दक्षिण-पूर्वी स्पेन में हजारों की तादाद में फायरफाइटर देश की अब तक की सबसे घातक जंगल की आग में से एक पर काबू पाने में जुटे हैं। अल्मेरिया के लॉस गायार्दोस इलाके में लगी इस आग में अब तक कम से कम 12 लोगों की जान जा चुकी है और स्थानीय अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। आशंका जताई जा रही है कि मरने वालों में और ब्रितानी नागरिक भी शामिल हो सकते हैं।
इस गर्मी में दक्षिणी यूरोप, खासकर फ्रांस, पुर्तगाल और स्पेन में लगातार बनी लू ने हालात बिगाड़ दिए हैं। तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस (104 डिग्री फारेनहाइट) तक पहुंच गया है, जिसकी वजह से जगह जगह आग भड़क रही है।
तेज हवाओं और सूखी जमीन ने आग को भड़काया
तेज गर्मी, बेहद सूखी जमीन और तूफानी हवाओं की वजह से गुरुवार दोपहर लॉस गायार्दोस की आग बड़ी तेजी से फैल गई। अंडलूसिया की स्वास्थ्य और आपातकालीन मंत्री एंटोनियो सांज़ ने शनिवार को बताया कि यह आग अब तक 6,600 हेक्टेयर (16,300 एकड़) जमीन को अपनी चपेट में ले चुकी है। आग लगने की वजह एक गिरी हुई बिजली की लाइन को बताया गया है, हालांकि स्थानीय बिजली कंपनियों ने इस दावे को खारिज कर दिया है। जले हुए एक वाहन में मृत मिले चार लोगों के बारे में अभी तक कोई अतिरिक्त जानकारी सामने नहीं आई है।
सांज़ ने बताया कि रात भर मौसम की स्थिति में सुधार हुआ है, जिससे कल के मुकाबले आज बेहतर उम्मीदों के साथ काम शुरू किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि यह पहला दिन होगा जब टीमें सीधे आग पर हमला बोल सकेंगी। इससे पहले मौसम और आग के फैलने के तरीके की वजह से टीमें सिर्फ बचाव के मोर्चे पर ही काम कर पा रही थीं।
बेदार से भागते वक्त जैसे बम फटा हो
अपने परिवार के साथ गुरुवार को ही छुट्टियां मनाने स्पेन पहुंचीं लूसिंडा कर्टोइस अपने साथी रियाज़ शेतान और किशोर बच्चों के साथ बेदार से बाल-बाल बचकर निकलीं। उन्होंने बताया कि आसमान में धुएं का ऐसा गुबार उठा मानो कोई बम फट गया हो। कर्टोइस को आशंका है कि कम से कम दो अन्य ब्रितानी नागरिकों की मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि वे लोग अपना घर पैदल छोड़कर निकले थे, हालांकि इसकी वजह साफ नहीं है। उनका अनुमान है कि शायद उनका रास्ता कट गया होगा क्योंकि वे गांव के बाहरी इलाके में रहते थे। एल पोसिको नगरपालिका के पास रिहायशी इमारतों की तरफ आग बढ़ते हुए देखी गई।
बेदार के अधिकारियों ने बताया कि जिन लोगों की मौत हुई, उनमें से कुछ ने प्रशासन की सुझाई गई निकासी वाली सड़क का इस्तेमाल नहीं किया था। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह सलाह लोगों तक कितनी अच्छी तरह पहुंचाई गई थी।
मृतकों की पहचान अब तक उजागर नहीं
न तो स्पेन के अधिकारियों ने और न ही लंदन स्थित फॉरेन ऑफिस ने अब तक मृतकों की पहचान सार्वजनिक की है। सांज़ के मुताबिक यह आग बेहद तेजी से और जटिल तरीके से फैली और हो सकता है कि ज्यादातर या सभी मृतक विदेशी नागरिक हों। बेल्जियम के विदेश मंत्री मैक्सिम प्रीवो ने बताया कि कई बेल्जियन नागरिकों के इस इलाके में दूसरे घर हैं और वाणिज्य दूतावास की टीमें उन बेल्जियन नागरिकों से संपर्क करने की कोशिश कर रही हैं जिनसे अभी तक बात नहीं हो पाई है। लॉस गायार्दोस इलाके में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक रहते हैं, इसलिए मृतकों की राष्ट्रीयता को लेकर चिंता और गहरी हो गई है।
स्पेन के इतिहास की सबसे घातक आग में से एक
कम से कम 12 लोगों की मौत के साथ यह आग स्पेन के इतिहास की सबसे घातक जंगल की आग में गिनी जाने लगी है। इससे पहले 1984 में कैनरी द्वीप समूह के ला गोमेरा में लगी आग में 20 लोगों की जान गई थी, जबकि 1979 में उत्तर-पूर्वी स्पेन के लोरेत दे मार के पास जंगल में लगी आग में नौ बच्चों समेत 21 लोगों की मौत हुई थी।
फ्रांस में भी आग का कहर, 32 लोग गिरफ्तार
इस गर्मी में सिर्फ स्पेन ही नहीं, फ्रांस भी जंगल की आग की मार झेल रहा है। सोमवार को फ्रांस के पिरेनीज़ पर्वत की तलहटी में 10,000 से ज्यादा लोगों को उनके घरों से निकालना पड़ा। शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट में फ्रांस के गृह मंत्री लॉरां नुनेज़ ने बताया कि इनमें से कुछ आग जानबूझकर लगाने के शक में 32 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसा गैर-जिम्मेदाराना बर्ताव जो भयानक नतीजे लाता है और फायरफाइटरों की जान को खतरे में डालता है, उसके खिलाफ अब अदालत में मुकदमा चलाया जाएगा।
गर्म होते यूरोप की एक और गर्मी
दुनियाभर में जलवायु परिवर्तन तापमान बढ़ा रहा है और यूरोप इसमें सबसे आगे है। कोपरनिकस क्लाइमेट सर्विस के मुताबिक यूरोप वैश्विक औसत से दोगुनी रफ्तार से गर्म हो रहा है। इसी वजह से हर गर्मी में लू के थपेड़े बढ़ते जा रहे हैं, यूरोप की पानी की आपूर्ति पर दबाव बढ़ रहा है और जंगल की आग पहले से ज्यादा भीषण होती जा रही है।











