उत्तरी साइप्रस के तट के पास एक यात्री नौका के दुर्घटनाग्रस्त होकर पलटने की इस भीषण घटना में कम से कम सात लोगों की जान चली गई है, जबकि 23 अन्य यात्री अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इस दुखद हादसे के बाद इलाके में बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है जिसमें तुर्की के प्रशासनिक अधिकारी और तटरक्षक बल भी पूरी ताकत से जुटे हुए हैं।
खराब मौसम और दोहरी लहरों का कहर
तुर्की गणराज्य के स्व-प्रशासित क्षेत्र के प्रधानमंत्री उनल उस्तेल ने मीडिया को दी गई जानकारी में स्पष्ट किया कि यह दुर्घटनाग्रस्त नौका किरेनिया के लोकप्रिय तटीय शहर से रवाना हुई थी और जैसे ही यह समुद्र में आगे बढ़ी, इसने पानी भरना शुरू कर दिया। यह नौका मूल रूप से शनिवार को तुर्की के लिए रवाना होने वाली थी, लेकिन उस समय बेहद खराब मौसम परिस्थितियों के कारण इसकी रवानगी को स्थगित करना पड़ा था। उन्होंने तुर्की के टीआरटी मीडिया संस्थान को बताया कि यह नौका समुद्र में दो खतरनाक लहरों की चपेट में आ गई थी। चालक दल का कप्तान जब पहली लहर के असर से जहाज को संभालने का प्रयास कर रहा था, तभी एक दूसरी भीषण लहर ने नौका को आ लिया और इसके अंदर पानी तेजी से भरने लगा।
यात्रियों की भारी संख्या और जहाज की पहचान
समुद्र में समाई इस नौका में कुल 259 यात्री और आठ चालक दल के सदस्य सवार थे। मरीन ट्रैफिक के डेटा के अनुसार, यह डूबी हुई नौका फिलो जेट नाम का एक हाई-स्पीड कैटामरान जहाज था जो 40 मीटर लंबा और 10 मीटर चौड़ा था तथा तुर्की के ध्वज के तहत संचालित होता था। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह निजी स्वामित्व वाली यात्री नौका स्थानीय समयानुसार दोपहर 12:30 बजे यानी 09:30 जीएमटी पर किरेनिया के तटीय रिसॉर्ट से रवाना हुई थी। रविवार की शाम को परिवहन मंत्री एर्हान अरिक्ली ने मीडिया को पुष्टि की कि यह जलयान पूरी तरह से समुद्र में डूब चुका है।
व्यापक राहत और बचाव अभियान
हादसे की खबर मिलते ही आपातकालीन सेवाओं ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हेलीकॉप्टरों और कोस्टगार्ड की कई नावों को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया, जबकि एम्बुलेंस को पहले से ही समुद्र तट पर तैनात कर दिया गया था ताकि बचाए गए यात्रियों को तुरंत चिकित्सा सहायता मुहैया कराई जा सके। प्रधानमंत्री उनल उस्तेल ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में जोर देकर कहा कि इस समय उनकी सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता केवल मानवीय जीवन को बचाना है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल, रेस्क्यू टीमें और स्वास्थ्य अधिकारी पूरी मुस्तैदी से घटनास्थल पर मौजूद हैं। तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तय्यप एर्दोआन ने भी रविवार को एक सैन्य समारोह के दौरान साइप्रस के तुर्क नागरिकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि लापता लोगों की तलाश का काम बिना किसी रुकावट के लगातार जारी है।
जांच के आदेश और सख्त कार्रवाई की चेतावनी
प्रशासन ने इस त्रासदी के कारणों का पता लगाने के लिए कड़ी जांच बिठा दी है। जहाज के कप्तान और आठ चालक दल के सदस्यों को इस बात की जांच के सिलसिले में हिरासत में ले लिया गया है कि यह हादसा आखिर किस प्रकार घटित हुआ। प्रधानमंत्री ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि इस दुर्घटना की तह तक जांच की जाएगी और इसमें जरा सी भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे कोई भी हो और जो भी इसके लिए जिम्मेदार या दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। इसके अलावा, ऑपरेटर कंपनी फिलो डेनिज़दसिलिक ने भी इस दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। यात्रियों के परिजनों को सही जानकारी देने के लिए प्रशासन ने एक विशेष हॉटलाइन नंबर भी जारी कर दिया है, हालांकि अभी तक बोर्ड पर सवार लोगों की राष्ट्रीयता और घायलों की सटीक स्थिति के बारे में पूरी जानकारी स्पष्ट नहीं हो पाई है।



















