मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में रक्षाबंधन पर पारंपरिक खाजा और फैनी की धूम, जानिए इसकी खास विधि9 मई उपद्रव मामले में पूर्व आईएसआई चीफ फैज हमीद पर कस सकता है कानूनी शिकंजा, राना सनाउल्लाह ने दिए चार्जशीट के संकेतफेड ब्याज दर की उम्मीदों से दबाव में न्यूजीलैंड डॉलर साप्ताहिक निचले स्तर के करीब पहुँचाअमेरिका के ओवरकैपेसिटी टैरिफ पर चीन का सख्त रुख, जैक्सन होल में फेड अध्यक्ष केविन वॉर्श के भाषण से पहले जानें बाजार का रिस्क पैटर्ननागालैंड राज्य ने 27 अगस्त के डियर लॉटरी ड्रॉ की घोषणा की, 3 करोड़ रुपये के मुख्य पुरस्कार शामिलतुर्की लीरा पर बढ़ा दबाव, कमर्ज़बैंक की चेतावनी के बाद केंद्रीय बैंक के लक्ष्य से आगे निकली महंगाईतुएनसांग में लगातार बारिश और भूस्खलन से गिरा डीटीओ भवन, पहले ही खाली कराने से बची जानेंएनवीडिया के मजबूत नतीजों से टेक शेयरों में उछाल, अमेरिकी फ्यूचर्स और एशियाई बाजारों में तेजीरक्षाबंधन पर पहले तिलक लगाएं या बांधें राखी? जानिए सही पूजा क्रम, थाली सामग्री और जरूरी नियमहस्तरेखा शास्त्र के अनुसार अंगूठे के ये तीन खास निशान दिलाते हैं अपार धन और सामाजिक प्रतिष्ठा
राजस्थान के सीकर में रक्षाबंधन की धूम, 200 से अधिक स्टॉलों पर डायमंड और कार्टून राखियों की भारी मांगत्योहार
27 अग॰ 2026, 11:44 am (2 घंटे पहले)· 2

राजस्थान के सीकर में रक्षाबंधन की धूम, 200 से अधिक स्टॉलों पर डायमंड और कार्टून राखियों की भारी मांग

सीकर के बाजारों में रक्षाबंधन की खरीदारी के लिए भारी भीड़ जुट रही है, जहां 200 से ज्यादा दुकानों पर ₹10 से ₹1,000 तक की राखियां बेची जा रही हैं। इस बार बहनों के बीच डायमंड डिजाइन राखियों का सबसे ज्यादा क्रेज देखा जा रहा है।

राजस्थान के सीकर शहर में रक्षाबंधन पर्व की पूर्वसंध्या पर बाजारों की रौनक चरम पर पहुंच गई है। भाई और बहन के पवित्र रिश्ते के प्रतीक इस त्यौहार को लेकर शहरवासियों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। सुबह के शुरुआती घंटों से ही खरीदारी के लिए दुकानों पर लोगों का तांता लगना शुरू हो जाता है, जबकि सूरज ढलते ही मुख्य व्यापारिक इलाकों में जनसैलाब उमड़ पड़ता है। बाजारों में खरीदारों की भारी उपस्थिति के चलते कई स्थानों पर पैदल चलने तक की जगह नहीं मिल पा रही है, जिससे पूरा सीकर शहर पूरी तरह से उत्सवी माहौल में डूबा हुआ नजर आ रहा है।

200 से अधिक स्टॉलों से सजे बाजार, तबेला बना खरीदारी का मुख्य केंद्र

त्यौहार के विशेष अवसर पर सीकर शहर के प्रमुख व्यावसायिक गलियारों को रंग-बिरंगी राखियों से सजाया गया है। तबेला बाजार, जाट बाजार, घंटाघर से सूरजपोल गेट, सुभाष चौक और फतेहपुरी गेट जैसे इलाकों में 200 से भी ज्यादा स्थायी दुकानों और अस्थायी स्टॉलों पर विभिन्न प्रकार के कलेक्शन बिक्री के लिए रखे गए हैं। इन बाजारों में सजी चमकदार राखियां दूर से ही खरीदारों को आकर्षित कर रही हैं।

ये भी पढ़ें

शहर के तमाम बाजारों के बीच तबेला बाजार इस वर्ष भी रक्षाबंधन खरीदारी का सबसे बड़ा और प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। यहां की दुकानों पर बहनें अपने भाइयों की कलाई के लिए सबसे सुंदर और अनोखी राखी की तलाश में घंटों का समय बिता रही हैं। व्यापारी ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए लगातार नए-नए डिजाइन प्रदर्शित कर रहे हैं।

