राजस्थान के सीकर शहर में रक्षाबंधन पर्व की पूर्वसंध्या पर बाजारों की रौनक चरम पर पहुंच गई है। भाई और बहन के पवित्र रिश्ते के प्रतीक इस त्यौहार को लेकर शहरवासियों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। सुबह के शुरुआती घंटों से ही खरीदारी के लिए दुकानों पर लोगों का तांता लगना शुरू हो जाता है, जबकि सूरज ढलते ही मुख्य व्यापारिक इलाकों में जनसैलाब उमड़ पड़ता है। बाजारों में खरीदारों की भारी उपस्थिति के चलते कई स्थानों पर पैदल चलने तक की जगह नहीं मिल पा रही है, जिससे पूरा सीकर शहर पूरी तरह से उत्सवी माहौल में डूबा हुआ नजर आ रहा है।
200 से अधिक स्टॉलों से सजे बाजार, तबेला बना खरीदारी का मुख्य केंद्र
त्यौहार के विशेष अवसर पर सीकर शहर के प्रमुख व्यावसायिक गलियारों को रंग-बिरंगी राखियों से सजाया गया है। तबेला बाजार, जाट बाजार, घंटाघर से सूरजपोल गेट, सुभाष चौक और फतेहपुरी गेट जैसे इलाकों में 200 से भी ज्यादा स्थायी दुकानों और अस्थायी स्टॉलों पर विभिन्न प्रकार के कलेक्शन बिक्री के लिए रखे गए हैं। इन बाजारों में सजी चमकदार राखियां दूर से ही खरीदारों को आकर्षित कर रही हैं।
शहर के तमाम बाजारों के बीच तबेला बाजार इस वर्ष भी रक्षाबंधन खरीदारी का सबसे बड़ा और प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। यहां की दुकानों पर बहनें अपने भाइयों की कलाई के लिए सबसे सुंदर और अनोखी राखी की तलाश में घंटों का समय बिता रही हैं। व्यापारी ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए लगातार नए-नए डिजाइन प्रदर्शित कर रहे हैं।
डायमंड राखी का बढ़ा क्रेज, ₹10 से ₹1,000 तक की रेंज उपलब्ध
इस बार के बाजार रुझानों पर नजर डालें तो चमकदार पत्थरों और आकर्षक कारीगरी वाली 'डायमंड राखी' बहनों की पहली पसंद बनी हुई है। तबेला बाजार के स्थानीय राखी विक्रेता ईश्वर दोदराजका ने बताया कि ग्राहक साधारण डिजाइनों की तुलना में स्टाइलिश और प्रीमियम लुक देने वाली डायमंड राखियों को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। प्रीमियम चमक के कारण इन राखियों की मांग लगातार बढ़ रही है।
इसके अलावा बाजार में पारंपरिक सूती धागे की राखियों से लेकर आधुनिक ब्रेसलेट लुक वाली राखियां भी बड़ी संख्या में मौजूद हैं। विक्रेताओं ने हर वर्ग के बजट का ध्यान रखते हुए ₹10 की किफायती दरों से लेकर ₹1,000 की उच्च गुणवत्ता वाली प्रीमियम राखियों का विस्तृत संग्रह सजाया है, जिससे सभी खरीदार अपनी पसंद और क्षमता के अनुसार खरीदारी कर पा रहे हैं।
बच्चों के लिए कार्टून व लाइट वाली राखियां, बाजारों में ट्रैफिक का दबाव
सुभाष चौक और उसके आसपास के बाजार क्षेत्रों में बच्चों के लिए विशेष आकर्षण रखे गए हैं। यहां छोटा भीम और मोटू-पतलू जैसे लोकप्रिय कार्टून पात्रों पर आधारित राखियों के साथ-साथ रंग-बिरंगी रोशनी बिखेरने वाली लाइट वाली राखियां बच्चों को खूब लुभा रही हैं। स्थायी दुकानों के अलावा फुटपाथों और हाथ ठेलों पर भी राखियों की जोरदार बिक्री देखी जा रही है।
खरीदारों की बढ़ती मांग को देखते हुए दुकानदारों ने देर रात तक अपने प्रतिष्ठान खुले रखने का फैसला किया है। हालांकि, शाम के समय भीड़ के चरम पर पहुंचने से तबेला बाजार और घंटाघर के आसपास के सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार काफी धीमी हो जाती है, जिससे कई बार ट्रैफिक जाम की नौबत आ जाती है। इसके बावजूद त्यौहारी उत्साह में कोई कमी नहीं आई है और बहनें खुशी-खुशी खरीदारी में लगी हुई हैं।



















