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बर्लिन के जंगलों में मिले खुफिया हथियार, रूसी साजिश और रोमानिया तार की जांच में जुटी जर्मन एजेंसियांयूरोप
22 अग॰ 2026, 7:28 am (48 दिन पहले)· 0

बर्लिन के जंगलों में मिले खुफिया हथियार, रूसी साजिश और रोमानिया तार की जांच में जुटी जर्मन एजेंसियां

बर्लिन के बाहरी इलाके में मिले हथियारों के जखीरे के तार रूसी खुफिया तंत्र और लक्षित हत्याओं की साजिश से जुड़ने के बाद जर्मनी की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।

जर्मनी की राजधानी के पास स्थित जंगलों में छिपाकर रखे गए घातक हथियारों के एक गुप्त ठिकाने का पर्दाफाश होने के बाद यूरोप में हड़कंप मच गया है। देश के गृह मंत्री अलेक्जेंडर डोब्रिंड्ट ने इस बात की पुष्टि की है कि संघीय अभियोजक रोमानिया में हिरासत में लिए गए एक संदिग्ध की गहन जांच कर रहे हैं। उस पर जासूसी करने और राज्य की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाले गंभीर आपराधिक कृत्य की साजिश रचने का संदेह है। सुरक्षा अधिकारियों को अंदेशा है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़े लक्षित हमले को अंजाम देने के लिए किया जाना था। हालांकि गृह मंत्री ने सीधे तौर पर किसी देश का नाम लेने से परहेज किया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले में विदेशी ताकतों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता।

बर्लिन के बाहरी इलाके में गोपनीय तरीके से छिपाया गया था जखीरा

सुरक्षा एजेंसियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले साल अक्टूबर के महीने में जर्मनी की आंतरिक खुफिया एजेंसी को बर्लिन के बाहरी इलाके में स्थित जंगलों के भीतर हथियारों का एक संदिग्ध ठिकाना होने का सुराग मिला था। इस गोपनीय सूचना के आधार पर बर्लिन स्टेट पुलिस की सहायता से एक विशेष अभियान चलाया गया, जिसके दौरान अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर दो पिस्तौल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए। शुरुआती जांच में ही यह साफ हो गया था कि इस ठिकाने का निर्माण किसी साधारण आपराधिक गतिविधि के लिए नहीं, बल्कि राज्य के खिलाफ लक्षित हमलों की पूर्व तैयारी के तहत किया गया था।

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बरामदगी के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने सभी हथियारों को तकनीकी रूप से निष्क्रिय कर दिया ताकि वे किसी भी स्थिति में इस्तेमाल के योग्य न रहें। इसके बाद अधिकारियों ने उस पूरे इलाके को कई महीनों तक गुप्त निगरानी में रखा। पुलिस और खुफिया अधिकारी यह देखने के लिए लगातार नजर बनाए हुए थे कि हथियारों को उठाने या उनका इस्तेमाल करने कौन आता है, हालांकि इस अवधि के दौरान कोई भी व्यक्ति उस स्थान के पास आता हुआ नहीं देखा गया। गृह मंत्री अलेक्जेंडर डोब्रिंड्ट ने इस घटना को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि यह पूरा मामला इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि देश वर्तमान समय में बेहद उच्च सुरक्षा खतरे के साए में काम कर रहा है।

अंतर्राष्ट्रीय तार और रोमानिया में संदिग्ध की धरपकड़

इस साजिश की जड़ें केवल जर्मनी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसके अंतर्राष्ट्रीय संबंध भी सामने आ रहे हैं। जर्मन अभियोजक वर्तमान में रोमानिया में पकड़े गए एक संदिग्ध के खिलाफ व्यापक जांच चला रहे हैं। यह संदिग्ध रोमानिया में पार्सल बम के जरिए किए जाने वाले हमलों की साजिश के मामले में पहले से ही वहां की पुलिस हिरासत में है। जर्मन अधिकारी अब उसके प्रत्यर्पण की संभावनाओं और बर्लिन के जंगलों में मिले हथियारों के साथ उसके सीधे संबंधों का आकलन कर रहे हैं।

गृह मंत्री ने इस संदिग्ध को एक निचले स्तर का एजेंट करार दिया है और उसकी नागरिकता की जानकारी को अभी गोपनीय रखा है। जर्मन सुरक्षा एजेंसियों ने इस बात पर जोर दिया है कि चालू वर्ष के दौरान ऐसे कई निचले स्तर के गुर्गों को हिरासत में लिया जा चुका है। इन संदिग्धों में कजाकिस्तान का एक नागरिक भी शामिल है, जिससे पूछताछ के जरिए पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। जांच अधिकारियों का मानना है कि विदेशी एजेंसियां खुद सामने आने के बजाय किराए के एजेंटों का इस्तेमाल कर ऐसी हिंसक योजनाओं को अंजाम देने की कोशिश कर रही हैं।

जर्मनी में बढ़ता सुरक्षा जोखिम और रक्षा अधिकारियों पर खतरे का साया

जर्मनी के सुरक्षा तंत्र लंबे समय से इस बात की चेतावनी देते रहे हैं कि विदेशी खुफिया सेवाएं जर्मन धरती पर लक्षित हत्याओं और तोड़फोड़ की योजनाएं बना रही हैं। विशेष रूप से रक्षा उद्योग के शीर्ष अधिकारियों, रणनीतिक प्रतिष्ठानों से जुड़े विशेषज्ञों और शरण लिए हुए विपक्षी नेताओं को निशाना बनाए जाने की आशंका जताई गई है। जर्मन मीडिया रिपोर्टों में भी यह दावा किया गया है कि बर्लिन के जंगलों में बनाया गया यह हथियारों का ठिकाना मॉस्को के इशारे पर की जाने वाली हत्याओं को सुगम बनाने के मकसद से तैयार किया गया था।

जर्मनी की जमीन पर विदेशी साजिशों और हमलों के आरोप पहले भी लगते रहे हैं। हालिया घटनाक्रम ने देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था, औद्योगिक सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय सीमा निगरानी को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। खुफिया एजेंसियां अब इस बात की तहकीकात में जुटी हैं कि क्या देश के अन्य हिस्सों में भी इस तरह के गुप्त हथियारों के ठिकाने मौजूद हैं या नहीं।

सवाल-जवाब

बर्लिन के जंगलों में क्या बरामद हुआ था?
जर्मनी की खुफिया एजेंसियों को बर्लिन के बाहरी इलाके के जंगलों में छिपाकर रखी गईं दो पिस्तौल और कारतूस मिले थे।
इस मामले में रोमानिया का क्या संबंध है?
रोमानिया में पार्सल बम साजिश के आरोप में पकड़े गए एक संदिग्ध के खिलाफ जर्मन अभियोजक जासूसी और हिंसा की तैयारी की जांच कर रहे हैं।
गृह मंत्री अलेक्जेंडर डोब्रिंड्ट ने क्या बयान दिया है?
अलेक्जेंडर डोब्रिंड्ट ने कहा कि यह मामला देश में उच्च सुरक्षा खतरे को दर्शाता है और इसमें विदेशी ताकतों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता।
क्या इस साल ऐसे अन्य संदिग्ध भी पकड़े गए हैं?
हां, जर्मन अधिकारियों ने बताया कि इस साल कजाकिस्तान के एक नागरिक सहित कई निचले स्तर के एजेंटों को हिरासत में लिया गया है।
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