पति की लंबी उम्र की कामना से जुड़ा सुहागिनों का यह पावन पर्व इस साल 29 अक्टूबर, गुरुवार को मनाया जाने वाला है। इस दिन महिलाएं पूरे विधि-विधान के साथ निर्जला उपवास रखती हैं और रात के समय चांद का दीदार करने के बाद ही अपना व्रत खोलती हैं। इस पूरे उत्सव के दौरान सोलह श्रृंगार का विशेष महत्व माना गया है। श्रृंगार की बात हो और हाथों में मेहंदी की खूशबू न रचे, ऐसा तो हो ही नहीं सकता है। पर्व की तारीख नजदीक आते ही महिलाएं अपने हाथों में सजाने के लिए बेहतरीन और नए पैटर्न्स की तलाश में जुट जाती हैं। यदि आप भी इस बार कुछ नया ट्राई करना चाहती हैं, तो इन खास डिज़ाइन्स से मदद ले सकती हैं।
दूल्हा-दुल्हन पोर्ट्रेट वाली पारंपरिक मेहंदी
हथेलियों पर पारंपरिक और कलात्मक रूप देने के लिए दूल्हा-दुल्हन पोर्ट्रेट वाली शैली को बहुत पसंद किया जाता है। इस स्टाइल में दोनों हाथों की हथेलियों पर बहुत बारीकी से दूल्हा और दुल्हन के चित्र उकेरे जाते हैं। एक हाथ पर दूल्हे का पोर्ट्रेट बनाया जाता है जबकि दूसरे हाथ पर दुल्हन के चेहरे के साथ उनकी चुनरी और गहनों को बेहद सफाई से दर्शाया जाता है। इस डिजाइन की उंगलियों पर घनी शेडिंग और बारीक जाल का काम किया जाता है, जबकि उंगलियों के पोरों को गाढ़े रंग से भरकर एक संपूर्ण पारंपरिक लुक दिया जाता है। करवा चौथ के पावन अवसर पर यह शैली आपके हाथों की शोभा में चार चांद लगा सकती है।
मंडला पैटर्न मेहंदी डिजाइन
त्योहारों के मौसम में मंडला शैली हमेशा से महिलाओं की पसंद की सूची में सबसे ऊपर रहती है। इस खास पैटर्न में हथेली के ठीक बीचों-बीच एक बहुत ही आकर्षक और सुंदर गोलाकार आकृति बनाई जाती है जो देखने में बेहद भव्य लगती है। करवा चौथ के मौके पर सादगी और खूबसूरती का यह मेल आपके हाथों पर बेहद जचेगा और इसे आसानी से लगाया भी जा सकता है।
सर्कुलर और बेल-बूटे वाली मेहंदी
हथेलियों के बीच में एक विस्तृत और सुंदर गोल घेरा बनाने वाली यह सर्कुलर शैली इस पर्व के लिए एकदम सटीक साबित होती है। दोनों हथेलियों के केंद्र में बना यह प्रमुख वृत्ताकार पैटर्न पूरे डिजाइन का मुख्य आकर्षण होता है। इसके साथ ही हथेलियों से लेकर कलाइयों तक बनाए जाने वाले महीन बेल-बूटे इस पूरी सजावट को और अधिक खास और मनमोहक बना देते हैं।



