डायमंड राखी का बढ़ा क्रेज, ₹10 से ₹1,000 तक की रेंज उपलब्ध

इस बार के बाजार रुझानों पर नजर डालें तो चमकदार पत्थरों और आकर्षक कारीगरी वाली 'डायमंड राखी' बहनों की पहली पसंद बनी हुई है। तबेला बाजार के स्थानीय राखी विक्रेता ईश्वर दोदराजका ने बताया कि ग्राहक साधारण डिजाइनों की तुलना में स्टाइलिश और प्रीमियम लुक देने वाली डायमंड राखियों को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। प्रीमियम चमक के कारण इन राखियों की मांग लगातार बढ़ रही है।

इसके अलावा बाजार में पारंपरिक सूती धागे की राखियों से लेकर आधुनिक ब्रेसलेट लुक वाली राखियां भी बड़ी संख्या में मौजूद हैं। विक्रेताओं ने हर वर्ग के बजट का ध्यान रखते हुए ₹10 की किफायती दरों से लेकर ₹1,000 की उच्च गुणवत्ता वाली प्रीमियम राखियों का विस्तृत संग्रह सजाया है, जिससे सभी खरीदार अपनी पसंद और क्षमता के अनुसार खरीदारी कर पा रहे हैं।

बच्चों के लिए कार्टून व लाइट वाली राखियां, बाजारों में ट्रैफिक का दबाव

सुभाष चौक और उसके आसपास के बाजार क्षेत्रों में बच्चों के लिए विशेष आकर्षण रखे गए हैं। यहां छोटा भीम और मोटू-पतलू जैसे लोकप्रिय कार्टून पात्रों पर आधारित राखियों के साथ-साथ रंग-बिरंगी रोशनी बिखेरने वाली लाइट वाली राखियां बच्चों को खूब लुभा रही हैं। स्थायी दुकानों के अलावा फुटपाथों और हाथ ठेलों पर भी राखियों की जोरदार बिक्री देखी जा रही है।

खरीदारों की बढ़ती मांग को देखते हुए दुकानदारों ने देर रात तक अपने प्रतिष्ठान खुले रखने का फैसला किया है। हालांकि, शाम के समय भीड़ के चरम पर पहुंचने से तबेला बाजार और घंटाघर के आसपास के सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार काफी धीमी हो जाती है, जिससे कई बार ट्रैफिक जाम की नौबत आ जाती है। इसके बावजूद त्यौहारी उत्साह में कोई कमी नहीं आई है और बहनें खुशी-खुशी खरीदारी में लगी हुई हैं।

सवाल-जवाब

सीकर के बाजारों में राखियों की शुरुआती कीमत क्या है?
सीकर के बाजारों में राखियों की शुरुआती कीमत ₹10 से लेकर प्रीमियम वैरायटी में ₹1,000 तक रखी गई है।
इस साल रक्षाबंधन पर बहनों के बीच कौन सी राखी सबसे ज्यादा लोकप्रिय है?
इस बार चमकदार स्टोन और स्टाइलिश डिजाइन वाली डायमंड राखी बहनों की पहली पसंद बनी हुई है।
सीकर में राखी खरीदारी के प्रमुख केंद्र कौन से हैं?
तबेला बाजार, जाट बाजार, घंटाघर से सूरजपोल गेट, सुभाष चौक और फतेहपुरी गेट खरीदारी के मुख्य केंद्र हैं।
बच्चों के लिए बाजारों में किस तरह की राखियां उपलब्ध हैं?
बच्चों के लिए छोटा भीम और मोटू-पतलू जैसे कार्टून कैरेक्टर और लाइट जलने वाली राखियां उपलब्ध हैं।
सीकर के तबेला बाजार में कितनी दुकानें और स्टॉल लगाए गए हैं?
सीकर के प्रमुख बाजारों में 200 से अधिक स्थायी दुकानें और अस्थायी स्टॉल लगाए गए हैं।
शाम के वक्त सीकर के तबेला बाजार में यातायात की क्या स्थिति है?
भारी भीड़ के कारण शाम के समय तबेला बाजार और घंटाघर के आसपास वाहनों की रफ्तार धीमी हो जाती है और ट्रैफिक जाम बनता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR