मध्य और पूर्वी यूक्रेन के रिहायशी इलाकों और ऊर्जा ठिकानों पर रात भर भीषण मिसाइल हमलों की लहर दौड़ गई, जिसके कारण कम से कम 15 आम नागरिकों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए। इन हमलों को वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने बेहद घिनौना हमला करार दिया है। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि चेर्निहाइव क्षेत्र के प्रिलुकी शहर में एक रिहायशी इमारत को खास तौर पर निशाना बनाया गया, जिसे उन्होंने बुधवार को 74 वर्ष के हो रहे पुतिन के जन्मदिन का तोहफा बताया। हमलों की जद में राजधानी कीव समेत ड्नीप्रो, क्रेमेनचुक, ज़ापोरिज्जिया और ओलेक्सांद्रिया जैसे कई प्रमुख शहर आए हैं। यूक्रेनी पक्ष के अनुसार, इन हमलों के दौरान कुल 70 मिसाइलें दागी गईं, जिनका मुख्य मकसद ऊर्जा ढांचे को नुकसान पहुंचाना और दर्दनाक असर दिखाना था।
यूक्रेन के विभिन्न शहरों में बचाव दल सुबह से ही मलबे के नीचे दबे लोगों की तलाश में जुटे रहे। प्रिलुकी में एक पांच मंजिला आवासीय अपार्टमेंट पर गिरी मिसाइल ने पूरी इमारत को तहस-नहस कर दिया। शुरुआती जानकारी में वहां पांच लोगों की मौत और पांच बच्चों सहित 26 लोगों के जख्मी होने की बात सामने आई थी। बाद में चेर्निहाइव ओब्लास्ट पुलिस ने स्पष्ट किया कि बचाव कर्मियों द्वारा मलबे से तीन बच्चों के शव निकाले जाने के बाद इस अकेले ठिकाने पर मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ तक पहुंच गई। मलबे के नीचे और भी लोगों के दबे होने की आशंका बनी हुई है और भारी मशीनरी के साथ आपातकालीन टीमें लगातार काम कर रही हैं। पुलिस द्वारा साझा किए गए वीडियो फुटेज में स्थानीय नागरिक और राहत दल ढह चुकी इमारत की कंक्रीट हटाकर जिंदगियां बचाने की जद्दोजहद करते दिखाई दिए।
ड्नीप्रो, क्रेमेनचुक और राजधानी कीव में नुकसान
हमलों का दायरा केवल प्रिलुकी तक सीमित नहीं रहा। ड्नीप्रो शहर में मिसाइल प्रहार के कारण पांच आवासीय इमारतों को गहरा नुकसान पहुंचा, जबकि क्रेमेनचुक में चार बहुमंजिला इमारतें हमलों की चपेट में आ गईं। इन दोनों शहरों में संयुक्त रूप से दो लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य नागरिक घायल हो गए। सार्वजनिक किए गए वीडियो में क्रेमेनचुक के रिहायशी अपार्टमेंटों के आसपास क्षतिग्रस्त गाड़ियां, बिखरा मलबा और उखड़े हुए पेड़ साफ नजर आ रहे हैं। इसके अलावा राजधानी कीव में भी दो नागरिकों की जान चली गई, और ओलेक्सांद्रिया में भी दो लोगों की मौत दर्ज की गई।
राजधानी कीव के एक घनी आबादी वाले जिले में खुले मैदान पर रूसी इस्कंदर मिसाइल का बिना फटा हिस्सा गिरा हुआ पाया गया, जिसके चारों ओर बहुमंजिला आवासीय इमारतें खड़ी हैं। राष्ट्रीय पुलिस ने जमीन पर पड़े इस विशाल मिसाइल अवशेष की तस्वीरें जारी कीं। यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली ने दावा किया कि रात के अंधेरे में दागी गई कई मिसाइलों को रास्ते में ही रोक पाना संभव नहीं हो सका। ज़ेलेंस्की ने स्वीकार किया कि यूक्रेनी सेना केवल कुछ ही मिसाइलों को मार गिराने में कामयाब रही। इसी पृष्ठभूमि में उन्होंने पश्चिमी सहयोगियों से अपने देश के लिए एयर डिफेंस पैकेज की आपूर्ति तुरंत बढ़ाने की अपील दोहराई, ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाने की रणनीति
यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक इस पूरी कार्रवाई का मुख्य निशाना देश का ऊर्जा तंत्र था। इससे पहले मॉस्को ने भी चेतावनी दी थी कि रूसी ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर यूक्रेन द्वारा किए गए प्रहारों के जवाब में वह यूक्रेन के बुनियादी ऊर्जा ढांचे पर हमलों की तीव्रता बढ़ाएगा। सर्दियों से ठीक पहले बिजली और ऊर्जा ग्रिड पर किए जाने वाले ऐसे वार देश के नागरिक जीवन को पंगु बनाने की मंशा दर्शाते हैं। हालांकि इस ताज़ा मिसाइल वर्षा पर मॉस्को की तरफ से फिलहाल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।
ज़ेलेंस्की ने यह भी बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान यूक्रेन ने पलटवार करते हुए रूस के भीतर कई ठिकानों को निशाना बनाया है। उनके अनुसार यूक्रेनी बलों ने रूस के पर्म, समारा और अस्त्राखान क्षेत्रों में चार ठिकानों पर हमले किए। इन जवाबी कार्रवाइयों में दो तेल प्रतिष्ठान और एक सैन्य प्रशिक्षण मैदान शामिल थे। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि जमीन के अलावा काला सागर में भी माकूल जवाब दिया गया है, हालांकि उन्होंने इस संबंध में विस्तार से जानकारी साझा नहीं की।
काला सागर में तेल टैंकर और मालवाहक जहाजों पर प्रहार
काला सागर के जलक्षेत्र में भी तनाव तेजी से भड़क उठा है। मंगलवार की शाम दक्षिणी रूस में काला सागर तट पर स्थित सोची के पास एक तेल टैंकर से भीषण काले धुएं का गुबार उठता देखा गया। रूसी परिवहन मंत्रालय ने बाद में जानकारी दी कि चालक रहित नौकाओं ने लाइबेरियाई ध्वज वाले अफ्रामैक्स रियो तेल टैंकर पर हमला किया था। रूसी अधिकारियों ने दावा किया कि टैंकर के चालक दल के सभी सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है। जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने वाले डेटा से पता चलता है कि यह जहाज सोमवार तक बोस्फोरस जलडमरूमध्य के दक्षिणी छोर पर लंगर डाले हुए था, जिसके बाद वह उत्तर की ओर बढ़ते हुए काला सागर में प्रविष्ट हुआ। मरीनट्रैफिक वेबसाइट के अनुसार सोमवार को 23:43 जीएमटी पर जहाज की अंतिम स्थिति काला सागर के बुल्गारियाई विशेष आर्थिक क्षेत्र में दर्ज की गई थी।
समुद्री मामलों से जुड़े बुल्गारियाई समाचार मंच मैरीटाइम.बीजी ने बताया कि अल्फा वतन नामक जहाज पर एक ड्रोन से हमला किया गया, जिसके परिणामस्वरूप वह ब्याला से 70 समुद्री मील (लगभग 130 किलोमीटर) पूर्व में समुद्र में डूब गया। इसके अतिरिक्त, बुल्गारिया के प्रधानमंत्री रुमेन रादेव ने मंगलवार को पुष्टि की कि उनके देश के विशेष आर्थिक क्षेत्र के भीतर अनाज ले जा रहे एक दूसरे नागरिक मालवाहक जहाज को भी निशाना बनाया गया। दूसरे जहाज पर सवार सभी 18 चालक दल के सदस्यों को बचा लिया गया। बुल्गारिया ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इन हमलों के पीछे किसका हाथ है। यह घटनाक्रम ऐसे वक्त में सामने आया है जब रूस ने यूक्रेन के खिलाफ सैन्य अभियानों के हिस्से के रूप में काला सागर के पूर्वी हिस्से में अपनी सक्रियता और हमले काफी तेज कर दिए हैं। मंगलवार शाम के अपने संबोधन में ज़ेलेंस्की ने इन हमलों के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया, जबकि मॉस्को ने इन घटनाओं पर कोई बयान जारी नहीं किया है।


















