हिंदी सिनेमा के जाने-माने निर्देशक संजय गुप्ता के अचानक चले जाने से उनका परिवार गहरे शोक में डूबा हुआ है। अपने पिता को अंतिम विदाई देने के लिए श्मशान घाट पहुंचीं उनकी बेटी डालिया का एक वीडियो इंटरनेट पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। इस फुटेज में वह गाड़ी के भीतर बैठी नजर आ रही हैं और बाहर खड़े कैमरामैन की तरफ उनका एक खास जेस्चर रिकॉर्ड हुआ, जिस पर सोशल मीडिया यूजर्स के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इस व्यवहार पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कई अन्य लोग शोक संतप्त परिवार की व्यक्तिगत सीमा और संवेदनशीलता का हवाला देकर उनका बचाव कर रहे हैं।
श्मशान घाट पर रिकॉर्ड हुए दृश्य और सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया
वायरल फुटेज के अनुसार, डालिया एक गाड़ी की पिछली सीट पर बैठी हुई थीं। उन्होंने कपड़े के सहारे अपना चेहरा छिपाने का प्रयास किया और उसी दौरान कैमरों की ओर उंगली से आपत्तिजनक इशारा करती दिखाई दीं। उसी क्लिप में वाहन का ड्राइवर भी उन्हें ऐसा कदम उठाने से रोकने की कोशिश करता नजर आता है। यह पूरी घटना उस समय रिकॉर्ड हुई जब पैपराजी अंतिम संस्कार के स्थल पर लगातार कवरेज कर रहे थे।
इस वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद डिजिटल मंचों पर दो अलग-अलग पक्ष बन गए हैं। एक वर्ग का मानना है कि ऐसे अवसरों पर संयम बरता जाना चाहिए, वहीं दूसरी तरफ लोग दुख के ऐसे पलों में मीडिया कैमरों की अत्यधिक आक्रामकता और परिजनों के निजी स्पेस के हनन पर गंभीर चिंता जता रहे हैं। क्लिप में यह स्पष्ट नहीं है कि इस घटना से ठीक पहले क्या घटित हुआ था या किन परिस्थितियों में यह प्रतिक्रिया सामने आई।
पिता का साझा किया गया आखिरी पारिवारिक पल
संजय गुप्ता ने दुनिया को अलविदा कहने से कुछ ही दिन पूर्व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी बेटी डालिया से जुड़ी एक बेहद आत्मीय तस्वीर पोस्ट की थी। इस फोटो में डालिया अपने आवास की डाइनिंग टेबल पर बैठकर एक विशाल लेगो सेट तैयार करती दिखाई दे रही थीं। अपनी इस पोस्ट के कैप्शन में फिल्मकार ने बेहद प्यार से लिखा था कि उनकी खाने की मेज पर अब तक का सबसे बड़ा लेगो बन रहा है। इस घरेलू पल को उनके चाहने वाले अब भावुक होकर याद कर रहे हैं।
वर्सोवा स्थित आवास में दुर्घटना और मौत का घटनाक्रम
संजय गुप्ता अपने वर्सोवा स्थित फ्लैट में बेहद गंभीर स्थिति में मिले थे। शनिवार के तड़के घर के अंदर चलते समय अचानक उनका शारीरिक संतुलन बिगड़ गया था। इसके बाद वह दीवार के नुकीले कोने से जोर से टकराए और फर्श पर गिर पड़े। सुबह के वक्त जब परिजनों ने उन्हें जमीन पर बेसुध देखा, तो तुरंत आनन-फानन में उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घर के भीतर लगे क्लोज्ड-सर्किट कैमरों की रिकॉर्डिंग में यह पूरी दुर्भाग्यपूर्ण घटना दर्ज हुई थी। सीसीटीवी फुटेज के विवरण के अनुसार, रात के लगभग 2 बजे संजय अपने ड्राइंग रूम में बैठे हुए थे। कुछ देर बाद वह पानी या किसी अन्य काम से किचन की ओर बढ़े। इसी रास्ते में उनका संतुलन बिगड़ा और उनका सिर ड्राइंग रूम तथा किचन को अलग करने वाली दीवार के कोने से टकरा गया। जमीन पर गिरने के दौरान फुटेज में पास ही उनका पालतू कुत्ता भी नजर आ रहा है। उस वक्त घर के बाकी सदस्य सो रहे थे। सुबह पत्नी, बेटे और बेटी को इस हादसे की जानकारी मिली। पुलिस ने इस पूरे मामले में दुर्घटनावश मौत की रिपोर्ट दर्ज करके विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
गैंगस्टर और थ्रिलर सिनेमा में विशिष्ट पहचान
संजय गुप्ता ने भारतीय सिनेमा जगत को एक्शन, थ्रिलर और अपराध जगत पर आधारित कई यादगार फिल्में दीं। उनकी अनूठी दृश्य शैली और गंभीर किरदारों ने बॉलीवुड में एक अलग दर्शक वर्ग तैयार किया। वह अपनी लोकप्रिय फिल्मों कांटे, शूटआउट एट लोखंडवाला, शूटआउट एट वडाला, काबिल, जज्बा, मुसाफिर और मुंबई सागा के लिए विशेष रूप से सराहे जाते रहे हैं। उनकी सिनेमाई यात्रा में मुंबई के अंडरवर्ल्ड और स्टाइलिश एक्शन की कहानियों को हमेशा एक विशिष्ट पहचान मिली।



















