रजनीकांत की 'धर्मन' में हुई नयनतारा की एंट्री, पांच साल बाद दोनों कलाकार आएंगे साथ नजरपाकिस्तान क्रिकेट टीम में बड़ा बदलाव, फॉर्म से जूझ रहे सैम अयूब बाहर और साहिबजादा फरहान की एंट्रीबॉलीवुड दिवाली पार्टी शेड्यूल: अक्षय से मनीष मल्होत्रा तक के घर सजेगी महफिल, सुरक्षा और पैपराजी पर सख्त नियमभारत ए और न्यूजीलैंड ए के मुकाबले में पलटा पासा, मेहमान टीम पर मजबूत बढ़त हासिलसना मकबूल ने जय भानुशाली और माही विज के तलाक पर तोड़ी चुप्पी, ट्रोलर्स को दिया करारा जवाबरणबीर कपूर की 'रामायण' रिव्यू (2026): कास्ट, बजट, रनटाइम और रिलीज से जुड़ी पूरी जानकारीशिल्पा राव का असली नाम क्या था? जानिए इस मशहूर गायिका के शुरुआती संघर्ष से लेकर ग्रैमी और नेशनल अवॉर्ड तक का सफरकौन होणार करोड़पति में सचिन पिलगांवकर ने सुनाया किस्सा, साड़ी में देखकर सास भी खा गई थीं गच्चाअसिन और राहुल शर्मा की बेटी अरिन सात साल की उम्र में बोलती हैं 12 भाषाएं, घर में टीवी और मोबाइल का उपयोग वर्जितसाई पल्लवी का जलवा, धनुष के साथ 'ओम' में खाकी वर्दी में दिखेंगी एक्ट्रेस
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में रक्षाबंधन पर पारंपरिक खाजा और फैनी की धूम, जानिए इसकी खास विधिखानपान
27 अग॰ 2026, 1:15 pm (63 दिन पहले)· 3

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में रक्षाबंधन पर पारंपरिक खाजा और फैनी की धूम, जानिए इसकी खास विधि

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में रक्षाबंधन से पहले पारंपरिक मिठाइयों खाजा और फैनी की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है। जानिए हलवाई निलेश राजपूत द्वारा बताई गई खाजा बनाने की खास रेसिपी और इसे एक हफ्ते तक सुरक्षित रखने का तरीका।

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में रक्षाबंधन का पवित्र त्योहार नजदीक आते ही मिष्ठान बाजारों में अभूतपूर्व रौनक देखने को मिल रही है। इस खास अवसर पर बुरहानपुर की प्रसिद्ध पारंपरिक मिठाइयों, मुख्य रूप से खाजा और फैनी, की मांग अत्यधिक बढ़ गई है। स्थानीय बाजारों में हलवाइयों ने इन पारंपरिक व्यंजनों को तैयार करने का कार्य जोर-शोर से शुरू कर दिया है। दुकानों पर खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ रही है, क्योंकि रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने के बाद उन्हें मुख्य रूप से खाजा और फैनी भेंट करती हैं। यह खास परंपरा यहां कई पीढ़ियों से चली आ रही है और आज भी पूरी श्रद्धा तथा मिठास के साथ निभाई जाती है।

हफ्ते भर तक खराब नहीं होता खाजा: जानिए इसकी खासियत

बुरहानपुर के खाजा की सबसे बड़ी विशेषता इसका स्वादिष्‍ट होना और इसकी लंबी शेल्फ लाइफ है। खाजा न केवल खाने में बेहद लज़ीज़ और कुरकुरा होता है, बल्कि इसे सही तरीके से रखने पर यह लगभग एक सप्ताह तक बिल्कुल तरोताजा और सुरक्षित रहता है। यही वजह है कि लोग त्योहार के दौरान इसे दूर-दराज रहने वाले अपने रिश्तेदारों और भाइयों के लिए आसानी से खरीदकर ले जाते हैं। परिवहन के दौरान भी इसके खराब होने या स्वाद बिगड़ने का कोई डर नहीं रहता, जिससे यह बुरहानपुर के निवासियों के लिए रक्षाबंधन का सबसे पसंदीदा उपहार बन चुका है।

