भारतीय रसोई में रोजमर्रा के भोजन की तैयारी के दौरान कड़ाही का सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाता है। दाल में तड़का लगाना हो, सब्जियां भूननी हों या फिर पूरियां तलनी हों, कड़ाही लगातार चूल्हे पर चढ़ी रहती है। आमतौर पर बर्तनों को धोते समय अंदरूनी सतह पर तो पूरा ध्यान दिया जाता है, मगर तली और पिछले हिस्से की सफाई अक्सर छूट जाती है। चूल्हे की तेज आंच, चारों तरफ से छलकने वाले तेल के छींटे और किनारों से बहकर नीचे आने वाले मसालों के कण धीरे धीरे बर्तन के पिछले हिस्से पर जमने लगते हैं। वक्त बीतने के साथ यह चिकनाई जलकर एक सख्त, खुरदरी और काली परत में तब्दील हो जाती है जिसे सामान्य साबुन या लिक्विड से साफ करना नामुमकिन जैसा लगने लगता है।
जिद्दी कालिख को नरम करने के लिए अपनाएं गर्म पानी और नमक का तरीका
कड़ाही की तली पर जब कई महीनों की जली हुई परत जम जाती है, तो उसे सीधे रगड़ने पर बर्तन घिसने का खतरा रहता है और मेहनत भी बेकार जाती है। इसलिए सबसे पहला कदम इस सख्त कालिख को ढीला करना होना चाहिए। इसके लिए किसी ऐसे बड़े टब या चौड़े मुंह वाले बर्तन का चुनाव करें जिसमें कड़ाही का निचला हिस्सा आसानी से डूब सके। इस बड़े बर्तन में पर्याप्त मात्रा में पानी भरें और उसमें बर्तन धोने वाला लिक्विड या डिटर्जेंट मिलाएं। साथ ही इसमें दो चम्मच साधारण नमक डालकर पानी को अच्छी तरह गर्म करें।
जब पानी खौलने लगे तो गैस बंद कर दें और कड़ाही के पिछले काले हिस्से को इस गर्म पानी में डुबोकर रख दें। गर्म पानी, नमक और सर्फ का यह मेल चिकनाई के बंधनों को कमजोर कर देता है। कड़ाही को लगभग 10 से 15 मिनट तक इसी घोल में भीगे रहने दें। तय समय के बाद बर्तन को बाहर निकालें और उसे सामान्य तापमान पर आने दें। जब धातु छूने लायक ठंडी हो जाए, तब एक सामान्य और मुलायम स्क्रबर की मदद से तली को हल्के हाथों से साफ करें। अगर बर्तन बहुत पुराना है और उस पर कालिख कई परतों में जमी है, तो यह प्रक्रिया एक से दो बार और दोहरानी पड़ सकती है।
बेकिंग सोडा का गाढ़ा लेप हटाएगा बची हुई कालिख
गर्म पानी में भिगोने के बाद भी अगर कड़ाही की तली पर गहरे काले धब्बे या जली हुई पपड़ी बची रह जाती है, तो बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करना चाहिए। बेकिंग सोडा एक हल्का प्राकृतिक क्लींजर माना जाता है जो चिकनाई और जले हुए कार्बन को काटने में मदद करता है। इसका लेप तैयार करने के लिए एक कटोरी में आवश्यकतानुसार बेकिंग सोडा लें और उसमें थोड़ा सा सादा पानी मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट बना लें।
इस गाढ़े मिश्रण को कड़ाही के उन सभी हिस्सों पर अच्छी तरह लगाएं जहां कालापन अधिक है। इस लेप को बर्तन पर लगाकर करीब 15 से 20 मिनट के लिए सूखने छोड़ दें। यह समय बेकिंग सोडा को जमी हुई गंदगी के साथ प्रतिक्रिया करने की छूट देता है। इसके बाद हल्के गीले स्पंज या मुलायम स्क्रबर से गोलाकार घुमाते हुए सफाई करें। इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि एल्युमिनियम एक नरम धातु होती है, इसलिए उस पर बहुत ज्यादा ताकत लगाकर घिसाई नहीं करनी चाहिए। सफाई पूरी होने के बाद कड़ाही को साफ और ताजे पानी से धोएं और किसी सूखे सूती कपड़े से पोंछकर रख दें।
नींबू का रस और बचे हुए छिलकों का जादुई असर
नींबू में मौजूद प्राकृतिक साइट्रिक एसिड तेल के भारी जमाव को पिघलाने में बेहद मददगार होता है। कड़ाही की बाहरी चिकनाई को हटाने के लिए बर्तन धोने वाले लिक्विड में ताजा नींबू का रस मिलाएं और इस मिश्रण को कड़ाही की बाहरी सतह पर लगा दें। इसे कुछ मिनटों के लिए छोड़ दें ताकि एसिड अपना काम शुरू कर सके। इसके बाद स्क्रबर से हल्के हाथों से घिसकर इसे पानी से साफ कर लें।
यदि घर में नींबू के निचोड़े हुए छिलके पड़े हैं, तो उन्हें फेंकने के बजाय तली की घिसाई के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। नींबू के छिलके के अंदरूनी रेशेदार हिस्से पर थोड़ा सा नमक छिड़ककर जली हुई तली पर सीधे रगड़ने से जिद्दी तेल के दाग तेजी से छूटने लगते हैं। इससे न केवल बर्तन की अतिरिक्त रगड़ाई से राहत मिलती है, बल्कि एल्युमिनियम पर जमी पीली या भूरी परत भी हल्की हो जाती है। बहुत पुरानी कालिख के मामले में इस उपाय को हफ्ते में दो बार आजमाया जा सकता है।
सफाई के दौरान इन गलतियों से बचना है जरूरी
एल्युमिनियम के बर्तनों की उम्र लंबी रखने के लिए सफाई के सही नियमों का पालन करना अनिवार्य है। अक्सर लोग कालिख हटाने की जल्दी में स्टील वूल या तार वाले नुकीले स्क्रबर का प्रयोग करने लगते हैं, जिससे कड़ाही पर गहरे खरोंच के निशान बन जाते हैं और धातु की बाहरी परत खराब हो जाती है। इसके अलावा कभी भी गर्म कड़ाही को तुरंत ठंडे पानी में न डालें और न ही गर्म धातु पर काम करें, बर्तन को हमेशा सामान्य तापमान पर ठंडा होने दें।
सख्त पपड़ी को हटाने के लिए चाकू, चम्मच या किसी अन्य नुकीले औजार से खुरचने की गलती बिल्कुल न करें, क्योंकि इससे बर्तन का संतुलन बिगड़ सकता है और उसमें गड्ढे पड़ सकते हैं। यदि आप बाजार में मिलने वाले किसी खास केमिकल या क्लीनिंग पाउडर का प्रयोग कर रहे हैं, तो उसके पैकेट पर लिखे दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें ताकि हाथों की त्वचा और बर्तन दोनों सुरक्षित रहें।





















