किआ सोरेंटो हाइब्रिड भारत में जल्द होगी लॉन्च, 25,000 रुपये के टोकन अमाउंट पर अनऑफिशियल बुकिंग शुरूअगस्त 2026 मासिक राशिफल: मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के करियर, आर्थिक स्थिति और परिवार का पूरा लेखा-जोखाभीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में फिर 2 प्रसूताओं की मौत, 60 दिनों में 7 महिलाओं की जान जाने से हड़कंपयूक्रेन सीमा के पास पोलैंड में गिरा संदिग्ध रूसी रॉकेट, प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने दिए व्यापक जांच के आदेशसीडब्ल्यूजी 2026 में सीमा ने महिला डिस्कस थ्रो में जीता कांस्य पदक, 58.65 मीटर थ्रो की नरेंद्र मोदी ने की सराहनापारिवारिक मुलाकात के दौरान गौतमी कपूर ने पति राम कपूर के बर्ताव पर श्रेया कालरा से हाथ जोड़कर मांगी माफीइंग्लैंड की सोनिया एक्सेलबी की अमेरिका में दर्दनाक हत्या, ड्वेन हॉल से 4000 डॉलर के सौदे के बाद फ्लोरिडा में मिला शवग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल: नीरज चोपड़ा भाला फेंक में रचेंगे इतिहास, 10 मुक्केबाज गोल्ड फाइनल की राह पर, जानिए आठवें दिन का पूरा भारतीय शेड्यूलपूसा संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अमित कुमार गोस्वामी ने बताए अमरूद के बाग से बंपर पैदावार पाने के 8 अचूक नियमगुड़गांव की प्रिया का कैफे स्टाइल कुकिंग रूल वायरल, जानिए पति से 1000 रुपये लेने की पूरी कहानी
यूक्रेन सीमा के पास पोलैंड में गिरा संदिग्ध रूसी रॉकेट, प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने दिए व्यापक जांच के आदेशयूरोप
31 जुल॰ 2026, 3:12 pm (2 घंटे पहले)· 2

यूक्रेन सीमा के पास पोलैंड में गिरा संदिग्ध रूसी रॉकेट, प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने दिए व्यापक जांच के आदेश

पूर्वी पोलैंड के टारनावा कोलोनिया गांव में तड़के एक अज्ञात वस्तु गिरने से 10 मीटर चौड़ा गड्ढा बन गया। पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के अनुसार शुरुआती संकेत बताते हैं कि यह रूस की मिसाइल हो सकती है।

पूर्वी पोलैंड में यूक्रेन सीमा से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित टारनावा कोलोनिया गांव के पास तड़के एक संदिग्ध वस्तु के दुर्घटनाग्रस्त होने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर आ गई हैं। इस घटना के कारण जमीन पर 10 मीटर यानी लगभग 33 फीट चौड़ा एक विशाल गड्ढा बन गया है। पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने लुबलिन में आयोजित एक विशेष बैठक के दौरान जानकारी दी कि शुरुआती साक्ष्यों और विश्लेषणात्मक संकेतों से पता चलता है कि यह वस्तु संभवतः एक रूसी मिसाइल थी। यह हादसा उस समय हुआ जब रूसी सेना पास के यूक्रेनी शहर ल्वीव पर बड़े पैमाने पर हवाई हमला कर रही थी।

रडार से गायब हुई वस्तु और एफ 16 लड़ाकू विमानों की तैनाती

सैन्य रडार प्रणालियों ने गुरुवार सुबह तड़के लगभग 03:40 बजे (01:40 GMT) पोलिश वायु क्षेत्र की ओर बढ़ती इस अज्ञात वस्तु को ट्रैक किया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पोलैंड की सेना ने तुरंत अपने एफ 16 लड़ाकू विमान को हवा में तैनात किया ताकि वस्तु को रोका जा सके। हालांकि, लड़ाकू विमान के पहुंचने से पहले ही यह वस्तु रडार स्क्रीन से पूरी तरह ओझल हो गई और कुछ ही मिनटों बाद टारनावा कोलोनिया के खुले खेतों में जा गिरी।

ये भी पढ़ें

रक्षा मंत्री व्लाडिसलाव कोसिनियाक-कामिश ने इस घटनाक्रम पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि रात के दौरान पोलिश हवाई क्षेत्र के पास लगभग 20 अलग-अलग संदिग्ध वस्तुएं देखी गई थीं। उन्होंने पुष्टि की कि विशेषज्ञ टीम घटनास्थल पर मौजूद है और खेत में गिरे मलबे की पहचान स्थापित करने के लिए गहन पाइरोटेक्निक विश्लेषण किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क और यूक्रेनी नेतृत्व के बयान

प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने कहा कि अब तक मिले सभी सुराग और संकेत यही बताते हैं कि यह एक रूसी Kh-101 बैलिस्टिक मिसाइल हो सकती है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले मिसाइल के सटीक प्रकार और इसे लॉन्च करने वाले स्रोत के बारे में 100 प्रतिशत सुनिश्चित होना चाहती है। टस्क ने राहत जताते हुए कहा कि इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने या जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन इसे बेहद गंभीर सीमा उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है।

दूसरी ओर, यूक्रेन के कार्यवाहक विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने गुरुवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि एक रूसी Kh-101 क्रूज मिसाइल ने यूक्रेन पर किए गए भीषण हमले के दौरान पोलैंड की सीमा में प्रवेश किया, जो सीधे तौर पर नाटो के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन है। दोनों नेताओं के बयानों में मिसाइल श्रेणी का उल्लेख हुआ है, जहां टस्क ने बैलिस्टिक और सिबिहा ने क्रूज मिसाइल का जिक्र किया है।

लुबलिन में कूटनीतिक हलचल और सुरक्षा स्थिति

यह घटना उस समय सामने आई है जब पोलैंड की पूर्वी सीमा पर कूटनीतिक गतिविधियां काफी तेज थीं। दुर्घटना से ठीक एक शाम पहले पोलिश प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने लुबलिन शहर में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की से मुलाकात की थी। राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की उस समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी उच्च स्तरीय बातचीत पूरी करके वापस लौट रहे थे।

इस उच्च स्तरीय कूटनीतिक बैठक के तुरंत बाद सीमा पार यह मिसाइल हादसा सामने आने से क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। पोलिश प्राधिकारी पूरी जांच रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं ताकि मिसाइल के मलबे से उसके मूल स्रोत का अंतिम तकनीकी प्रमाण हासिल किया जा सके।

सवाल-जवाब

पोलैंड में मिसाइल कहां और कब गिरी?
यह मिसाइल गुरुवार सुबह तड़के यूक्रेन सीमा से लगभग 100 किलोमीटर दूर पूर्वी पोलैंड के टारनावा कोलोनिया गांव के पास एक खेत में गिरी।
हादसे के कारण कितना नुकसान हुआ है?
इस दुर्घटना में जमीन पर 10 मीटर (33 फीट) चौड़ा गड्ढा बन गया, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
पोलिश सेना ने इस वस्तु का पता कैसे लगाया?
सैन्य रडार ने तड़के 03:40 बजे इसे देखा और एक एफ 16 लड़ाकू विमान भेजा, लेकिन यह वस्तु रडार से गायब होकर खेतों में गिर गई।
पोलैंड के प्रधानमंत्री और अधिकारियों का इस पर क्या कहना है?
प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने कहा कि संकेत Kh-101 मिसाइल की ओर इशारा करते हैं और मलबे की पाइरोटेक्निक जांच जारी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR