महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की टीम इन सभी संदिग्धों से गहन पूछताछ कर रही है। वहीं दूसरी ओर, प्रारंभिक जांच में सामने आई गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए आयोग ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में ड्रग इंस्पेक्टर (ग्रुप-बी) के पदों पर चल रही पूरी भर्ती प्रक्रिया को आधिकारिक रूप से रद्द कर दिया है। यह कदम 22 मार्च 2026 को आयोजित की गई स्क्रीनिंग परीक्षा में हुई धांधली और परीक्षा समय से पूर्व प्रश्नपत्र कुछ अभ्यर्थियों तक पहुंचने की पुष्टि के बाद उठाया गया है।
क्राइम ब्रांच की कार्रवाई और शुरुआती जांच के नतीजे
इस पूरे घोटाले का पर्दाफाश तब शुरू हुआ जब 22 जुलाई से 26 जुलाई के बीच आयोग को कई अभ्यर्थियों और जनप्रतिनिधियों की ओर से गंभीर शिकायतें प्राप्त हुईं। शिकायतकर्ताओं में मुख्य रूप से गौरव पाटिल, लोकेश पाटिल और ऋषिकेश गांगुर्डे नामक अभ्यर्थियों ने ईमेल के माध्यम से सबसे पहले अपनी बात आयोग के सामने रखी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि 22 मार्च को हुई परीक्षा से करीब दो दिन पहले यानी 20 मार्च को ही कुछ खास उम्मीदवारों के पास प्रश्नपत्र या उसके प्रश्नों का सेट पहुंच चुका था। इसके बाद इन प्रश्नों को विभिन्न डिजिटल माध्यमों और सोशल मीडिया पर साझा किया गया था।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एमपीएससी ने 27 जुलाई को मुंबई पुलिस से इस धांधली की विस्तृत जांच कराने का औपचारिक अनुरोध किया था। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने तुरंत प्राथमिक जांच शुरू की और अपनी गोपनीय रिपोर्ट आयोग को सौंपी। रिपोर्ट में इस बात के स्पष्ट संकेत मिले कि कम से कम एक अभ्यर्थी को परीक्षा आयोजित होने से पहले प्रश्नों का पूरा सेट मिला था और उसे इस गैर-कानूनी गतिविधि का सीधा फायदा मिला। यद्यपि आयोग ने यह स्पष्ट नहीं किया कि पूरा पर्चा बड़े पैमाने पर लीक हुआ था या सीमित लोगों तक ही पहुंचा था, लेकिन निष्पक्षता बनाए रखने के लिए पूरी प्रक्रिया निरस्त करना उचित समझा गया। इसके साथ ही क्राइम ब्रांच ने जाल बिछाकर छह मुख्य आरोपियों को हिरासत में ले लिया है जिनसे पूछताछ जारी है।
भर्ती प्रक्रिया का पूरा घटनाक्रम और समय-सीमा
इस भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत 29 जुलाई 2025 को हुई थी, जब एमपीएससी ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में ड्रग इंस्पेक्टर (ग्रुप-बी) के खाली पदों को भरने के लिए विज्ञापन जारी किया था। इसके बाद 22 मार्च 2026 को महाराष्ट्र के छह अलग-अलग संभागीय मुख्यालयों में ऑफलाइन माध्यम से स्क्रीनिंग परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा संपन्न होने के बाद 12 जून 2026 को इसका परिणाम घोषित किया गया, जिसमें 506 उम्मीदवारों को साक्षात्कार चरण के लिए सफल घोषित किया गया था।
साक्षात्कार की प्रक्रिया 1 जुलाई से 22 जुलाई 2026 के बीच आयोजित की गई, जिसमें कुल 488 उम्मीदवार उपस्थित हुए। इसके ठीक बाद 22 जुलाई 2026 को आयोग ने 488 उम्मीदवारों की एक अस्थायी सामान्य मेरिट सूची जारी की। इस सूची में 485 उम्मीदवारों को ड्रग इंस्पेक्टर पद के लिए योग्य माना गया था, जबकि तीन उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित किया गया था। हालांकि इसी दौरान 21 जुलाई से ही लीक संबंधी शिकायतें सामने आने लगी थीं। 27 जुलाई को मामला पुलिस के पास गया, जुलाई के अंत में क्राइम ब्रांच की जांच रिपोर्ट आई और आखिरकार 25 अगस्त 2026 को एमपीएससी ने इस पूरी भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से रद्द करने का ऐतिहासिक फैसला लिया।
उम्मीदवारों के लिए जरूरी जानकारी और दोबारा परीक्षा की योजना
आयोग ने अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया है कि परीक्षा की गोपनीयता, निष्पक्षता और पारदर्शिता कायम रखने तथा युवाओं का भरोसा बनाए रखने के लिए यह कड़ा फैसला लिया गया है। अब इस भर्ती के लिए नए सिरे से स्क्रीनिंग परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में राहत की बात यह है कि जिन उम्मीदवारों ने पहले सफलतापूर्वक आवेदन किया था, उन्हें दोबारा नया आवेदन जमा करने की कोई आवश्यकता नहीं होगी।
इसके अलावा, अभ्यर्थियों से दोबारा कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क भी नहीं लिया जाएगा। एमपीएससी जल्द ही नई स्क्रीनिंग परीक्षा की तिथि और समय सारणी की घोषणा अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर करेगा। पूरी चयन प्रक्रिया को अब पुनः परीक्षा के चरण से निष्पक्ष रूप से शुरू किया जाएगा ताकि योग्य उम्मीदवारों को ही मौका मिल सके।



















