झारखंड लोक सेवा आयोग यानी जेपीएससी की परीक्षा में बैठने वाले अभ्यर्थियों के लिए सबसे बड़ी उलझन यही रहती है कि किस विषय के लिए कौन सी किताब पढ़ी जाए. रांची के जेपीएससी एक्सपर्ट पावन कुमार झा का कहना है कि परीक्षा पास करने की पूरी नींव सही किताब के चुनाव से ही शुरू होती है. उनके मुताबिक अगर अभ्यर्थी गलत किताब लेकर बैठ जाए, तो उसका समय और मेहनत दोनों बर्बाद होते हैं और मंजिल और दूर हो जाती है. इसी वजह से हर पेपर के लिए एक तय और भरोसेमंद बुक लिस्ट होना जरूरी माना जाता है.
पेपर 1 और 2 में ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं
पावन कुमार झा के अनुसार पेपर 1 और पेपर 2 पर बहुत ज्यादा समय खर्च करने की जरूरत नहीं है. यह दोनों क्वालीफाइंग पेपर हैं और पेपर 2 में पास होने के लिए सिर्फ 30% अंक ही चाहिए होते हैं. ऐसे में अभ्यर्थियों को अपनी बेसिक इंग्लिश पर ध्यान देने भर से काम चल जाता है, इसमें अलग से किसी खास किताब की जरूरत नहीं पड़ती.
इतिहास और भूगोल में एनसीईआरटी बनी आधार
पेपर 3 यानी हिस्ट्री की तैयारी के लिए एनसीईआरटी की किताबें पढ़ना सबसे जरूरी बताया गया है. प्राचीन भारत और मध्यकालीन भारत के लिए एनसीईआरटी के साथ-साथ बिपिन चंद्र की किताबें भी काफी उपयोगी मानी गई हैं. खास बात यह है कि बिपिन चंद्र की यही किताबें आधुनिक भारत के हिस्से के लिए भी काम आ जाती हैं, इसलिए अलग से किताब खोजने की जरूरत नहीं पड़ती. वहीं भूगोल के लिए 11वीं और 12वीं की एनसीईआरटी किताबें अनिवार्य मानी गई हैं. इसके अलावा करंट अफेयर्स पर ज्यादा ध्यान देने की सलाह दी गई है, साथ ही कोचिंग संस्थानों के नोट्स भी संदर्भ के तौर पर इस्तेमाल किए जा सकते हैं.
पॉलिटी के लिए लक्ष्मीकांत को 25 बार पढ़ने की सलाह
पेपर 4 में पॉलिटी के लिए लक्ष्मीकांत की किताब लेने की सलाह दी गई है. अगर समय बचे तो डीडी बसु की किताब भी पढ़ी जा सकती है. एक्सपर्ट का मानना है कि इन दोनों किताबों को अगर 25 बार पढ़ लिया जाए, तो पॉलिटी वाला हिस्सा पूरी तरह से तैयार हो जाता है. इसके साथ ही एनसीईआरटी पर भी फोकस बनाए रखना जरूरी है.
जनरल साइंस सबसे मुश्किल, कोई एक किताब नहीं
पेपर 5 यानी जनरल साइंस को सबसे कठिन पेपर बताया गया है, क्योंकि इसके लिए कोई एक तय किताब मौजूद नहीं है. फिजिक्स और बायोलॉजी के लिए एनसीईआरटी की किताबें रेफर की जा सकती हैं. इसके अलावा जितना संभव हो, करंट अफेयर्स की मंथली बुकलेट लेकर उनसे अपने खुद के नोट्स बनाने की कोशिश करनी चाहिए, ताकि परीक्षा के करीब आते-आते रिवीजन आसान हो जाए.
साइंस एंड टेक्नोलॉजी में सिर्फ सिलेबस वाले टॉपिक पढ़ें
आखिर में साइंस एंड टेक्नोलॉजी के लिए मैकग्रा हिल की किताब का जिक्र किया गया है, जिसे रेफर किया जा सकता है. लेकिन एक्सपर्ट ने साफ चेताया है कि इस किताब के सारे चैप्टर पढ़ने की जरूरत नहीं है. अभ्यर्थियों को सिर्फ वही टॉपिक पढ़ने चाहिए, जो उनके तय सिलेबस में शामिल हैं, ताकि अनावश्यक विषयों में समय जाया न हो.




















