जरूर काम किया है।

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हेतल यादव ने श्रीदेवी की यादों को ताजा करते हुए आगे बताया कि फिल्म ‘पुकार’ के एक गाने की शूटिंग के दौरान ही उनकी पहली बार श्रीदेवी से मुलाकात हुई थी और उन्हें उनके साथ बातचीत करने का बेहतरीन मौका मिला था। उस दौर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि शायद उस समय तक श्रीदेवी की बड़ी बेटी जाह्नवी कपूर का जन्म हो चुका था। उन्होंने श्रीदेवी के व्यक्तित्व की सबसे बड़ी खासियत का जिक्र करते हुए कहा कि वह अपने काम को लेकर हद से ज्यादा अनुशासित और पूरी तरह ईमानदार थीं। जो भी लोग श्रीदेवी के करीब रहे हैं या उनके साथ काम कर चुके हैं, वे इस बात को बहुत अच्छी तरह से जानते हैं। हेतल का मानना है कि फिल्म इंडस्ट्री में आज के समय में ऐसे समर्पित और अनुशासित लोग बहुत कम ही देखने को मिलते हैं।

सिनेमा जगत में आए बदलाव और नए कलाकारों के रास्ते

अपनी बातचीत के दौरान हेतल यादव ने मौजूदा दौर और पुराने समय की फिल्म इंडस्ट्री में आए बड़े बदलावों पर भी खुलकर अपने विचार रखे। उनका स्पष्ट रूप से यह मानना है कि आज के दौर के मुकाबले पुराने समय में नए कलाकारों को अपनी जगह बनाने के लिए कहीं अधिक कड़ा संघर्ष करना पड़ता था। उन्होंने पुरानी चुनौतियों को याद करते हुए कहा कि उस समय हालात बिल्कुल अलग थे और हर कदम पर एक नए प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। हालांकि उनका यह भी कहना है कि आज के समय में भी अपनी अलग तरह की चुनौतियां और परेशानियां जरूर मौजूद हैं, लेकिन इन सबके बावजूद आज के नए युवाओं के लिए ओटीटी प्लेटफॉर्म, टेलीविजन या मुख्यधारा की फिल्मों में एंट्री करना काफी आसान हो चुका है।

अपनी बात को खत्म करते हुए उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के नए कलाकारों के लिए करियर के लिहाज से कई नए और आधुनिक रास्ते खुल चुके हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया जैसे सशक्त माध्यमों के आ जाने से अब कलाकारों के लिए दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाना और खुद को पहचान दिलाना काफी सरल हो गया है, खासकर उन उभरते हुए कलाकारों के लिए जिनके पास बड़े संसाधन या गॉडफादर नहीं हैं। आज के समय में तकनीक और अवसरों के मामले में बहुत सारी ऐसी सुविधाएं उपलब्ध हैं जो पुराने जमाने के कलाकारों के शुरुआती दिनों में बिल्कुल भी मौजूद नहीं थीं।

सवाल-जवाब

हेतल यादव ने अपने करियर की शुरुआत किस रूप में की थी?
हेतल यादव ने अभिनय की दुनिया में कदम रखने से पहले बतौर कोरियोग्राफर अपने करियर की शुरुआत की थी।
हेतल यादव की मुलाकात श्रीदेवी से किस फिल्म के सेट पर हुई थी?
हेतल यादव की मुलाकात श्रीदेवी से फिल्म ‘पुकार’ के एक गाने की शूटिंग के दौरान हुई थी।
हेतल यादव ने निर्माता के रूप में किसके साथ काम किया था?
हेतल यादव ने एक प्रोड्यूसर के तौर पर बोनी कपूर की कई फिल्मों में काम किया है।
हेतल यादव के अनुसार आज के दौर में नए कलाकारों के लिए क्या आसान हो गया है?
ओटीटी, टेलीविजन और सोशल मीडिया के माध्यम से नए कलाकारों के लिए दर्शकों के दिलों में जगह बनाना आसान हो गया है।
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टिप्पणियाँ 5

Divya Reddy@divya-reddy·2 दिन पहले

श्रीदेवी का अनुशासन और काम के प्रति समर्पण वाकई कमाल का था, आज के दौर के कलाकारों में ऐसी बात कहाँ देखने को मिलती है! हेतल यादव ने बहुत पुरानी और प्यारी यादें ताजा कर दीं, पर मन में एक सवाल यह रह गया कि क्या सेट पर श्रीदेवी कभी किसी छोटी सी बात पर भी बहुत सख्त हो जाती थीं?

Tanvi Desai@tanvi-desai·2 दिन पहले

श्रीदेवी जी का काम के प्रति अनुशासन वाकई कमाल का था। आज के दौर में ऐसे कलाकार मिलना बहुत मुश्किल है, और हेतल जी ने बिल्कुल सही बात कही है कि उस समय संघर्ष भी बहुत अलग स्तर का होता था।

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·2 दिन पहले

तनवी जी, अनुशासन की बात तो ठीक है, पर आज के दौर में भी कलाकारों का संघर्ष कम नहीं होता। बस अब कैमरे के पीछे के रास्ते थोड़े बदल गए हैं।

Aisha Khan@aisha-khan·2 दिन पहले

हेतल जी की बात से पूरी तरह सहमत होना थोड़ा मुश्किल है। आज के नए कलाकारों का संघर्ष भी कम कठिन नहीं है, बस उसका रूप बदल गया है। हर दौर की अपनी अलग चुनौतियाँ होती हैं।

Sneha Kulkarni@sneha-kulkarni·2 दिन पहले

आयशा जी, आपकी बात बिल्कुल सही है। जब मैंने 'पुकार' की शूटिंग के दौरान श्रीदेवी जी को कैमरे के सामने इतनी मेहनत करते देखा था, तभी समझ आ गया था कि अनुशासन किसे कहते हैं।

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