उत्तरी अफ्रीका से उठे एक शक्तिशाली उपउष्णकटिबंधीय एंटीचक्रवात ने इटली के बड़े हिस्से में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी के कारण इटली के स्वास्थ्य अधिकारियों ने देश के लगभग सभी प्रमुख शहरों में सर्वोच्च स्तर का रेड अलर्ट घोषित कर दिया है। इस जानलेवा गर्मी के चलते स्वास्थ्य प्रशासन ने नागरिकों के लिए विशेष चेतावनी जारी करते हुए दिन के समय बाहर निकलने से बचने और घरों में रहने की सख्त सलाह दी है।
25 प्रमुख शहरों में रेड अलर्ट का विस्तार
इतालवी स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी नवीनतम आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, सप्ताहांत तक राजधानी रोम, मिलान, वेनिस और नेपल्स सहित उत्तर से दक्षिण तक फैले 19 मुख्य शहर पहले से ही रेड अलर्ट के दायरे में आ चुके थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोमवार तक देश के कुल 27 प्रमुख शहरों में से 25 शहरों को रेड अलर्ट पर रखा जाएगा।
इस आपदा चेतावनी प्रणाली के तहत केवल दो शहरों को सर्वोच्च अलर्ट से बाहर रखा गया है। इटली के मुख्य भूभाग के दक्षिणी छोर पर स्थित रेजियो कलाब्रिया और सिसिली द्वीप पर स्थित मेसिना शहर सोमवार को दूसरे सर्वोच्च स्तर यानी अंबर अलर्ट पर रहेंगे। शनिवार को देश के अधिकांश स्थानों पर तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया, जिसके बाद प्रशासन को आपातकालीन परामर्श जारी करना पड़ा।
स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देश और संभावित खतरे
स्वास्थ्य अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों और पर्यटकों को निर्देश दिए हैं कि वे सुबह 11:00 बजे से लेकर शाम 18:00 बजे तक सीधी धूप और अत्यधिक गर्मी के संपर्क में आने से बचें। इस दौरान लोगों से घरों के भीतर रहने, शारीरिक श्रम वाले कार्यों को टालने और लगातार प्रचुर मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करने की अपील की गई है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह चरम मौसम न केवल बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पुरानी बीमारियों से पीड़ित संवेदनशील लोगों के लिए जोखिम भरा है, बल्कि स्वस्थ और सक्रिय वयस्कों के लिए भी गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा कर सकता है। अत्यधिक तापमान के कारण शरीर में पानी की कमी, डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और थकावट जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं।
मजबूत होता भूमध्यसागरीय एंटीचक्रवात
इटली को झुलसा रही इस भीषण गर्मी का मुख्य कारण उत्तरी अफ्रीका से उत्पन्न होकर भूमध्य सागर के ऊपर लगातार मजबूत हो रहा उपउष्णकटिबंधीय एंटीचक्रवात है। वायुमंडल का यह उच्च दबाव वाला क्षेत्र गर्म हवा को नीचे की ओर दबाकर एक ऊष्मीय गुंबद का निर्माण कर रहा है। इसके प्रभाव से दिन के समय तापमान में भारी वृद्धि हो रही है और रात के समय भी वातावरण ठंडा नहीं हो पा रहा है।
दक्षिणी यूरोप के जंगलों में भड़की आग
इटली में जारी प्रचंड गर्मी का असर पूरे दक्षिणी यूरोप में देखा जा रहा है। फ्रांस, स्पेन, पुर्तगाल और ग्रीस के जंगलों में भीषण आग लगी हुई है, जिस पर काबू पाने के लिए दमकलकर्मी लगातार मशक्कत कर रहे हैं। हजारों हेक्टेयर में फैली यह दावानल रिहायशी इलाकों के लिए बड़ा खतरा बन गई है।
फ्रांस के दक्षिण-पूर्वी वार क्षेत्र में शुक्रवार शाम लगभग 2,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। वहां पिछले कई दिनों से नियंत्रित की जा चुकी आग तेज हवाओं और गर्मी के कारण दोबारा भड़क उठी। हालांकि, फ्रांस के दक्षिण-पश्चिमी गिरोंद क्षेत्र से राहत की खबर आई है, जहां दमकलकर्मियों ने एक विशाल दावानल पर काबू पा लिया है। इसके बाद वहां से विस्थापित किए गए लगभग 2,00,000 स्थानीय नागरिक अब अपने घरों को लौटने लगे हैं।
दूसरी ओर, स्पेन में स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। यूरोपीय संघ के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक स्पेन में 2,00,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि आग की चपेट में आकर जल चुकी है। यह आंकड़ा इस वर्ष के सामान्य औसत से लगभग पांच गुना अधिक है। इसी तरह पुर्तगाल में भी जली हुई जमीन का क्षेत्रफल सामान्य वर्षों की तुलना में काफी ज्यादा दर्ज किया गया है।
यूरोप में तेजी से बढ़ता तापमान और जलवायु संकट
कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस के आंकड़ों से खुलासा हुआ है कि यूरोप दुनिया का सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप बन गया है। यूरोप का तापमान वैश्विक औसत की तुलना में दोगुनी गति से बढ़ रहा है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण गर्मी की लहरें अब अधिक लंबी और घातक होती जा रही हैं। इसके चलते यूरोप के जल संसाधनों पर दबाव अत्यधिक बढ़ गया है और जंगलों में भीषण आग लगने की घटनाएं लगातार बार-बार दोहराई जा रही हैं।



















