अमेरिकी बाजार में राजनीतिक विरोध के बीच शुरू किए गए एक वैकल्पिक उत्पाद के ग्राहकों को महीनों बीत जाने के बाद भी न तो उनका सामान मिला है और न ही उनके पैसे वापस किए गए हैं। वर्ष 2023 के अप्रैल महीने में जब एक स्पॉन्सर्ड सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर बाजार में माहौल गर्म था, तब जॉर्जिया राज्य के रहने वाले सेठ वेदर्स ने इस स्थिति का व्यावसायिक लाभ उठाने का निर्णय लिया। उस दौरान कुछ राजनीतिक विवाद के चलते उपभोक्ता एक खास ब्रांड से दूरी बना रहे थे और एक नए विकल्प की तलाश में थे। इसी मौके का फायदा उठाते हुए वेदर्स ने रूढ़िवादी मतदाताओं के बीच अपनी पैठ बनाने की योजना बनाई।
कंसर्वेटिव डैड ब्रांड और अल्ट्रा राइट बियर की शुरुआत
कंसर्वेटिव डैड नाम के सोशल मीडिया ब्रांड के तहत सेठ वेदर्स ने एक नए पेय पदार्थ की मार्केटिंग शुरू की जिसे अल्ट्रा राइट बियर नाम दिया गया। अपने विज्ञापनों में उन्होंने पारंपरिक ब्रांड्स पर तीखे हमले किए और दावा किया कि उनका उत्पाद पूरी तरह से राजनीतिक रूप से तटस्थ और देश के मूल्यों के अनुकूल है। विज्ञापनों के दौरान उन्होंने अन्य ब्रांड्स के डिब्बों को तोड़ते हुए उपभोक्ताओं से अपील की कि वे उन कंपनियों को पैसे देना बंद करें जिनके विचार उनके मूल्यों से मेल नहीं खाते हैं। इस आक्रामक मार्केटिंग का असर यह हुआ कि दक्षिणपंथी मीडिया में इस उत्पाद को लेकर काफी चर्चा हुई और बड़ी संख्या में लोग ऑर्डर देने लगे, हालांकि उस समय तक उत्पाद के निर्माण के लिए किसी आधिकारिक ब्रूअरी के साथ कोई पक्का अनुबंध भी नहीं हुआ था।
उत्पादन और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी शुरुआती बाधाएं
आदेश मिलने के बाद वेदर्स के सामने सबसे बड़ी चुनौती पेय पदार्थ के निर्माण और उसकी शिपिंग से जुड़ी जटिल विनियामक प्रक्रियाओं को पूरा करने की थी। विभिन्न राज्यों के अपने अलग और कड़े कानून होते हैं जिनके तहत शराब की शिपिंग बेहद कठिन होती है। इन तमाम बाधाओं के बावजूद उन्होंने दो सप्ताह के भीतर लॉरेंसविले, जॉर्जिया स्थित बिग केटल ब्रूअरी के साथ साझेदारी कर ली। उस समय छह बोतलों के एक पैक की कीमत 19.99 डॉलर रखी गई थी और यह दावा किया गया कि बिक्री का आंकड़ा दस लाख डॉलर के करीब पहुंच रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स में इस उपक्रम को एक बड़ी सफलता के रूप में दिखाया गया, लेकिन धरातल पर स्थितियां काफी अलग साबित हुईं।
ग्राहकों की शिकायतें और बेटर बिजनेस ब्यूरो की रिपोर्ट
मीडिया में प्रचार प्रसार जारी रहने के बावजूद ग्राहकों तक समय पर डिलीवरी नहीं पहुंच पाई। स्थिति यह हो गई कि अल्ट्रा राइट बियर कंपनी को बेटर बिजनेस ब्यूरो की तरफ से सबसे निचली यानी 'एफ' रेटिंग दे दी गई। ब्यूरो के रिकॉर्ड के मुताबिक कंपनी को गायब हो चुके पैकों और नगण्य ग्राहक सेवा को लेकर लगभग दो सौ शिकायतों का सामना करना पड़ा, जिनका कोई जवाब नहीं दिया गया था। उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन समीक्षाओं में अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए बताया कि विशेष संस्करण वाले उत्पादों के ऑर्डर को आने में डेढ़ साल तक का समय लग गया, जबकि कई अन्य ऑर्डर कभी पहुंचे ही नहीं। इसके बावजूद कंपनी की तरफ से अगस्त 2024 में यह दावा किया गया कि विशेष संस्करण वाले उत्पादों की बिक्री ने फिर से दस लाख डॉलर का आंकड़ा पार कर लिया है।
कानूनी शिकंजा और जॉर्जिया के अटॉर्नी जनरल की जांच
समय पर ऑर्डर न मिलने और रिफंड न किए जाने से परेशान होकर कई ग्राहकों ने जॉर्जिया के अटॉर्नी जनरल क्रिस कार के कार्यालय में अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। अदालत में दाखिल दस्तावेजों के अनुसार इस मामले में कंपनी की तरफ से कोई भी संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं दी गई, जिसके चलते अधिकारियों को औपचारिक जांच शुरू करनी पड़ी। इसके अलावा जिस ब्रूअरी के साथ अनुबंध किया गया था, वह भी दिसंबर 2023 में बंद हो चुकी थी। इस बीच सोशल मीडिया पर नाराजगी जताने वाले उपभोक्ताओं को कंपनी की तरफ से कड़े जवाब मिले। सेठ वेदर्स ने कुछ ग्राहकों की तीखी टिप्पणियों का जवाब देते हुए यहां तक कह दिया कि वे ऐसे ग्राहकों को अपनी सेवा देना ही नहीं चाहते हैं।
ट्रेडमार्क विवाद और उपभोक्ताओं की असंतुष्ट प्रतिक्रियाएं
उत्पादन और डिलीवरी से जुड़ी समस्याओं के अलावा कंपनी को कानूनी मोर्चे पर भी संघर्ष करना पड़ा। वर्ष 2024 के दौरान एक प्रमुख पेय निर्माता कंपनी ने अल्ट्रा राइट बियर के खिलाफ ट्रेडमार्क का उल्लंघन करने का मुकदमा दायर किया, क्योंकि इसके नाम में समानता पाई गई थी। इस कानूनी अड़चन को वेदर्स ने कॉर्पोरेट दबाव का नाम दिया और यह मामला अभी भी अदालतों में विचाराधीन है। न्यू जर्सी के एक कानून प्रवर्तन अधिकारी रिच एलन ने बताया कि उन्होंने साठ डॉलर से अधिक खर्च करके फाइट बियर के दो पैक खरीदे थे जो उन्हें कभी नहीं मिले। इसी तरह ओरेगन परिवहन विभाग के एक कर्मचारी पॉल रॉबर्ट्स ने भी अपने एकानोमी ऑर्डर के संबंध में कोई अपडेट न मिलने की बात कही। इन ग्राहकों का कहना है कि वे इस उत्पाद को केवल एक संग्रहणीय वस्तु के रूप में खरीदना चाहते थे और उनका इरादा इसका सेवन करने का बिल्कुल नहीं था। अब ये ग्राहक अपने पैसे वापस पाने के साथ-साथ कानूनी जवाबदेही की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की धोखाधड़ी से अन्य लोगों को बचाया जा सके।
























