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शिवलिंग पर चढ़ा प्रसाद खाना चाहिए या नहीं? देवघर बैद्यनाथ मंदिर के तीर्थ पुरोहित ने बताई बड़ी बातधर्म
22 अक्तू॰ 2026, 2:06 am (1 घंटे पहले)· 2

शिवलिंग पर चढ़ा प्रसाद खाना चाहिए या नहीं? देवघर बैद्यनाथ मंदिर के तीर्थ पुरोहित ने बताई बड़ी बात

सावन के पवित्र महीने में भगवान शिव को चढ़ाए जाने वाले प्रसाद को लेकर कई तरह की मान्यताएं हैं। देवघर बैद्यनाथ मंदिर के तीर्थ पुरोहित प्रमोद श्रृंगारी ने इस बात पर से पर्दा उठाया है कि कौन सा प्रसाद खाना चाहिए और किसे सिर पर लगाना चाहिए।

सावन का पवित्र महीना चल रहा है और इस दौरान हर तरफ भगवान शिव की आराधना की जा रही है। देश भर के सभी शिव मंदिरों में शिव भक्तों का तांता लगा हुआ है। इस विशेष पूजा के दौरान भक्त शिवलिंग पर जल, पुष्प, बेलपत्र, भांग और धतूरा जैसी चीजें अर्पित करते हैं। इसके साथ ही भगवान को भोग या प्रसाद भी चढ़ाया जाता है। ईश्वर को अर्पित किया गया यह प्रसाद बेहद पवित्र माना जाता है और ऐसी मान्यता है कि इसे ग्रहण करने से भक्तों को भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

प्रसाद खाने को लेकर क्या है असमंजस

लंबे समय से लोगों के मन में यह सवाल उठता रहा है कि क्या शिवलिंग पर चढ़ाया जाने वाला प्रसाद हर किसी को खाना चाहिए या नहीं। इस विषय पर स्पष्ट जानकारी प्राप्त करने के लिए देवघर बैद्यनाथ मंदिर के तीर्थ पुरोहित से संपर्क किया गया ताकि इस धार्मिक संशय को दूर किया जा सके।

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बैद्यनाथ मंदिर के तीर्थ पुरोहित के विचार

बैद्यनाथ मंदिर के प्रसिद्ध तीर्थ पुरोहित प्रमोद श्रृंगारी ने बातचीत के दौरान बताया कि सनातन धर्म में किसी भी देवी-देवता की पूजा के समय नैवेद्य चढ़ाना अनिवार्य माना जाता है। नैवेद्य के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। इसी प्रकार भगवान भोलेनाथ की पूजा में भी अन्य सामग्री के साथ नैवेद्य यानी प्रसाद अर्पित किया जाता है, जो अत्यधिक पवित्र और पुण्य प्रदान करने वाला होता है। इसलिए इस प्रसाद को अवश्य ग्रहण करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से बड़े से बड़े पाप भी नष्ट हो जाते हैं।

ब्रह्म हत्या जैसे पाप से मुक्ति

तीर्थ पुरोहित के अनुसार शिव पुराण में इस बात का उल्लेख मिलता है कि भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों वाले शिवलिंग के ऊपर जो प्रसाद चढ़ाया जाता है, उसे तुरंत और अवश्य खाना चाहिए। इससे ब्रह्म हत्या जैसे गंभीर पाप से भी छुटकारा मिल जाता है। विशेष रूप से ज्योतिर्लिंग पर चढ़ाए गए प्रसाद को जरूर खाना चाहिए। हालांकि, इसमें एक खास बात यह भी ध्यान रखनी होती है कि शिवलिंग पर किस स्थान पर रखे प्रसाद को नहीं खाना चाहिए, जिसका विवरण आगे दिया गया है।

चांडा का स्थान और वर्जित प्रसाद

तीर्थ पुरोहित ने जानकारी दी कि शिवलिंग के ठीक ऊपर चांडा का वास होता है। चांडा धन के देवता कुबेर के आठवें पुत्र का नाम है। यही कारण है कि जो प्रसाद सीधे शिवलिंग के ऊपर रखा जाता है, उसे कभी नहीं खाना चाहिए। वह प्रसाद भूत, पिशाच, चांडाल और राक्षसों के हिस्से का माना जाता है। हालांकि, जो प्रसाद शिवलिंग के पास यानी नीचे रखा जाता है, उसे जरूर ग्रहण करना चाहिए। वह प्रसाद अमृत के समान फलदायी होता है और जीवन में भारी पुण्य की प्राप्ति कराता है। यदि सीधे ऊपर रखे प्रसाद को गलती से कोई प्राप्त कर ले, तो उसे खाने के बजाय सिर से लगा लेना चाहिए।

सवाल-जवाब

शिवलिंग पर चढ़ाया जाने वाला प्रसाद खाना चाहिए या नहीं?
शिवलिंग के पास रखा प्रसाद खाना चाहिए, लेकिन सीधे शिवलिंग के ऊपर रखा प्रसाद नहीं खाना चाहिए।
सीधे शिवलिंग के ऊपर रखे प्रसाद को क्यों नहीं खाना चाहिए?
वहां चांडा का वास माना जाता है और वह प्रसाद भूत-प्रेतों व राक्षसों का हिस्सा माना गया है।
बैद्यनाथ मंदिर के किस पुरोहित ने यह जानकारी दी है?
यह जानकारी बैद्यनाथ मंदिर के प्रसिद्ध तीर्थ पुरोहित प्रमोद श्रृंगारी ने दी है।
शिवलिंग के पास रखा प्रसाद कैसा माना जाता है?
शिवलिंग के पास रखा प्रसाद अमृत के समान और बेहद पुण्य फल देने वाला माना जाता है।
सावन महीने में शिव मंदिरों में क्या चढ़ाया जाता है?
सावन में भक्त जल, फूल, बेलपत्र, भांग, धतूरा और प्रसाद चढ़ाते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Rajesh Kumar@rajesh-kumar·8 मिनट पहले

पिछले साल जब मैं देवघर गया था, तब प्रसाद को लेकर मन में यही कन्फ्यूजन था। पुरोहित जी ने जो नियम बताए, वो बहुत काम की बात है।

Meera Joshi@meera-joshi·29 मिनट पहले

पिछले साल जब मैं देवघर गई थी, तो मंदिर में पुजारी जी ने मुझे भी यही बात समझाई थी। हम लोग अक्सर बिना सोचे-समझे सब कुछ खा लेते हैं, पर वहाँ पता चला कि सीधे ऊपर रखे प्रसाद को सिर से लगाना होता है, खाना नहीं। छोटी-छोटी बातें हैं, पर ध्यान रखना अच्छा लगता है।

Tanvi Desai@tanvi-desai·28 मिनट पहले

मीरा जी, कुबेर के आठवें पुत्र चांडा वाली बात सच में नई थी। मैं तो आज ही जानी कि सीधे ऊपर रखा प्रसाद क्यों नहीं खाते।

Li Wei@li-wei·50 मिनट पहले

शिवलिंग पर चढ़े प्रसाद को लेकर यह भ्रम हमेशा रहता था। मंदिर के पुजारी ने साफ कर दिया कि कौन सा हिस्सा खाना है और कौन सा नहीं।

Amit Patel@amit-patel·50 मिनट पहले

अमित, बिल्कुल सही कहा! कई बार लोग बिना जानकारी के प्रसाद खा लेते हैं, अब पुजारी जी के बताने से यह उलझन हमेशा के लिए खत्म हो गई।

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