ये भी पढ़ें

रवा, मैदा और घी से बनती है यह लज़ीज़ मिठाई: रेसिपी और प्रक्रिया

खाजा तैयार करने की पारंपरिक और प्रामाणिक विधि के बारे में विस्तार से बताते हुए एक्सपर्ट हलवाई निलेश राजपूत ने बताया कि इस मिठाई को बनाने के लिए मुख्य रूप से चार सामग्रियों रवा, मैदा, शुद्ध घी और शक्कर का उपयोग किया जाता है।

हलवाई निलेश राजपूत के अनुसार, खाजा बनाने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाती है

  • आटा तैयार करना: सबसे पहले रवा और मैदा को सही अनुपात में मिलाकर आटा गूंथा जाता है। इस दौरान आटे में पर्याप्त मात्रा में घी मिलाया जाता है, जो मिठाई को सही कुरकुरापन प्रदान करता है।
  • परतें और आकार देना: तैयार आटे की पतली-पतली परतें बनाई जाती हैं और फिर उन्हें लपेटकर खाजा का पारंपरिक आकार दिया जाता है।
  • घी में तलना: आकार देने के बाद इन परतों को धीमी और मध्यम आंच पर घी में अच्छी तरह से सेका और तला जाता है, जिससे यह अंदर तक पूरी तरह से पक जाए।
  • चाशनी में डुबोना: अंत में, तले हुए गरम खाजा को शक्कर से तैयार चाशनी में डुबोया जाता है। चाशनी की परत चढ़ते ही खाजा बाहर से एकदम कुरकुरा और अंदर से स्वादिष्ट बन जाता है।

फैनी और घर पर खाजा बनाने की पुरानी परंपरा

खाजा के साथ-साथ बुरहानपुर में फैनी की भी रक्षाबंधन पर भारी खपत होती है। बहनें पूजा की थाली में रक्षा सूत्र के साथ फैनी और खाजा रखकर अपने भाइयों का मुंह मीठा कराती हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पीढ़ियों पुरानी यह परंपरा बुरहानपुर की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बन चुकी है।

यदि आप इस रक्षाबंधन पर बाजार की तैयार मिठाइयों के बजाय घर पर ही कुछ पारंपरिक और शुद्ध व्यंजन बनाना चाहते हैं, तो खाजा एक बेहतरीन विकल्प है। रसोई में आसानी से उपलब्ध रवा, मैदा, शक्कर और घी की मदद से इसे घर पर सरलता से तैयार किया जा सकता है। घर का बना खाजा न केवल त्योहार के आनंद को बढ़ाएगा, बल्कि भाई-बहन के इस अटूट रिश्ते में मिठास भी घोलेगा।

सवाल-जवाब

बुरहानपुर में रक्षाबंधन पर कौन सी मिठाइयां सबसे ज्यादा पसंद की जाती हैं?
रक्षाबंधन पर बुरहानपुर में मुख्य रूप से खाजा और फैनी मिठाई की सबसे अधिक मांग रहती है।
खाजा मिठाई कितने दिनों तक सुरक्षित और ताजा रहती है?
सही तरीके से रखने पर खाजा मिठाई लगभग एक सप्ताह (सात दिन) तक खराब नहीं होती और तरोताजा बनी रहती है।
खाजा बनाने के लिए कौन सी मुख्य सामग्रियों की आवश्यकता होती है?
खाजा बनाने के लिए मुख्य रूप से रवा, मैदा, शुद्ध घी और शक्कर की आवश्यकता होती है।
हलवाई निलेश राजपूत के अनुसार खाजा में कुरकुरापन कैसे आता है?
रवा और मैदा के आटे में पर्याप्त मात्रा में घी का मोयन मिलाने और उसे घी में सही आंच पर तलने से खाजा बाहर से कुरकुरा बनता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp