हरियाली तीज और नागपंचमी के पवन पर्व के साथ ही देश भर में चार महीने लंबे त्योहारों के मौसम की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है। धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार अब 28 अगस्त को रक्षाबंधन का पावन पर्व मनाया जाएगा, जिसके ठीक बाद 4 सितंबर शुक्रवार को कृष्ण जन्माष्टमी की धूम रहेगी। इसके बाद दीपावाली और छठ महापर्व तक पूरे चार महीने अलग-अलग त्योहारों का सिलसिला लगातार जारी रहेगा। भारत में किसी भी पर्व की खुशी बिना पारंपरिक मिठाइयों के अधूरी मानी जाती है। रक्षाबंधन और कृष्ण जन्माष्टमी जैसे खास मौकों पर अगर घर में ताजा और शुद्ध रसगुल्ला तैयार हो जाए, तो त्योहार का आनंद कई गुना बढ़ जाता है। कई बार जटिल और लंबी रेसिपी की वजह से लोग घर पर रसगुल्ला बनाने से कतराते हैं। हालांकि, रसोई की एक आधुनिक और आसान विधि के जरिए आप महज 15 मिनट के अंदर सिर्फ 1 लीटर दूध का इस्तेमाल करके पूरे 40 स्पंजी छेना रसगुल्ले तैयार कर सकते हैं।
दूध का सही चुनाव और छेना फाड़ने की सटीक तकनीक
सॉफ्ट और स्पंजी रसगुल्ले बनाने की शुरुआत सही दूध के चयन से होती है। इस रेसिपी के लिए हमेशा भैंस के दूध का ही इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि इसमें फैट की मात्रा अधिक होती है जिससे छेना बेहतर और भारी मात्रा में निकलता है। सबसे पहले एक से सवा लीटर दूध को किसी बड़ी कढ़ाही या भगोने में डालकर तेज आंच पर उबलने के लिए रख दें। जब तक दूध में उबाल आ रहा हो, तब तक एक कटोरी में आधा कटा नींबू निचोड़ें और उसमें थोड़ा सा पानी मिला लें। आप चाहें तो नींबू के रस की जगह विनेगर यानी सिरके का उपयोग भी कर सकते हैं। जैसे ही दूध में तेज उबाल आ जाए, गैस की आंच को एकदम धीमा कर दें या फिर बर्नर को बंद कर दें। इसके बाद करछुल की मदद से कटोरी में तैयार नींबू-पानी के घोल को थोड़ा-थोड़ा करके उबले दूध में डालें और हल्के हाथों से चलाते रहें। सारा घोल एक साथ कभी न उड़ेलें।
छेना छानने, धोने और पानी निचोड़ने का तरीका
दूध में नींबू का रस मिलाते ही दूध और पानी पूरी तरह अलग होकर फट जाएगा। इस प्रक्रिया में ध्यान देने योग्य सबसे अहम नियम यह है कि नींबू के घोल को कभी भी उबलते हुए तेज आंच वाले दूध में सीधे न मिलाएं। हमेशा गैस बंद करके या आंच धीमी करके ही छेना फाड़ना चाहिए। दूध फटने के तुरंत बाद उसे एक धातु की छन्नी या स्ट्रेनर की मदद से छान लें। शुरुआत में इसे कपड़े में सीधे न निकालें, क्योंकि छेने को ठंडे पानी से अच्छी तरह धोना जरूरी होता है। छन्नी में छेना निकालने के बाद, फटे दूध के बचे हुए पानी यानी व्हे वॉटर में से दो छोटी चम्मच पानी एक अलग कटोरी में निकालकर सुरक्षित रख लें। बाकी बचे हुए पौष्टिक पनीर के पानी का इस्तेमाल आप किसी सब्जी की तरी बनाने या आटा गूंधने में कर सकते हैं।
स्मूथ छेना तैयार करने की कटोरी वाली आसान ट्रिक
छन्नी में रखे छेने को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि नींबू का खट्टापन पूरी तरह निकल जाए। इसके बाद छेने को एक साफ सूती कपड़े में रखें, उसकी मजबूत पोटली बनाएं और हाथों से दबाकर पूरा पानी निचोड़ लें। पानी पूरी तरह निकल जाने के बाद छेने को एक बड़ी थाली में निकालें। अब हलवाई की तरह हाथों से लगातार मसलने की भारी मेहनत से बचने के लिए एक छोटी कटोरी लें। कटोरी के समतल निचले हिस्से को थाली में रखे छेने पर अच्छी तरह रगड़ें। इस अनोखी कटोरी ट्रिक से छेना बिना ज्यादा मेहनत के बेहद कम समय में एकदम चिकना और सॉफ्ट हो जाता है। आप चाहें तो इस काम के लिए मिक्सी का उपयोग भी कर सकते हैं या पारंपरिक तरीके से हथेली से भी मसल सकते हैं।
परफेक्ट बाइंडिंग और शेप के लिए सही सामग्री
छेना अच्छी तरह मसल जाने के बाद उसमें एक चुटकी बेकिंग पाउडर मिलाएं। ध्यान रखें कि इस रेसिपी में बेकिंग सोडा का इस्तेमाल बिल्कुल न करें, केवल बेकिंग पाउडर ही डालें क्योंकि यह हल्का होता है और मिठाई के असली स्वाद को प्रभावित नहीं करता। इसके बाद बाइंडिंग के लिए छेने में दो छोटी चम्मच मक्के का आटा (कॉर्नफ्लोर), मैदा या अरारोट मिलाएं। यह सामग्री उबलते समय रसगुल्लों को फटने से बचाती है और उनका गोल आकार बनाए रखती है। सभी सामग्रियों को छेने में अच्छी तरह मिला लें और फिर मिश्रण से छोटी-छोटी लोई तोड़कर हथेलियों के बीच घुमाते हुए सुंदर और चिकने रसगुल्ले तैयार कर लें।
कुकर में चाशनी बनाने और झाग लाने का सीक्रेट
अब रसगुल्ले पकाने के लिए चाशनी तैयार करने की बारी आती है। इसके लिए एक प्रेशर कुकर लें और उसमें एक कप चीनी के साथ तीन कप पानी डालें। चाशनी में पानी की मात्रा अधिक इसलिए रखी जाती है ताकि रसगुल्ले पतले घोल में आसानी से तैरते हुए पक सकें। अगर पानी कम होगा तो चाशनी गाढ़ी हो जाएगी और रसगुल्ले भीतर से सख्त रह जाएंगे। जब चीनी पानी में पूरी तरह घुलने लगे, तब शुरुआत में बचाकर रखा गया दो चम्मच छेने का पानी कुकर में डाल दें। यह सीक्रेट ट्रिक चाशनी को खराब होने से बचाती है और पकाने के दौरान कुकर के भीतर भरपूर झाग पैदा करती है, जिससे रसगुल्ले चारों तरफ से बराबर पकते हैं।
5 मिनट की भाप और 2 सीटी में तैयार करें रसगुल्ले
चाशनी में उबाल आते ही तैयार किए गए छेना रसगुल्लों को एक-एक करके हल्के हाथों से कुकर में डाल दें। इसके बाद कुकर के ढक्कन को बिना सीटी लगाए या बिना बंद किए केवल ऊपर से ढक दें और 5 मिनट तक तेज भाप में पकने दें। 5 मिनट बीत जाने के बाद ढक्कन को सही तरीके से बंद कर दें और तेज आंच पर केवल दो सीटी लगवाएं। कुकर का दबाव रसगुल्लों को अंदर तक पूरी तरह पका देता है। पारंपरिक कढ़ाही या भगोने में जहां रसगुल्ले पकाने में कम से कम 20 मिनट का समय लगता है, वहीं कुकर में यह काम महज 5 से 7 मिनट में पूरा हो जाता है। कुकर का प्रेशर अपने आप खत्म होने के बाद ढक्कन खोलें, रसगुल्लों को कांच के बाउल में निकालें और ठंडा होने के बाद परोसें।



















