बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स के मध्य क्षेत्र में स्थित सेंट जाइल्स इलाके में नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों के बीच हिंसक झड़पें और गोलीबारी तेजी से बढ़ी हैं। अंतरराष्ट्रीय मिडी रेलवे स्टेशन के बेहद करीब स्थित इस खूबसूरत और व्यस्त रिहायशी इलाके में, जहां रोजाना लंदन और पेरिस से बड़ी संख्या में यात्री ट्रेनों के जरिए पहुंचते हैं, आम नागरिकों और स्थानीय दुकानदारों को अब रोजमर्रा की जिंदगी में गोलियों की तड़तड़ाहट का सामना करना पड़ रहा है। बीते सोमवार की रात सेंट जाइल्स के एक प्रमुख चौराहे पर स्थित साल्वातोरे के पिज्जेरिया में अचानक हुई गोलीबारी ने पूरे इलाके को दहला दिया। जिस वक्त यह हमला हुआ, उस समय रेस्तरां के बाहर बने टेरेस पर कई परिवार अपने बच्चों के साथ खाना खा रहे थे। गोलियों की तेज आवाज सुनते ही लोग जान बचाने के लिए तुरंत जमीन पर लेट गए। इस गोलीबारी के बाद रेस्तरां की बाहरी दीवारों और डाइनिंग एरिया में गोलियों के निशान साफ तौर पर देखे जा सकते हैं। गौरतलब है कि पिछले महज तीन दिनों के भीतर इस छोटे से रिहायशी मोहल्ले में गोलीबारी की यह तीसरी घटना है।
इलाके में बढ़ती गोलीबारी और सार्वजनिक सुरक्षा का संकट
सेंट जाइल्स और ब्रसेल्स के आसपास के अन्य इलाकों में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर वर्चस्व कायम करने के लिए प्रतिद्वंद्वी गिरोहों की हिंसा में अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राजधानी ब्रसेल्स में साल 2025 के दौरान ड्रग्स तस्करी से जुड़ी 100 से अधिक गोलीबारी की वारदातें दर्ज की गई थीं, जबकि चालू वर्ष में अब तक 65 से ज्यादा गोलीबारी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अपने पिज्जेरिया में हुई हिंसक घटना से स्तब्ध रेस्तरां संचालक साल्वातोरे ने सुरक्षा हालात पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे लोग किसी अमेरिकी गैंगस्टर फिल्म में जी रहे हों और हिंसा का यह खूनी दौर अब हर हाल में बंद होना चाहिए। सोमवार को हुई इस वारदात से ठीक एक दिन पहले इसी सड़क पर एक संदिग्ध ड्रग डीलर को पैर में गोली मारी गई थी।
जिस स्थान पर संदिग्ध तस्कर को गोली मारी गई थी, ठीक उसी जगह सड़क के दूसरी तरफ 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला मुरिएल अपने पालतू कुत्ते चेवा के साथ बैठी नजर आती हैं। उस स्थान पर पीड़ित का सूखा हुआ खून अब भी फुटपाथ पर साफ दिखाई दे रहा है। मुरिएल बताती हैं कि वे लंबे समय से इसी मोहल्ले में रह रही हैं और यह क्षेत्र शहर के भीतर एक शांत और सुंदर गांव जैसा हुआ करता था। उनके अनुसार, पहले इस इलाके में नशीले पदार्थ बेचने वाले तस्कर अपेक्षाकृत शालीन व्यवहार करते थे और जब उन्हें थोड़ा दूर जाकर खड़े होने को कहा जाता था तो वे बुजुर्गों की बात मान लेते थे। हालांकि, बीते छह महीनों में स्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। नशीले पदार्थों का कारोबार अब बेहद तीव्र और बेखौफ हो गया है। दिन के उजाले में खुलेआम ड्रग्स बेचे जा रहे हैं और कई बार खरीदारों की लंबी कतारें लगी दिखाई देती हैं। इस इलाके में सबसे गरीब तबके के बीच बेहद सस्ते और घातक नशीले पदार्थ क्रैक की खपत काफी बढ़ गई है, जिसे लेकर अब आपराधिक गिरोह इस प्राइम स्पॉट पर कब्जे के लिए आपस में खूनखराबा कर रहे हैं। यहां तक कि इलाके में पहुंचने के महज 5 मिनट के भीतर ही तस्करों और खरीदारों के बीच हाथ मिलाने के बहाने नशीले पदार्थों का लेन-देन होते हुए देखा जा सकता है।
ड्रग्स तस्करों की बंपर कमाई और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति नेटवर्क
ब्रसेल्स के विभिन्न इलाकों में नशीले पदार्थों की बिक्री के प्राइम स्पॉट्स पर कब्जे को लेकर चल रही इस खूनी जंग के पीछे मोटी कमाई मुख्य वजह है। ब्रसेल्स साउथ पुलिस के प्रमुख जुर्गन डी लैंडशीर के अनुसार, राजधानी में ड्रग्स बिक्री का एक सफल और प्रमुख हॉटस्पॉट तस्करों को रोजाना 50,000 यूरो (लगभग 58,000 अमेरिकी डॉलर या 43,000 ब्रिटिश पाउंड) या उससे भी अधिक की शुद्ध कमाई कराता है। पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पूरे ब्रसेल्स शहर में इस समय नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के 200 से भी ज्यादा एक्टिव ठिकाने बने हुए हैं। इतने बड़े पैमाने पर होने वाले रोजाना के नकदी कारोबार ने गिरोहों के बीच प्रतिस्पर्धा को बेहद हिंसक और घातक बना दिया है।
