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रूसी खुफिया तंत्र की साजिश को लेकर अमेरिका और लिथुआनिया ने गैरी कास्पारोव को किया सतर्कयूरोप
1 अक्तू॰ 2026, 8:03 pm (3 घंटे पहले)· 0

रूसी खुफिया तंत्र की साजिश को लेकर अमेरिका और लिथुआनिया ने गैरी कास्पारोव को किया सतर्क

शतरंज के पूर्व विश्व चैंपियन और व्लादिमीर पुतिन के मुखर आलोचक गैरी कास्पारोव को पश्चिमी सुरक्षा एजेंसियों ने जान के खतरे को लेकर आगाह किया है, जिसके बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था सख्त की गई है।

पश्चिमी देशों में शरण लेकर रह रहे रूसी सत्ता के आलोचकों पर मंडराते खतरों के बीच शतरंज के पूर्व विश्व चैंपियन गैरी कास्पारोव को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। अमेरिका में रह रहे कास्पारोव ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी और लिथुआनियाई सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें उनकी जिंदगी पर मंडरा रहे सीधे खतरे के बारे में सतर्क किया था। सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से मिली इस गंभीर चेतावनी के बाद उन्होंने अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में कड़े एहतियाती कदम उठाए हैं। यह चेतावनी ऐसे वक्त में सामने आई है जब अभियोजकों ने विदेशों में असंतुष्टों को निशाना बनाने वाले एक गुप्त नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।

क्रेमलिन से जुड़े गुप्त नेटवर्क की खुली परतें

अमेरिकी न्याय विभाग ने हाल ही में एक विस्तृत आरोप पत्र सार्वजनिक किया है, जिसमें एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह की खतरनाक साजिशों का पर्दाफाश हुआ है। जांच एजेंसियों के मुताबिक यह नेटवर्क सीधे तौर पर रूसी खुफिया एजेंसियों के इशारे पर काम कर रहा था। इस समूह का मुख्य मकसद अमेरिका और अन्य देशों में रह रहे रूसी असंतुष्टों और देश छोड़ चुके लोगों की हत्याएं और हमले आयोजित करना था। जांच दस्तावेजों में इस सिंडिकेट को आरआईएस नेटवर्क के नाम से चिन्हित किया गया है, जो कम से कम 2024 से लगातार सक्रिय बना हुआ था।

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राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सहायक अटॉर्नी जनरल जॉन ए आइजनबर्ग ने इस मामले पर कड़ा रुख जाहिर करते हुए बताया कि आरोपी एक वैश्विक हत्या नेटवर्क के तहत काम कर रहे थे। उनका दायरा सीधे अमेरिकी सीमाओं के भीतर तक फैल चुका था, जहां वे स्थानीय नागरिकों और विदेशियों को अपने जाल में फंसाकर इन हत्याओं को अंजाम दिलाने की फिराक में थे। अभियोजन पक्ष ने साजिश रचने के आरोप में पांच मुख्य सूत्रधारों के नाम सार्वजनिक किए हैं, जिनमें यूरी ख्रामीव, किरिल ख्रामीव, ओएमिस रोमागोसा दुरुथी, याइदेल डेलगाडो सुआरेज़ और एंजेल एडुआर्डो कास्त्रो शामिल हैं। कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अनुसार ये सभी पांचों आरोपी फिलहाल कानून की गिरफ्त से बाहर चल रहे हैं।

अहम हस्तियों को बनाया गया था निशाना

कास्पारोव ने अपने प्रकाशन द नेक्स्ट मूव में इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि साझा की। उन्होंने बताया कि सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें और फ्री रूस फोरम के सह-संस्थापक इवान ट्युट्रिन को व्यक्तिगत सुरक्षा बढ़ाने की सीधी हिदायत दी थी, हालांकि उन्हें स्पष्ट तौर पर यह नहीं बताया गया था कि वे सीधे निशाने पर हैं। कास्पारोव के अलावा एक अन्य प्रमुख असंतुष्ट नेता इल्या पोनोमारेव को भी गर्मियों के दौरान अमेरिकी प्रशासन ने इस संभावित खतरे से आगाह किया था।

