नगालैंड के तुएनसांग जिले में मूसलाधार मानसून बारिश के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है। इसी क्रम में गुरुवार सुबह पोस्ट ऑफिस वार्ड स्थित जिला परिवहन कार्यालय (डीटीओ) की पूरी इमारत भूस्खलन की चपेट में आकर पूरी तरह ध्वस्त हो गई। राहत की बात यह रही कि जिला प्रशासन ने पहले ही इस ढांचे के ढहने की आशंका को देखते हुए इसे खाली करा लिया था, जिससे किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई।
खतरे को देखते हुए जारी हुआ था आपात्कालीन आदेश
इमारत के गिरने की घटना अचानक नहीं हुई, बल्कि भारी बारिश के चलते इसके ढांचे को पहले ही अत्यधिक नुकसान पहुंच चुका था। 23 जुलाई 2026 को तुएनसांग की उपायुक्त और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की अध्यक्ष लिथ्रोंगला टोंगपी रुत्सा ने एक विस्तृत ढांचागत और तकनीकी आकलन के बाद आपात्कालीन डिमोलिशन आदेश जारी किया था। इस जांच में स्पष्ट पाया गया था कि लगातार हो रही बारिश ने इमारत की नींव और दीवारों को असुरक्षित बना दिया है।
आदेश का पालन करते हुए 24 जुलाई से ही डीटीओ कार्यालय को अगले आदेश तक के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया था। इस बंदी के कारण वाहन से जुड़ी तमाम महत्वपूर्ण सेवाएं रोक दी गई थीं। इनमें नए ड्राइविंग लाइसेंस जारी करना, वाहनों का पंजीकरण, कर संग्रहण और परमिट संबंधी सभी प्रशासनिक कार्य शामिल थे। प्रशासन के इस त्वरित कदम से वहां काम करने वाले कर्मचारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकी।
प्रतिदिन 6 से 8 इंच धंस रही थी जमीन
डीटीओ परिसर और उसके आसपास के इलाके में स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई थी। आधिकारिक सर्वेक्षणों और आकलन के अनुसार, डीटीओ क्षेत्र के आसपास की जमीन रोजाना लगभग 6 से 8 इंच की गति से नीचे धंस रही थी। जमीन के इस लगातार खिसकने और धंसने की वजह से आसपास की अन्य संरचनाओं और रिहाइशी मकानों पर भी गंभीर खतरा मंडराने लगा था।
खतरे को देखते हुए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी आवास) के तहत आपदा प्रतिक्रिया बल को आपात्कालीन डिमोलिशन प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए थे। जिस समय जमीन धंसने की प्रक्रिया जारी थी, उसी दौरान असुरक्षित ढांचे को नियंत्रित तरीके से ध्वस्त करने का कार्य चल रहा था। किसी भी अनहोनी से बचने के लिए प्रशासन ने आम जनता और अनधिकृत व्यक्तियों के उस क्षेत्र में प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था। इससे पहले भी प्रभावित क्षेत्र में दो अन्य खतरनाक इमारतों को पहले ही ध्वस्त किया जा चुका था।
49 परिवारों की निकासी और राहत कार्य
नगालैंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनएसडीएमए) द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, 19 जुलाई से चलाए जा रहे बचाव अभियान के तहत अब तक कुल 49 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। इन विस्थापित परिवारों में से 44 परिवार सीधे डीटीओ भवन के ठीक नीचे स्थित निचले इलाकों में रह रहे थे, जबकि 5 परिवार पोस्ट ऑफिस वार्ड और बाज़ार ए वार्ड के प्रभावित हिस्सों से थे।
विस्थापित हुए लोगों को आश्रय देने के लिए तुएनसांग टाउन हॉल में आपात्कालीन राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। इन शिविरों में प्रभावित परिवारों को भोजन, सुरक्षित रहने की जगह और अन्य जरूरी सहायता मुहैया कराई जा रही है। तुएनसांग में मानसून के कारण व्यापक नुकसान हुआ है, जहां लगातार भूस्खलन और जमीन धंसने के कारण कई परिवारों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है।

