भौगोलिक दृष्टि से बेल्जियम पूरे यूरोपीय महाद्वीप में नशीले पदार्थों की आपूर्ति का एक मुख्य केंद्र बन चुका है। यूरोप के प्रमुख समुद्री बंदरगाहों के जरिए भारी मात्रा में कोकीन की तस्करी की जाती है। ब्रसेल्स से महज 40 किलोमीटर (25 मील) की दूरी पर स्थित एंटवर्प बंदरगाह पर पिछले कुछ वर्षों के दौरान सीमा शुल्क अधिकारियों और पुलिस ने रिकॉर्ड मात्रा में कोकीन की जब्ती की है। एंटवर्प के रास्ते आने वाला नशीला पदार्थ ब्रसेल्स के अवैध बाजारों तक आसानी से पहुंच रहा है। पुलिस प्रमुख जुर्गन डी लैंडशीर ने बताया कि ब्रसेल्स के आपराधिक गिरोह अब फ्रांस के प्रमुख बंदरगाह शहर मार्सिले में इस्तेमाल किए जाने वाले हिंसक तरीकों को अपना रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ब्रसेल्स में अभी मार्सिले जैसी भयावह स्थिति नहीं पैदा हुई है। उन्होंने कहा कि ब्रसेल्स में पुलिस के लिए कोई भी इलाका 'नो-गो जोन' नहीं है और पुलिस हर मोहल्ले में गश्त करती है। प्रशासन का पूरा प्रयास है कि शहर को मार्सिले जैसी स्थिति में जाने से रोका जाए।
पुलिस स्टेशन पर स्वचालित हथियारों से सीधा हमला
ब्रसेल्स में जारी इस गैंगवार में हिंसा उस समय एक बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गई, जब आपराधिक तत्वों ने सीधे कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली पुलिस एजेंसी को अपना निशाना बनाया। बीते सप्ताहांत एक पुलिस स्टेशन पर हुए हमले के सीसीटीवी फुटेज ने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया। फुटेज में दिखाई देता है कि एक स्कूटर पर सवार होकर दो नकाबपोश युवक पुलिस स्टेशन की इमारत के ठीक सामने रुकते हैं। उनमें से एक हमलावर के पास एके-47 जैसा भारी स्वचालित हथियार होता है, जिससे वह पुलिस स्टेशन के मुख्य दरवाजे पर कई राउंड अंधाधुंध गोलियां बरसाता है। वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद दोनों हमलावर स्कूटर पर सवार होकर मौके से फरार हो जाते हैं। ब्रसेल्स के इतिहास में यह पहला मौका है जब अपराधियों ने प्रतिद्वंद्वी गिरोहों के बजाय सीधे पुलिस स्टेशन को निशाना बनाया है।
पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि संगठित अपराध से जुड़े सरगना अब हिंसा फैलाने के लिए बेहद कम उम्र के बच्चों और किशोरों का इस्तेमाल कर रहे हैं। गिरोह के बड़े तस्कर युवाओं को महज कुछ सौ यूरो का लालच देते हैं और उन्हें एके-47 जैसे घातक और भारी हथियार थमाकर किसी की हत्या करने या पैर में गोली मारने का काम सौंपते हैं। पुलिस प्रमुख जुर्गन डी लैंडशीर ने बताया कि उनकी टीम ने हथियारों से जुड़े इन अपराधों में शामिल ऐसे बच्चों को भी गिरफ्तार किया है जिनकी उम्र महज 12 साल है। इतनी कम उम्र के अप्रशिक्षित बच्चों के हाथों में स्वचालित हथियार होना पूरे समाज और आम नागरिकों के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है, क्योंकि किसी भी वक्त भटक कर आने वाली अंधी गोली (स्ट्रे बुलेट) किसी बेकसूर की जान ले सकती है।
सरकारी तंत्र की जवाबी कार्रवाई और सामाजिक सुधार की जरूरत
लगातार बढ़ती गोलीबारी की घटनाओं और जनता में फैलते जनाक्रोश को देखते हुए बेल्जियम सरकार ने कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया है। बृहस्पतिवार को बेल्जियम के गृह मंत्री ने घोषणा की कि हिंसा से बुरी तरह प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 40 अतिरिक्त पुलिस अधिकारियों की तत्काल तैनाती की जा रही है। हालांकि, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती का स्वागत करते हुए ब्रसेल्स साउथ पुलिस प्रमुख जुर्गन डी लैंडशीर ने स्वीकार किया कि केवल पुलिस कार्रवाई और दमनकारी नीतियों से इस गंभीर संकट को पूरी तरह हल नहीं किया जा सकता। उन्होंने बल देकर कहा कि समाज को दमन के बजाय रोकथाम पर ध्यान देना होगा। हमें इन भटके हुए युवाओं को अपराध के रास्ते से हटाकर बेहतर भविष्य, शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करने होंगे, जो कि इस समस्या का एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहलू है।
सेंट जाइल्स इलाके में रहने वाले नागरिक और व्यापारी अब इस निरंतर हिंसा से बुरी तरह परेशान हो चुके हैं। साल्वातोरे का कहना है कि इलाके में गोलियों के खौफ से लोग रात में सो नहीं पा रहे हैं, कई लोग यहां से मकान बेचकर दूसरी जगह जाने की बात कर रहे हैं और संपत्ति के दाम तेजी से गिर रहे हैं। इसके बावजूद, मुरिएल जैसी बुजुर्ग नागरिक उम्मीद जताती हैं कि बुरा दौर जल्द बीत जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय निवासी अपराधियों की धमकी और हिंसा से डरने वाले नहीं हैं और वे सामान्य जीवन जीते हुए अपने खूबसूरत मोहल्ले की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए एकजुट रहेंगे। कानून प्रवर्तन एजेंसियां शहर के संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा रही हैं ताकि नशीले पदार्थों के इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।



















