फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से शिकस्त देकर सेमीफाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है। इस जीत के बाद खेल का उत्साह दुनिया भर में देखा गया, लेकिन लंदन की सड़कों पर यह जश्न हिंसक रूप ले बैठा। जहां मोरक्को और फ्रांस के बीच इस तनावपूर्ण मुकाबले के मद्देनजर पेरिस में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, वहीं ब्रिटेन की राजधानी लंदन में उपद्रवियों की भीड़ ने स्थिति को अनियंत्रित कर दिया।
हिंसा में घायल हुआ पुलिस अधिकारी
लंदन में फ्रांस की सेमीफाइनल में पहुंच सुनिश्चित होने के तुरंत बाद उपद्रवियों ने वेस्टर्न लंदन के इलाकों में हंगामा शुरू कर दिया। एक अप्रिय घटना में, उपद्रवियों के हमले के चलते एक पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थिति इतनी खराब हो गई कि उस अधिकारी को तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। वहां की गलियों में फुटबॉल समर्थकों का भारी जमावड़ा देखा गया, जिसने स्थानीय शांति व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया।
एडगवेयर रोड पर पुलिस की तैनाती
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि एडगवेयर रोड पर पुलिस की टुकड़ी भारी भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति को संभालने का भरसक प्रयास कर रही है। एक अन्य हृदयविदारक वीडियो में घायल पुलिसकर्मी को जमीन पर पड़ा दिखाया गया है, जहां मेडिकल टीम उसका उपचार कर रही है। इस दौरान पुलिस बल के अन्य सदस्य अपनी ढालों के साथ एक कतार में खड़े होकर उपद्रवियों को पीछे धकेलते और नियंत्रित करते हुए नजर आए।
पेरिस में रही पूर्ण शांति
मैच से पहले ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि फ्रांस और मोरक्को के बीच के ऐतिहासिक और राजनीतिक संबंधों के कारण पेरिस में हिंसा भड़क सकती है। पूर्व में हुए अनुभवों को देखते हुए फ्रांस की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर थीं। हालांकि, वास्तविक स्थिति अनुमान से बिल्कुल विपरीत रही और पेरिस में माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण बना रहा। सड़कों पर हजारों की संख्या में फैंस मौजूद थे, लेकिन उन्होंने बिना किसी उपद्रव के अपनी टीम की जीत का जश्न मनाया।
सुरक्षा के लिए की गई थी व्यापक तैयारी
फ्रांस में सुरक्षा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरे देश में 20 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था, जिनमें से 8 हजार सिर्फ पेरिस शहर की सुरक्षा में जुटे थे। सुरक्षा एजेंसियों को डर था कि मई के महीने में पेरिस सेंट-जर्मेन की जीत के बाद हुई तोड़फोड़ जैसी स्थिति दोबारा पैदा हो सकती है, जिसे रोकने के लिए प्रशासन ने पहले ही कमर कस ली थी। हालांकि, इस महत्वपूर्ण फुटबॉल मैच के बाद फ्रांस में कोई भी अप्रिय घटना दर्ज नहीं की गई।











