साइप्रस के एक रिसॉर्ट में छुट्टियां मनाने पहुंचे एक ब्रिटिश परिवार पर उस वक्त दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब उनका दो साल का मासूम बेटा होटल की चौथी मंजिल की खिड़की से नीचे गिर गया। करीब 40 फीट (12.1 मीटर) की ऊंचाई से नीचे गिरने के कारण बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। इस दुखद हादसे के मामले में स्थानीय अदालत ने 37 वर्षीय पिता को लापरवाही, उतावलेपन और खतरनाक कृत्य के जरिए जान लेने का दोषी ठहराते हुए 3,000 यूरो (करीब 2,500 पाउंड) के जुर्माने की सजा सुनाई है।
हॉलिडे के पहले ही दिन हुआ दिल दहला देने वाला हादसा
इंग्लैंड के एसेक्स के रहने वाले फॉस्टर पेशे से ऑडिटर हैं। वह अपनी पत्नी, दो बच्चों और सास-ससुर के साथ साइप्रस के क्लोराकॉस इलाके में स्थित फाइव-स्टार किंग एवेलथॉन बीच होटल एंड रिसॉर्ट में छुट्टियां मनाने पहुंचे थे। 12 जुलाई को यह पूरा परिवार होटल पहुंचा था और कुछ ही घंटों पहले उन्होंने वहां चेक-इन किया था। परिवार ने दोपहर में अलग-अलग गतिविधियों का आनंद लिया और स्विमिंग पूल में समय बिताया। शाम के वक्त सभी लोग रात के डिनर के लिए तैयार हो रहे थे, तभी यह अप्रत्याशित घटना घटी।
लिफ्ट के पास खिड़की पर बच्चे को बैठाना पड़ा भारी
अदालत की सुनवाई के दौरान वकील एलेक्जेंड्रोस एलेक्जेंड्रोउ ने बताया कि शाम लगभग 18:00 बजे फॉस्टर, उनके ससुर और दो साल का बेटा लिफ्ट की ओर जा रहे थे। रास्ते में पिता अपने बेटे के साथ खेल रहे थे। जैसे ही वे लिफ्ट के करीब पहुंचे, बच्चे का ध्यान बाहर दिख रहे वॉटरपार्क पर गया। पिता ने लिफ्ट का बटन दबाया और बच्चे को बाहर का नजारा दिखाने के लिए खिड़की की चौखट (विंडोसिल) पर बैठा दिया। इसके बाद पलक झपकते ही ऐसी अकल्पनीय घटना घटी कि पिता को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
पुलिस को दिए गए अपने स्वैच्छिक बयान में फॉस्टर ने बताया कि जैसे ही उन्होंने बच्चे को विंडोसिल पर रखा, वह अचानक संतुलन खोकर नीचे गिर गया। वह बच्चे को पकड़ पाते, उससे पहले ही वह उनकी पहुंच से दूर हो चुका था। जिस खिड़की से यह हादसा हुआ, वह 2.85 मीटर (लगभग 9.3 फीट) चौड़ी और 1.2 मीटर (लगभग 3.9 फीट) ऊंची थी।
अस्पताल में डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित किया
घटना की सूचना मिलने पर शाम करीब 18:40 बजे पुलिस को अज्ञात परिस्थितियों में एक बच्चे के ऊंचाई से गिरने की जानकारी दी गई। गंभीर रूप से घायल मासूम को आनन-फानन में पैफोस जनरल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के फौरन बाद फॉस्टर को हिरासत में ले लिया गया था और उन्हें आठ दिनों तक पुलिस कस्टडी में रहना पड़ा। कस्टडी के दौरान ही उन्हें फोन पर अपनी बेटी को इस खौफनाक हादसे की सच्चाई बतानी पड़ी थी।
अदालत का फैसला और परिवार की मानसिक स्थिति
मामले की जांच के दौरान यह बात सामने आई कि घटना के समय फॉस्टर के शरीर में अल्कोहल मौजूद था, लेकिन यह उनके खिलाफ मामले का मुख्य आधार नहीं बना। उनके वकील ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई गवाह या साक्ष्य नहीं था जो साबित करे कि वह नशे में धुत थे। सुनवाई के दौरान फॉस्टर ने स्वीकार किया कि उनके लापरवाह और खतरनाक कदम की वजह से यह हादसा हुआ। अदालत ने शुक्रवार की सुबह उन्हें 3,000 यूरो के जुर्माने की सजा सुनाई। 6 अक्टूबर को हुई पिछली सुनवाई में वकील ने कहा था कि इस घटना ने पिता की जिंदगी को हमेशा के लिए बदल कर रख दिया है।
अदालत परिसर से बाहर आने के बाद फॉस्टर बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने केवल इतना कहा कि वह समर्थन के लिए सभी के आभारी हैं और अब घर लौटकर अपनी पत्नी और बेटी के साथ रहना चाहते हैं। उनके वकील एलेक्जेंड्रोस एलेक्जेंड्रोउ ने कहा कि उनके मुवक्किल का पश्चाताप पूरी तरह साफ झलकता है। उन्होंने कहा कि फॉस्टर एक अनुकरणीय और बेहतरीन पारिवारिक व्यक्ति हैं, जिनका परिवार हमेशा उनके साथ खड़ा रहा है। वकील ने बताया कि पूरी कानूनी प्रक्रिया के दौरान परिवार गहरे सदमे और बचाव की स्थिति में था और अब उन्हें शांति से अपने बेटे के जाने का शोक मनाने के लिए समय की जरूरत है।


















