उत्तराखंड के एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा मशहूर गायक दलेर मेहंदी की सार्वजनिक आलोचना का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना के बाद से संगीत जगत और बॉलीवुड के कई कलाकार दलेर मेहंदी के समर्थन में खुलकर सामने आ चुके हैं। प्रसिद्ध गायक मीका सिंह ने भी अपने भाई दलेर मेहंदी का पक्ष लेते हुए मंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। इस पूरे विवाद के बीच अब कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की तरफ से नई प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसमें उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है।
मंत्री सुबोध उनियाल ने क्या दी सफाई?
बुधवार को मीडिया के सामने आए मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि अगर गायक की तबीयत ठीक नहीं थी, तो उन्हें इस बारे में पहले ही जानकारी दे देनी चाहिए थी और ऐसे में उन्हें मंच पर प्रस्तुति देने के लिए नहीं आना चाहिए था। मंत्री ने अपनी बात रखते हुए यह भी दावा किया कि मंच पर परफॉर्मेंस के दौरान गायक केवल लिप-सिंक कर रहे थे, जबकि असली आवाज की जगह बैकग्राउंड में संगीत बज रहा था। सुबोध उनियाल के मुताबिक, कार्यक्रम के आयोजन से जुड़े होने और एक स्थानीय जन प्रतिनिधि होने के नाते उन पर उन लोगों का लगातार दबाव था जो इस अनियमितता पर सवाल उठाना चाह रहे थे।
क्या था पूरा विवाद और घटनाक्रम?
यह पूरा मामला रविवार रात का है जब नई टिहरी क्षेत्र के नरेंद्र नगर में उत्तराखंड सरकार की ओर से एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस समारोह के दौरान जब दलेर मेहंदी अपनी प्रस्तुति दे रहे थे, तभी मंत्री सुबोध उनियाल अचानक मंच पर पहुंच गए और उन्होंने अपनी नाराजगी सबके सामने जाहिर कर दी, जिससे वहां एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। मंत्री ने उस वक्त अपनी आपत्ति जताते हुए कहा था कि दलेर मेहंदी न तो ठीक से बोल पा रहे थे और न ही ठीक ढंग से चल पा रहे थे, जिसके कारण उन्हें ऐसा लगा कि शायद गायक किसी तरह के नशे या बाहरी प्रभाव में हैं।
दलेर मेहंदी से कोई व्यक्तिगत बैर नहीं: सुबोध उनियाल
सुबोध उनियाल ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि दलेर मेहंदी देश के एक बहुत बड़े कलाकार हैं, और इसी कद को देखते हुए उन्हें कुंजापुरी मेले में विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान यह साफ हो गया था कि वे लाइव गाने के बजाय केवल औपचारिकता निभा रहे थे। मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि इस आयोजन के लिए कलाकार को 35 लाख रुपये का पूरा भुगतान एडवांस में करने के निर्देश दिए गए थे और उनके रहने के लिए होटल की बुकिंग भी पहले ही हो चुकी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दलेर मेहंदी के साथ उनकी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है और न ही उनका उद्देश्य किसी को मानसिक कष्ट देना था, लेकिन इतने बड़े और प्रतिष्ठित कलाकार को अपनी शारीरिक स्थिति का अंदाजा होने के बाद खुद ही मंच पर आने से इनकार कर देना चाहिए था।
