इल्या पोनोमारेव रूसी संसद के अकेले ऐसे सांसद थे जिन्होंने साल 2014 में क्रीमिया के अवैध विलय के खिलाफ मतदान किया था, जिसके बाद उन्हें देश छोड़ना पड़ा और वे यूक्रेन में निर्वासित जीवन बिता रहे हैं। जब मॉस्को टाइम्स ने उनसे इस चेतावनी के बारे में पूछा, तो उन्होंने न तो इसकी पुष्टि की और न ही इससे इनकार किया। हालांकि पोनोमारेव ने इतना जरूर साफ किया कि यह घटनाक्रम रूस की तरफ से तनाव का एक बिल्कुल नया स्तर दिखाता है।

शतरंज की बिसात से लेकर सियासी टकराव तक

साल 2005 में पेशेवर प्रतिस्पर्धी शतरंज से संन्यास लेने के बाद कास्पारोव ने राजनीति का रुख किया था। उन्होंने रूस के भीतर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नीतियों का खुलकर विरोध करने वाले कई राजनीतिक आंदोलनों की नींव रखी। अपने राजनीतिक रुख के कारण बढ़ते दबाव को देखते हुए उन्होंने 2013 में रूस छोड़ दिया था और तब से वे कभी स्वदेश नहीं लौटे।

कास्पारोव ने अपनी सुरक्षा और भविष्य के रुख को लेकर दृढ़ संकल्प जाहिर किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा,

"मैं न तो रुकूंगा और न ही छिपूंगा, भले ही मुझे लगे कि ऐसा करना संभव है।"
इसके साथ ही उन्होंने जोड़ा कि जब तक रूस की सत्ता में पुतिन बने हुए हैं, तब तक वे या उनका परिवार पूरी तरह सुरक्षित नहीं रह सकते, और यही चिंता लाखों अन्य लोगों की भी है।

आरोपों पर रूसी प्रशासन की प्रतिक्रिया

यूक्रेन पर 2022 के पूर्ण सैन्य आक्रमण के बाद रूसी हुकूमत ने कास्पारोव को विदेशी एजेंट करार दिया था। इसके बाद साल 2024 में रूसी अधिकारियों ने उनका नाम आतंकवादियों और चरमपंथियों की आधिकारिक सूची में भी शामिल कर दिया, जिन दोनों ही तमगों को कास्पारोव सिरे से खारिज करते हैं। उधर अमेरिकी धरती पर लगे इन गंभीर आरोपों को लेकर मॉस्को ने रक्षात्मक रुख अपनाया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने आरोप पत्र सामने आने के बाद कहा कि जब तक वे किसी भी विश्वसनीय सबूत या ठोस तथ्यों को नहीं देख लेते, तब तक इन आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। स्पेनिश समाचार पत्र एल मुंडो के अनुसार, अमेरिका जाने के बाद से यह पहला मौका था जब गर्मियों के दौरान कास्पारोव की सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से कड़ा किया गया था।

सवाल-जवाब

गैरी कास्पारोव को सुरक्षा एजेंसियों ने क्या चेतावनी दी थी?
अमेरिकी और लिथुआनियाई सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें सतर्क किया था कि उनकी जान को खतरा है और उन्हें कड़े एहतियाती कदम उठाने चाहिए।
अमेरिकी न्याय विभाग ने किन लोगों के खिलाफ आरोप तय किए हैं?
न्याय विभाग ने यूरी ख्रामीव, किरिल ख्रामीव, ओएमिस रोमागोसा दुरुथी, याइदेल डेलगाडो सुआरेज़ और एंजेल एडुआर्डो कास्त्रो पर हत्या की साजिश रचने के आरोप लगाए हैं।
इस साजिश में अन्य किस नेता को सतर्क किए जाने की जानकारी सामने आई है?
2014 में क्रीमिया के विलय के खिलाफ वोट करने वाले पूर्व रूसी सांसद इल्या पोनोमारेव और फ्री रूस फोरम के सह-संस्थापक इवान ट्युट्रिन को भी सतर्क किया गया था।
रूसी सरकार ने आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि जब तक ठोस तथ्य या विश्वसनीय सबूत सामने नहीं आते, वे इन आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।
कास्पारोव ने रूस कब छोड़ा था और उन्हें किन सूचियों में डाला गया है?
कास्पारोव ने 2013 में रूस छोड़ा था। उन्हें 2022 में विदेशी एजेंट और 2024 में आतंकवादियों व चरमपंथियों की सूची में शामिल किया गया था।
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