नाश्ते की थाली में अगर रोज वही पुराना बेसन वाला ढोकला रखा जाए तो जायका फीका पड़ जाता है, ऐसे में मूंग दाल से तैयार खमन ढोकला एक ताजा और सेहतमंद बदलाव साबित हो सकता है. दाल से बना यह ढोकला बेसन वाले वर्जन से हल्का होता है, जल्दी पच जाता है और घर के बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर किसी की पसंद बन सकता है. खास बात यह है कि इसमें थोड़ी सूजी और पोहा मिलाने भर से इसका टेक्सचर पहले से कहीं ज्यादा मुलायम और स्पंजी हो जाता है.
सही अनुपात में बैटर बने, भाप सही तरीके से लगे और ऊपर से हल्का सा तड़का पड़े, तो घर की रसोई में भी ठीक बाजार जैसा जालीदार ढोकला निकल आता है. सुबह के नाश्ते से लेकर टिफिन बॉक्स और शाम की चाय तक, यह हर मौके के लिए फिट बैठता है. जानिए इसे बनाने की पूरी और आसान प्रोसेस.
दाल भिगोने से जुड़ी जरूरी बातें
इस डिश के लिए धुली हुई पीली मूंग दाल चुनना सबसे अहम कदम है. दाल को साफ पानी से अच्छी तरह धोकर तीन से चार घंटे भिगोकर रखना चाहिए, अगर वक्त की कमी न हो तो इसे रातभर भी भिगोया जा सकता है. भिगोने के बाद बर्तन से अतिरिक्त पानी निकाल देना जरूरी है, वरना बैटर जरूरत से ज्यादा पतला बन जाएगा और ढोकला ठीक से सेट नहीं होगा.
सूजी और पोहा टेक्सचर क्यों बदल देते हैं
भीगी हुई मूंग दाल में जब थोड़ी सूजी और अच्छी तरह धुला हुआ पोहा मिलाकर पीसा जाता है, तो ढोकले की बनावट में साफ फर्क दिखने लगता है. सूजी बैटर को एक हल्की दानेदार बनावट देती है, जबकि पोहा ढोकले को घंटों तक नरम और मुलायम बनाए रखने में मदद करता है. यही वजह है कि सिर्फ बेसन या सिर्फ दाल से बने ढोकले के मुकाबले यह वर्जन ज्यादा देर तक टेस्टी और सॉफ्ट बना रहता है. कई बार घर पर बना ढोकला कुछ ही घंटों में सख्त पड़ जाता है, पोहे की मौजूदगी इस दिक्कत को काफी हद तक कम कर देती है.
चिकना बैटर तैयार करने का तरीका
भीगी दाल, सूजी और पोहे को दही या छाछ के साथ मिलाकर बारीक और चिकना पीस लें. ध्यान रहे कि बैटर न बहुत गाढ़ा हो और न बहुत पतला. इसे एक बड़े बर्तन में निकालकर स्वादानुसार नमक मिलाएं और कुछ देर के लिए ढककर छोड़ दें, ताकि सारी सामग्री आपस में अच्छी तरह घुल जाए और स्वाद एकसार हो जाए.
स्टीमर में चढ़ाने से ठीक पहले बैटर में फ्रूट सॉल्ट या इनो डालना है. इसके बाद बैटर को बहुत हल्के हाथों से मिलाना चाहिए, क्योंकि ज्यादा देर तक और तेज गति से चलाने पर बैटर में बनी हवा की परतें बाहर निकल जाती हैं, जिससे ढोकला उतना फूला और स्पंजी नहीं बन पाता.
भाप देने का सही तरीका
जिस प्लेट या ट्रे में ढोकला जमाना है, उस पर पहले हल्का तेल लगा लें ताकि बाद में ढोकला आसानी से निकल जाए. तैयार बैटर उस प्लेट में डालकर पहले से गर्म किए हुए स्टीमर में रख दें. मध्यम आंच पर करीब 15 से 20 मिनट तक भाप में पकाएं. इस दौरान बार-बार ढक्कन खोलने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे भाप का दबाव टूट जाता है और ढोकला ठीक तरह से फूल नहीं पाता.
तड़का और गार्निशिंग से बढ़ेगा स्वाद
ढोकला तैयार होने के बाद उस पर राई, तिल, करी पत्ता और हरी मिर्च का हल्का तड़का डाला जा सकता है. चाहें तो थोड़ा मीठा और हल्का खट्टा पानी बनाकर भी ऊपर से डाला जा सकता है, इससे हर टुकड़ा ज्यादा रसीला और स्वादिष्ट लगने लगता है. आखिर में कटे हुए ढोकले पर बारीक कटा हरा धनिया और ताजा कद्दूकस किया नारियल छिड़का जाता है. इसे हरी चटनी, मीठी चटनी या फिर एक कप चाय के साथ परोसा जा सकता है, यह सुबह के नाश्ते के अलावा बच्चों के टिफिन के लिए भी एक बढ़िया चॉइस बन जाता है.
सेहत के लिहाज से क्यों है फायदेमंद
मूंग दाल को प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है, इसलिए इस दाल से बना ढोकला सिर्फ जीभ का ही नहीं बल्कि सेहत का भी ख्याल रखता है. अगर तड़के में तेल की मात्रा कम रखी जाए, तो यह डिश हल्का और सेहतमंद नाश्ता बन जाती है, जिसे बार-बार बनाकर खाया जा सकता है और मेहमानों के सामने भी बेझिझक परोसा जा सकता है.




















