भारतीय सिनेमा में कई ऐसी कहानियां रही हैं जिन्होंने अलग-अलग भाषाओं की सीमाओं को पार कर दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है। जब किसी एक भाषा में कोई कहानी जबरदस्त तरीके से सफल होती है, तो फिल्म निर्माता उसे व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने के लिए नए स्वरूप में पेश करते हैं। हिंदी फिल्म जगत में अभिनेता अक्षय कुमार का करियर इस तरह के सफल प्रयोगों का एक बड़ा उदाहरण रहा है। उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा की कई चर्चित फिल्मों के आधिकारिक हिंदी रूपांतरणों में मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। इन फिल्मों की सबसे बड़ी खासियत यह रही है कि इनमें केवल मारधाड़ या केवल ठहाके नहीं थे, बल्कि हास्य, रोमांच, डरावने रहस्य, सामाजिक मुद्दे और मानवीय संघर्ष जैसे कई अलग-अलग रंग शामिल रहे हैं। आज जब दर्शक घर पर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए बेहतरीन मनोरंजन तलाशते हैं, तो उनकी यह सात फिल्में देखने की सूची में सबसे ऊपर जगह बनाती हैं।
मलयालम सिनेमा से निकली हंसी की दास्तान: हेरा फेरी
साल 2000 में बड़े पर्दे पर आई फिल्म 'हेरा फेरी' को हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार हास्य प्रस्तुतियों में गिना जाता है। इस फिल्म का निर्देशन प्रियदर्शन ने किया था। कहानी के केंद्र में तीन ऐसे सीधे-सादे लोग हैं जो गंभीर आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। मुख्य किरदारों में अक्षय कुमार के साथ परेश रावल और सुनील शेट्टी दिखाई दिए थे। तीनों किरदारों के नाम राजू, श्याम और बाबूराव हैं, जो आज भी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। एक गलत टेलीफोन कॉल के जरिए इन तीनों को फिरौती की भारी रकम हासिल करने का एक अप्रत्याशित अवसर मिलता है। इसके बाद पैदा होने वाली गलतफहमियां और अजीबोगरीब स्थितियां दर्शकों को लगातार हंसाती हैं। बहुत से लोग इस तथ्य से अनजान हैं कि यह फिल्म मूल रूप से साल 1989 की चर्चित मलयालम फिल्म 'रामजी राव स्पीकिंग' की आधिकारिक हिंदी रीमेक है। डिजिटल दर्शकों के लिए यह फिल्म अमेज़न प्राइम वीडियो और जियोहॉटस्टार पर देखने के लिए उपलब्ध है।
रहस्य और कॉमेडी का अनोखा संगम: भूल भुलैया
साल 2007 में रिलीज हुई 'भूल भुलैया' ने दर्शकों को डराने के साथ-साथ हंसाने का एक अनोखा अनुभव दिया था। निर्देशक प्रियदर्शन के मार्गदर्शन में तैयार हुई इस फिल्म में अक्षय कुमार ने डॉक्टर आदित्य श्रीवास्तव नाम के एक मनोचिकित्सक का किरदार निभाया था। उनके साथ विद्या बालन, शाइनी आहूजा और अमीषा पटेल ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई थीं। कहानी की शुरुआत तब होती है जब एक परिवार अपने पुश्तैनी महल में रहने के लिए लौटता है। वहां कदम रखते ही अजीब घटनाएं शुरू हो जाती हैं और परिवार के लोग यह मानने लगते हैं कि महल में किसी अतृप्त आत्मा का वास है। इसके बाद डॉक्टर आदित्य इस पूरे मामले की वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक तहकीकात करने पहुंचते हैं। यह दिलचस्प कहानी साल 1993 की विख्यात मलयालम फिल्म 'मनिचित्रथाझू' का आधिकारिक हिंदी रीमेक है। वर्तमान में इसे नेटफ्लिक्स और जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम किया जा सकता है।
तेलुगु एक्शन का धमाकेदार अवतार: राउडी राठौर
जो दर्शक बड़े पर्दे पर जोरदार मारधाड़ और लार्जर दैन लाइफ सिनेमा देखना पसंद करते हैं, उनके लिए साल 2012 में आई 'राउडी राठौर' एक मुकम्मल मनोरंजन साबित हुई थी। प्रभुदेवा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अक्षय कुमार ने दोहरी भूमिका निभाई थी, जबकि उनके साथ मुख्य नायिका के रूप में सोनाक्षी सिन्हा नजर आई थीं। फिल्म का ताना-बाना शिवा नाम के एक छोटे चोर के इर्द-गिर्द बुना गया है। उसकी जिंदगी में नाटकीय मोड़ तब आता है जब उसे पता चलता है कि उसका हमशक्ल असल में एक बेहद ईमानदार और जांबाज पुलिस अधिकारी है। इसके बाद कहानी में एक्शन, रोमांस और बदले का कड़ा मुकाबला देखने को मिलता है। यह फिल्म साल 2006 में आई एसएस राजामौली निर्देशित लोकप्रिय तेलुगु फिल्म 'विक्रमाकुडू' का आधिकारिक हिंदी रूपांतरण है। इस फिल्म का आनंद दर्शक अमेज़न प्राइम वीडियो पर उठा सकते हैं।
