पूर्वी पोलैंड में यूक्रेन सीमा से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित टारनावा कोलोनिया गांव के पास तड़के एक संदिग्ध वस्तु के दुर्घटनाग्रस्त होने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर आ गई हैं। इस घटना के कारण जमीन पर 10 मीटर यानी लगभग 33 फीट चौड़ा एक विशाल गड्ढा बन गया है। पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने लुबलिन में आयोजित एक विशेष बैठक के दौरान जानकारी दी कि शुरुआती साक्ष्यों और विश्लेषणात्मक संकेतों से पता चलता है कि यह वस्तु संभवतः एक रूसी मिसाइल थी। यह हादसा उस समय हुआ जब रूसी सेना पास के यूक्रेनी शहर ल्वीव पर बड़े पैमाने पर हवाई हमला कर रही थी।
रडार से गायब हुई वस्तु और एफ 16 लड़ाकू विमानों की तैनाती
सैन्य रडार प्रणालियों ने गुरुवार सुबह तड़के लगभग 03:40 बजे (01:40 GMT) पोलिश वायु क्षेत्र की ओर बढ़ती इस अज्ञात वस्तु को ट्रैक किया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पोलैंड की सेना ने तुरंत अपने एफ 16 लड़ाकू विमान को हवा में तैनात किया ताकि वस्तु को रोका जा सके। हालांकि, लड़ाकू विमान के पहुंचने से पहले ही यह वस्तु रडार स्क्रीन से पूरी तरह ओझल हो गई और कुछ ही मिनटों बाद टारनावा कोलोनिया के खुले खेतों में जा गिरी।
रक्षा मंत्री व्लाडिसलाव कोसिनियाक-कामिश ने इस घटनाक्रम पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि रात के दौरान पोलिश हवाई क्षेत्र के पास लगभग 20 अलग-अलग संदिग्ध वस्तुएं देखी गई थीं। उन्होंने पुष्टि की कि विशेषज्ञ टीम घटनास्थल पर मौजूद है और खेत में गिरे मलबे की पहचान स्थापित करने के लिए गहन पाइरोटेक्निक विश्लेषण किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क और यूक्रेनी नेतृत्व के बयान
प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने कहा कि अब तक मिले सभी सुराग और संकेत यही बताते हैं कि यह एक रूसी Kh-101 बैलिस्टिक मिसाइल हो सकती है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले मिसाइल के सटीक प्रकार और इसे लॉन्च करने वाले स्रोत के बारे में 100 प्रतिशत सुनिश्चित होना चाहती है। टस्क ने राहत जताते हुए कहा कि इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने या जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन इसे बेहद गंभीर सीमा उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है।
दूसरी ओर, यूक्रेन के कार्यवाहक विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने गुरुवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि एक रूसी Kh-101 क्रूज मिसाइल ने यूक्रेन पर किए गए भीषण हमले के दौरान पोलैंड की सीमा में प्रवेश किया, जो सीधे तौर पर नाटो के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन है। दोनों नेताओं के बयानों में मिसाइल श्रेणी का उल्लेख हुआ है, जहां टस्क ने बैलिस्टिक और सिबिहा ने क्रूज मिसाइल का जिक्र किया है।
लुबलिन में कूटनीतिक हलचल और सुरक्षा स्थिति
यह घटना उस समय सामने आई है जब पोलैंड की पूर्वी सीमा पर कूटनीतिक गतिविधियां काफी तेज थीं। दुर्घटना से ठीक एक शाम पहले पोलिश प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने लुबलिन शहर में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की से मुलाकात की थी। राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की उस समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी उच्च स्तरीय बातचीत पूरी करके वापस लौट रहे थे।
इस उच्च स्तरीय कूटनीतिक बैठक के तुरंत बाद सीमा पार यह मिसाइल हादसा सामने आने से क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। पोलिश प्राधिकारी पूरी जांच रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं ताकि मिसाइल के मलबे से उसके मूल स्रोत का अंतिम तकनीकी प्रमाण हासिल किया जा सके।


















