म्यूजिक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म स्पॉटिफाई ने निवेशकों के साथ हुई अपनी तीसरी तिमाही की कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान फैमिली प्लान शेयरिंग पर चल रही सख्ती की खबरों की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। कंपनी ने अपनी इस नई प्रक्रिया को मौजूदा पहचान सत्यापन टूल में किया गया एक सामान्य सुधार करार दिया है। पिछले कुछ दिनों से तमाम मीडिया रिपोर्ट्स में इस बात का जिक्र सामने आ रहा था कि स्पॉटिफाई एक नई क्यूआर कोड सत्यापन प्रणाली को लागू कर रहा है। इस नए सिस्टम के तहत फैमिली प्लान से जुड़े सदस्यों को यह साबित करना होगा कि वे प्लान मैनेजर के ही घर पर रहते हैं और इसके लिए उन्हें एक क्यूआर कोड स्कैन करना होता है।
कंपनी के सपोर्ट दस्तावेजों के मुताबिक यह कोड प्लान मैनेजर के मोबाइल फोन पर प्रदर्शित होता है, जिसे प्लान के अन्य सदस्य को अपने खुद के फोन से स्कैन करना जरूरी होता है। नोटिफिकेशन मिलने के बाद यूजर्स के पास इस क्यूआर कोड की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए पूरे सात दिन का समय होता है। जो लोग मुख्य घर से दूर रहते हैं और आने वाले दिनों में वहां जाने की योजना नहीं बना रहे हैं, उन्हें इस नियम के चलते काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यदि कोई तय सात दिन की समय सीमा के भीतर सत्यापन पूरा करने में विफल रहता है, तो वे अगले 12 महीनों तक किसी अन्य फैमिली या डुओ प्लान का हिस्सा नहीं बन पाएंगे। ऐसे यूजर्स के पास इसके बाद केवल यही विकल्प बचेगा कि वे खुद भुगतान करके व्यक्तिगत प्लान की तरफ स्विच करें।
कंपनी की इस नई रणनीति का मुख्य मकसद प्रीमियम सब्सक्रिप्शन की संख्या में इजाफा करना है। अभी तक कई मामलों में ऐसा देखा गया था कि दोस्त या वयस्क बच्चे जो अलग-अलग जगहों पर रहते थे, वे एक ही फैमिली प्लान का सब्सक्रिप्शन साझा करके कम कीमत में प्रीमियम सेवाओं का लाभ उठा रहे थे। इस वित्तीय कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान एक निवेशक ने इस कड़ाई के बारे में सवाल पूछा और जानना चाहा कि इसका क्या अर्थ है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पॉटिफाई के को-सीईओ एलेक्स नॉरस्ट्रोम ने इस बदलाव को बहुत बड़ा रूप देने से इनकार करते हुए इसे किसी प्रकार की बड़ी कार्रवाई के बजाय एक नियमित सुधार बताया।
एलेक्स नॉरस्ट्रोम ने इस बारे में विस्तार से बात करते हुए कहा कि फैमिली प्लान कंपनी के इतिहास में लंबे समय से चला आ रहा है और यह स्पॉटिफाई के कुल सब्सक्राइबर बेस का एक बहुत बड़ा हिस्सा है। उन्होंने आगे कहा कि समय के साथ यह हमारे लिए बेहद जरूरी हो जाता है कि हम अपने सत्यापन तरीकों को लगातार बेहतर बनाते रहें। कंपनी का मानना है कि समय बीतने के साथ लोग इस प्रणाली में खामियां या रास्ते ढूंढ लेते हैं, और जैसे-जैसे ऐसा होता है, हम उसे ठीक करने के उपाय ढूंढते हैं।
शीर्ष अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि उपयोगकर्ताओं की सही पहचान सत्यापित करने का यह प्रयास कोई ऐसा काम नहीं है जिसका कोई निश्चित अंत हो या जो एक बार में पूरा हो जाए। कंपनी इसे एक सतत और निरंतर चलने वाली प्रक्रिया के रूप में देखती है जिसे समय-समय पर अपडेट किया जाता रहेगा। इस पूरी कवायद का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सेवा का दुरुपयोग रोका जा सके और प्रत्येक यूजर अपने नियमों के दायरे में रहकर ही प्लेटफॉर्म का उपयोग करे।



