सिस्टम के भ्रष्टाचार पर सीधा प्रहार: गब्बर इज बैक
साल 2015 में रिलीज हुई फिल्म 'गब्बर इज बैक' ने समाज में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ एक तीखी और साहसी लड़ाई को पर्दे पर उतारा था। कृष के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अक्षय कुमार ने प्रोफेसर आदित्य की भूमिका निभाई थी। वह भ्रष्ट प्रशासनिक अधिकारियों और रिश्वतखोरों को सबक सिखाने के लिए एक बिल्कुल अनूठा और सख्त तरीका चुनता है। इस गुप्त अभियान के चलते पूरे सरकारी तंत्र में भारी हलचल मच जाती है। फिल्म के अन्य प्रमुख कलाकारों में करीना कपूर खान, श्रुति हासन और सुनील ग्रोवर शामिल थे। यह कहानी साल 2002 में रिलीज हुई तमिल फिल्म 'रमन्ना' पर आधारित है, जिसका लेखन और निर्देशन एआर मुरुगदॉस ने किया था। वर्तमान में यह फिल्म अमेज़न प्राइम वीडियो पर दर्शकों के लिए मौजूद है।
देश की सुरक्षा और स्लीपर सेल का खात्मा: हॉलीडे
देशभक्ति और सस्पेंस से भरी एक्शन फिल्मों में साल 2014 की 'हॉलीडे' का स्थान बेहद अहम है। इस फिल्म का निर्देशन मशहूर फिल्मकार एआर मुरुगदॉस ने किया था और इसमें अक्षय कुमार के साथ सोनाक्षी सिन्हा की जोड़ी नजर आई थी। अक्षय कुमार ने भारतीय सेना के कैप्टन विराट बख्शी का किरदार निभाया था, जो छुट्टियों के दौरान मुंबई अपने घर लौटता है। शहर में रहते हुए उसे पता चलता है कि महानगर में आतंकवादियों का एक खतरनाक स्लीपर सेल सक्रिय है जो कई बम धमाकों की योजना बना रहा है। इसके बाद विराट अपनी सैन्य सूझबूझ और साथियों के सहयोग से इस पूरे आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने के गुप्त अभियान में उतर जाता है। यह फिल्म खुद एआर मुरुगदॉस की साल 2012 की तमिल हिट फिल्म 'थुप्पाक्की' का आधिकारिक हिंदी रीमेक है। इसे अमेज़न प्राइम वीडियो और विज्ञापनों के साथ जियोहॉटस्टार पर देखा जा सकता है।
स्टार और फैन के बीच का अप्रत्याशित टकराव: सेल्फी
फिल्म 'सेल्फी' में स्टारडम और आम इंसान के आत्मसम्मान के बीच पैदा होने वाले तनाव की कहानी को रोचक तरीके से दिखाया गया है। राज मेहता के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अक्षय कुमार ने फिल्म स्टार विजय कुमार का रोल निभाया था, जबकि इमरान हाशमी ने आरटीओ अधिकारी ओम प्रकाश अग्रवाल की भूमिका अदा की थी। कहानी तब नया मोड़ लेती है जब एक सामान्य ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर एक बड़े सुपरस्टार और उसके उत्साही प्रशंसक के बीच भारी गलतफहमी पैदा हो जाती है। बात इतनी बिगड़ जाती है कि दोनों के बीच एक सार्वजनिक जंग छिड़ जाती है। इस फिल्म में नुसरत भरूचा और डायना पेंटी भी महत्वपूर्ण किरदारों में दिखाई दी थीं। यह फिल्म साल 2019 की सफल मलयालम फिल्म 'ड्राइविंग लाइसेंस' का आधिकारिक हिंदी रूपांतरण है। दर्शक इसे जियोहॉटस्टार पर देख सकते हैं।
आम आदमी के ऊंचे सपनों की उड़ान: सरफिरा
अक्षय कुमार की हालिया फिल्मों में 'सरफिरा' एक बेहद संवेदनशील और प्रेरणादायक कहानी पेश करती है। इस फिल्म का निर्देशन सुधा कोंगरा ने किया है, जिसमें राधिका मदान और परेश रावल ने भी मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। कहानी का नायक वीर म्हात्रे है, जो देश के आम नागरिकों के लिए एक बेहद सस्ती और सुलभ एयरलाइन सेवा शुरू करने का बड़ा सपना देखता है। इस महत्वाकांक्षी सफर में उसके सामने आर्थिक, प्रशासनिक और व्यक्तिगत स्तर पर अनगिनत अड़चनें आती हैं, लेकिन वह अपने इरादे से पीछे नहीं हटता। यह फिल्म साल 2020 की राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता तमिल फिल्म 'सूरराई पोटरु' का आधिकारिक हिंदी रीमेक है। उल्लेखनीय बात यह है कि मूल तमिल फिल्म का निर्देशन भी सुधा कोंगरा ने ही किया था। डिजिटल दर्शक इस प्रेरणादायक यात्रा को जियोहॉटस्टार पर देख सकते हैं।



















