यूक्रेन और मोल्दोवा के बीच सीमावर्ती इलाके में एक घातक ड्रोन हमले के बाद भारी तनाव पैदा हो गया है, जिसमें दो लोगों की जान चली गई। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने इस बात की पुष्टि की है कि रूसी सेना द्वारा किए गए ड्रोन हमलों ने दोनों देशों की सीमा पर तबाही मचाई है, जिसके चलते महत्वपूर्ण आवाजाही मार्गों को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है।
स्टारोकोज़ाचे बॉर्डर क्रॉसिंग बंद और तबाही का मंजर
सीमा पर स्थित स्टारोकोज़ाचे क्रॉसिंग को रात भर हुए इस भीषण हमले के बाद अनिश्चितकाल के लिए शटडाउन कर दिया गया है। घटना स्थल से सामने आई तस्वीरों में मलबे के बीच कई कारें पूरी तरह से जलकर खाक नजर आ रही हैं। ओडेसा क्षेत्रीय प्रमुख ओलेह किपेर के अनुसार, यह मुख्य क्रॉसिंग यूक्रेनी राजधानी कीव से लगभग 500 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। इस विध्वंसक हमले में दो लोगों की मौत के अलावा तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके साथ ही मोल्दोवा के विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि इस घटना में देश का एक ड्राइवर भी जख्मी हुआ है।
कीव और रूसी शहरों में भी बड़े पैमाने पर हमले
केवल सीमाई इलाका ही नहीं, बल्कि यूक्रेनी राजधानी कीव में भी एक नौ मंजिला रिहायशी इमारत पर रूसी ड्रोन ने सीधा प्रहार किया। इस हादसे में एक महिला की मौत हो गई और दो बच्चों समेत कुल 14 लोग घायल हो गए। दूसरी ओर, रूस के भीतर भी ड्रोन हमलों का दौर जारी रहा। काला सागर के बंदरगाह शहर नोवोरोस्सिय्स्क में यूक्रेनी ड्रोन हमले की चपेट में आने से एक बच्चे समेत चार लोगों की जान चली गई। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में 29 लोग घायल हुए और रिहायशी इमारतों, एक चर्च तथा एक प्रीस्कूल को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, यूक्रेन से लगभग 3,000 किलोमीटर यानी 1,864 मील दूर आर्कटिक शहर नोवी उरेंगोय में भी एक औद्योगिक सुविधा पर ड्रोन गिरा, जिससे वहां आग लग गई, हालांकि गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। रूस के रक्षा मंत्रालय का दावा है कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने रात भर में कुल 596 यूक्रेनी ड्रोन हवा में ही मार गिराए।
मोल्दोवा की बढ़ती चिंता और कूटनीतिक प्रयास
मोल्दोवा इस संघर्ष की आग में लगातार घिरता जा रहा है। देश के प्रधानमंत्री वासिले तोफान ने बताया कि अकेले अगस्त महीने में ही 17 ड्रोन मोल्दोियाई क्षेत्र में गिरे, जो कि पिछले पूरे साल के मुकाबले कहीं अधिक संख्या है। सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने लिखा कि जो लोग इन खतरों की अनदेखी करते हैं और आक्रामक देश का नाम लेने से बचते हैं, वे असलियत से मुंह मोड़ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस युद्ध की शुरुआत रूस ने की थी और इसके लिए केवल रूस ही पूरी तरह जिम्मेदार है, जिसने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण किया था। राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल और मजबूत समर्थन की अपील करते हुए कहा कि इस आक्रामकता को फैलने से रोकने के लिए यहीं और अभी कड़ा कदम उठाना होगा।
शीर्ष नेताओं के बीच फोन पर बातचीत और शांति की कोशिशें
यह हिंसक झड़पें ऐसे समय में तेज हुई हैं जब कूटनीतिक स्तर पर युद्ध समाप्त करने के प्रयास भी समानांतर चल रहे हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच युद्ध खत्म करने के उपायों को लेकर फोन पर लंबी चर्चा हुई है। अमेरिकी प्रशासन लगातार रूस और यूक्रेन के बीच सीधी बातचीत कराने का प्रयास कर रहा है। यूक्रेनी पक्ष का मानना है कि ये वार्ताएं इसी महीने संभव हो सकती हैं, हालांकि क्रेमलिन का कहना है कि अभी किसी भी तारीख या स्थान पर बात करना जल्दबाजी होगी। यह फोन कॉल अमेरिकी दूतों जेरेड कुशनर और स्टीव विटकोफ की मॉस्को यात्रा के तुरंत बाद हुई, जहां उन्होंने पुतिन से मुलाकात की थी। इसके बाद दोनों अमेरिकी दूत रविवार को कीव पहुंचे थे और वहां यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से उच्च स्तरीय बैठकें की थीं।



















