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किताबें छोड़ राजनीति के मैदान में उतरीं प्रेरणा नरुका, 21 की उम्र में चुनी गईं गढ़ की सरपंचराजस्थान
1 नव॰ 2026, 11:25 am (1 घंटे पहले)· 1

किताबें छोड़ राजनीति के मैदान में उतरीं प्रेरणा नरुका, 21 की उम्र में चुनी गईं गढ़ की सरपंच

अलवर के रैणी क्षेत्र में 21 वर्षीय फिजियोथेरेपी छात्रा प्रेरणा नरुका ने 387 मतों से जीत दर्ज कर गढ़ ग्राम पंचायत की कमान संभाल ली है। महिला शिक्षा और स्थानीय विकास को आगे बढ़ाना उनकी प्रमुख कार्ययोजना है।

राजस्थान के अलवर जिले में ग्रामीण राजनीति का एक बेहद दिलचस्प और नया स्वरूप देखने को मिला है। रैणी पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाले गढ़ ग्राम पंचायत के मतदाताओं ने इस बार किसी अनुभवी चेहरे के बजाय 21 वर्ष की एक नौजवान छात्रा पर अपना भरोसा जताया है। उच्च शिक्षा हासिल कर रहीं प्रेरणा नरुका ने चुनावी मैदान में कदम रखा और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 387 मतों के अंतर से शिकस्त देकर विजय हासिल की।

पारिवारिक परिवेश और जनसेवा का सफर

सार्वजनिक जीवन और जमीनी राजनीति से प्रेरणा का जुड़ाव नया नहीं है, बल्कि यह सीख उन्हें अपने घर से ही मिली है। उनके पिता तेजवीर सिंह वर्ष 2015 में गढ़ ग्राम पंचायत के मुखिया की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। अपने पिता को ग्रामीणों की बुनियादी परेशानियां हल करते और विकास योजनाएं लागू करते देखकर प्रेरणा के भीतर लोक सेवा की गहरी समझ विकसित हुई।

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वह जयपुर में रहकर फिजियोथेरेपी पाठ्यक्रम की शिक्षा ग्रहण कर रही थीं। जब चुनावी प्रक्रिया के तहत गढ़ ग्राम पंचायत का सरपंच पद महिला वर्ग के लिए निर्धारित हुआ, तो उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा के साथ ग्रामीण विकास की बागडोर संभालने का चुनौतीपूर्ण मार्ग चुना।

विकास और महिला साक्षरता पर रहेगा जोर

चुनावी परिणाम घोषित होते ही इलाके के बाशिंदों ने अपनी युवा प्रतिनिधि का विभिन्न स्थानों पर गर्मजोशी से अभिनंदन किया। नागरिकों ने युवा सोच और नई दृष्टि पर भरोसा जताते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है।

पदभार संभालने की दिशा में आगे बढ़ते हुए नवनिर्वाचित सरपंच ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकताओं में बालिकाओं व महिलाओं की शिक्षा को बढ़ावा देना तथा गांव का सर्वांगीण बुनियादी विकास सुनिश्चित करना सबसे शीर्ष पर रहेगा।

सवाल-जवाब

प्रेरणा नरुका किस ग्राम पंचायत से सरपंच चुनी गई हैं?
वह राजस्थान के अलवर जिले की रैणी पंचायत समिति के गढ़ गांव से सरपंच चुनी गई हैं।
सरपंच चुने जाने के समय प्रेरणा नरुका की उम्र क्या है?
चुनाव जीतने के समय उनकी उम्र महज 21 वर्ष है।
चुनाव में उनकी जीत का अंतर कितना रहा?
उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ 387 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
प्रेरणा नरुका किस क्षेत्र में पढ़ाई कर रही थीं?
वह जयपुर में रहकर फिजियोथेरेपिस्ट की पढ़ाई पूरी कर रही थीं।
उनके परिवार में पहले किसने गढ़ पंचायत का प्रतिनिधित्व किया था?
उनके पिता तेजवीर सिंह वर्ष 2015 में गढ़ ग्राम पंचायत के सरपंच रह चुके हैं।
सरपंच के रूप में प्रेरणा नरुका की मुख्य प्राथमिकताएं क्या हैं?
उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में महिला शिक्षा को बढ़ावा देना और गांव का चहुंमुखी विकास कराना शामिल है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Divya Reddy@divya-reddy·अभी

पढ़ाई के साथ गाँव की जिम्मेदारी संभालना वाकई बड़ी बात है। उम्मीद है वह शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कुछ ठोस काम कर पाएँगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·20 मिनट पहले

युवाओं का राजनीति में आना अच्छा संकेत है, उम्मीद है वो गांव की तस्वीर बदलेंगी।

Ravikash Gupta@ravikash·19 मिनट पहले

अर्जुन, जयपुर में फिजियोथेरेपी की पढ़ाई छोड़ सीधे गांव की कमान संभालना वाकई बड़ा फैसला है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·42 मिनट पहले

सिर्फ 21 साल की उम्र और फिजियोथेरेपी की पढ़ाई के साथ सीधे गांव की सरकार संभालना वाकई गजब है।

Rohan Verma@rohan-verma·42 मिनट पहले

करण भाई, बात तो सही है। पर जयपुर में पढ़ाई और गांव की राजनीति, दोनों चीजें एक साथ कैसे संभालेंगी?

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