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रायपुर में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय का जेनेटिक्स पेपर परीक्षा से 6 घंटे पहले लीक, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिए जांच के आदेशपरीक्षा
26 अग॰ 2026, 2:19 pm (63 दिन पहले)· 4

रायपुर में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय का जेनेटिक्स पेपर परीक्षा से 6 घंटे पहले लीक, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिए जांच के आदेश

छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी फर्स्ट ईयर का जेनेटिक्स पेपर परीक्षा शुरू होने से 6 घंटे पहले वायरल हो गया। इस लगातार तीसरे पेपर लीक मामले पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी) की परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विश्वविद्यालय में 19 अगस्त को आयोजित बीएससी फर्स्ट ईयर की परीक्षा से ठीक 6 घंटे पहले प्रश्न-पत्र लीक हो गया। 'फंडामेंटल ऑफ जेनेटिक्स' विषय का पर्चा सुबह सवेरे सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद परीक्षा की गोपनीयता पर हड़कंप मच गया है। यह लगातार तीसरा मौका है जब इस संस्थान में परीक्षा से पहले प्रश्न-पत्र बाहर आया है, जिससे मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के भविष्य पर संकट गहरा गया है।

6 घंटे पहले वायरल हुआ पर्चा, 100 प्रतिशत सवालों का हुआ मिलान

प्राप्त विवरण के अनुसार, 19 अगस्त को सुबह 10 बजे 'फंडामेंटल ऑफ जेनेटिक्स' विषय का पेपर होना निर्धारित था। लेकिन यह पर्चा परीक्षा शुरू होने से करीब 6 घंटे पहले, यानी सुबह 4 बजे ही बाहर आ चुका था। परीक्षा संपन्न होने के बाद जब प्रश्न-पत्र की तुलना वायरल पर्चे से की गई, तो उसमें 100 प्रतिशत सवाल एक समान पाए गए। इस शत-प्रतिशत समानता ने साफ कर दिया कि परीक्षा केंद्र तक पहुंचने से पहले ही गोपनीयता पूरी तरह भंग हो चुकी थी। एक के बाद एक लगातार तीन बार पेपर लीक होने से छात्रों में गहरा असंतोष व्याप्त है।

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मुख्यमंत्री का कड़ा रुख, दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन

मामले के उजागर होते ही छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सख्त रुख अख्तियार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि परीक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, "इस मामले में कोई भी बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।" राज्य सरकार के इस कड़े रुख के बाद जांच प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है ताकि पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान की जा सके।

पुलिस थाने पहुंचे विश्वविद्यालय अधिकारी, अंदरूनी जांच भी शुरू

विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी इस सुरक्षा चूक के बाद विधिक कदम उठाने का दावा किया है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलसचिव कपिलदेव दीपक के अनुसार, घटना का पता चलते ही त्वरित कार्रवाई की गई है। प्रशासनिक सूचना दर्ज कराने और पुलिस जांच शुरू कराने के उद्देश्य से डायरेक्टर ऑफ इंस्ट्रक्शन को तत्काल संबंधित थाने भेजा गया। इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय स्तर पर भी एक आंतरिक जांच समिति गठित की गई है जो यह पता लगाएगी कि प्रश्न-पत्र छपाई से लेकर वितरण तक के किस चरण में सुरक्षा में चूक हुई। अभ्यर्थी अब दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की मांग कर रहे हैं।

सवाल-जवाब

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में किस विषय का पेपर लीक हुआ है?
विश्वविद्यालय में बीएससी फर्स्ट ईयर के 'फंडामेंटल ऑफ जेनेटिक्स' विषय का प्रश्न-पत्र लीक हुआ है।
पेपर परीक्षा शुरू होने से कितने समय पहले वायरल हुआ था?
19 अगस्त को सुबह 10 बजे होने वाली परीक्षा का प्रश्न-पत्र सुबह 4 बजे ही वायरल हो गया था, यानी परीक्षा से 6 घंटे पहले।
क्या लीक हुए पर्चे के सवाल असली परीक्षा के पर्चे से मेल खा रहे थे?
जी हां, लीक हुए पर्चे और परीक्षा में आए असली प्रश्न-पत्र के 100 प्रतिशत सवाल पूरी तरह से एक समान थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस मामले में क्या निर्देश दिए हैं?
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस में क्या कदम उठाया है?
विश्वविद्यालय के कुलसचिव के अनुसार, मामले की आधिकारिक जानकारी देने और पुलिस शिकायत दर्ज कराने के लिए डायरेक्टर ऑफ इंस्ट्रक्शन को थाने भेजा गया है।
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