सुल्तानपुर में रक्षाबंधन का त्योहार जैसे-जैसे करीब आ रहा है, वैसे-वैसे स्थानीय बाजारों में रौनक तेजी से बढ़ रही है। इस बार राखी बाजार में पारंपरिक धागों के साथ-साथ बच्चों और युवाओं को आकर्षित करने वाली कई अनोखी और अलग तरह की राखियां उपलब्ध हैं। बच्चों की पसंद का विशेष ध्यान रखते हुए इस साल बाजार में पब जी थीम वाली राखियां, कार्टून डिजाइन और रंग-बिरंगे विकल्प उतारे गए हैं, जिन्हें देखकर छोटे बच्चे काफी उत्साहित दिख रहे हैं।
अलग-अलग वैराइटी और कीमत
स्थानीय दुकानदार विवेक जायसवाल के अनुसार, इस सीजन में बाजार में कई ऐसी नई वैराइटी आई हैं जो सबका ध्यान खींच रही हैं। खासकर भैया-भाभी वाली राखियां इस बार मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इसके अलावा रोशनी करने वाली लाइट वाली राखियां भी बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय हो रही हैं। विभिन्न आकारों, रंगों और डिजाइन में सजी ये राखियां पूरे बाजार की शोभा बढ़ा रही हैं। दुकानदारों का कहना है कि आज के ग्राहक केवल साधारण डोरियों से संतुष्ट नहीं होते, बल्कि वे कुछ हटकर और आकर्षक डिजाइन तलाशते हैं। यही कारण है कि व्यापारियों ने बच्चों के साथ-साथ युवाओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए कई नई वैराइटी का स्टॉक मंगवाया है। इन राखियों की कीमत बाजार में दो रुपये से लेकर 1600 रुपये तक तय की गई है, जिससे हर वर्ग के ग्राहक अपनी पसंद और बजट के अनुसार खरीदारी कर पा रहे हैं।
मुरारीदास गली में सजा राखी का विशेष बाजार
सुल्तानपुर की प्रसिद्ध मुरारीदास गली राखियों की खरीद-फरोख्त के लिए विशेष रूप से जानी जाती है। इस बार इस मुख्य बाजार में सिर्फ राखियां ही नहीं, बल्कि बच्चों के मनोरंजन से जुड़ी कई अन्य सामग्रियां भी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध कराई गई हैं। दुकानदार विवेक जायसवाल ने बताया कि राखी के साथ-साथ बच्चों के लिए क्ले, पेंटिंग ब्रश और अन्य प्रकार के खिलौने भी दुकानों पर सजाए गए हैं। इसका मतलब है कि इस बार बच्चों के लिए राखी बाजार केवल एक पारंपरिक धागा खरीदने की जगह तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्रिएटिविटी और मनोरंजन का केंद्र भी बन गया है। त्योहारी तारीख नजदीक आने के साथ ही इन सभी सामानों की बिक्री में और अधिक तेजी आने की पूरी उम्मीद है और बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।
परंपरा के साथ बदलता राखी बाजार
भाई और बहन के पवित्र रिश्ते के प्रतीक रक्षाबंधन के पर्व पर कलाई पर राखी बांधने की परंपरा सदियों पुरानी है, लेकिन समय के साथ राखियों के स्वरूप और डिजाइन में लगातार बड़े बदलाव आ रहे हैं। एक समय था जब बाजार में मुख्य रूप से पारंपरिक सूती धागे और साधारण बनावट वाली राखियां ही नजर आती थीं, लेकिन अब आधुनिक दौर में बच्चों और युवाओं की पसंद को प्राथमिकता दी जा रही है। गेमिंग थीम, कार्टून कैरेक्टर, लाइट इफेक्ट्स और अलग-अलग संदेशों वाली फैंसी राखियां बाजार में अपनी पक्की जगह बना चुकी हैं। सुल्तानपुर शहर में भी इस आधुनिक बदलाव की एक स्पष्ट झलक देखने को मिल रही है। पब जी गेमिंग थीम से लेकर पारंपरिक भैया-भाभी सेट तक, बाजार में उपलब्ध ये तमाम अनोखे और ट्रेंडी डिजाइन इस बार के रक्षाबंधन के पर्व को और अधिक रंगीन और खास बनाने का काम कर रहे हैं।



















