मानसून के दस्तक देते ही हमारी रसोई में भी मौसमी पकवानों की खुशबू महकने लगती है। इस सुहाने मौसम में प्रकृति हमें कई ऐसी सौगातें देती है जो न केवल सेहत के लिए फायदेमंद हैं बल्कि हमारे पारंपरिक स्वाद को भी जिंदा रखती हैं। राजस्थान के ग्रामीण अंचलों में बारिश के दिनों में एक बेहद खास और लजीज सब्जी बनाई जाती है जिसे लेस्वे की सब्जी कहा जाता है। देशी मसालों के अनूठे तालमेल से तैयार होने वाली यह डिश जितनी स्वादिष्ट है, सेहत के लिहाज से भी उतनी ही उत्तम मानी जाती है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसे पकाने में बहुत अधिक समय या मेहनत की जरूरत नहीं होती। आप इसे बाजरे की रोटी, सामान्य गेहूं की चपाती, खस्ता पराठे या फिर गरमा-गरम दाल-चावल के साथ परोस सकते हैं। अगर आप इस मानसून में अपने परिवार को कुछ नया और पारंपरिक परोसना चाहते हैं, तो राजस्थानी शैली की यह पारंपरिक रेसिपी आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित होगी।
लेस्वे की सब्जी बनाने की बेहद आसान विधि
इस पारंपरिक व्यंजन को अपने घर पर तैयार करने के लिए सबसे पहले ताजे और अच्छी गुणवत्ता वाले लेस्वे लेकर उन्हें साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद एक बर्तन में थोड़ा पानी गर्म करके इन लेस्वे को हल्का सा उबाल लें। ऐसा करने से इनके भीतर की कसैली या कच्ची गंध पूरी तरह खत्म हो जाती है और सब्जी का स्वाद बहुत निखर कर आता है। अब एक भारी तले की कड़ाही लें और उसमें दो से तीन बड़े चम्मच कुकिंग ऑयल यानी तेल गरम करें। तेल के अच्छे से गरम हो जाने पर उसमें साबुत जीरा और एक चुटकी हींग का तड़का लगाएं। इसके तुरंत बाद बारीक कटी हुई लहसुन की कलियां, तीखी हरी मिर्च और बारीक कटे प्याज डालें। इस मिश्रण को तब तक मध्यम आंच पर भूनें जब तक कि प्याज का रंग हल्का सुनहरा न हो जाए।
जैसे ही प्याज अच्छी तरह पक जाएं, कड़ाही में हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और अपने स्वादानुसार नमक डालें। इन सभी मसालों को हल्की आंच पर कुछ सेकंड के लिए अच्छी तरह भूनें ताकि मसालों का कच्चापन दूर हो जाए। अब इसमें पहले से उबाले गए लेस्वे डालें और कड़ाही में मौजूद मसालेदार मिश्रण के साथ अच्छी तरह मिला लें। इसे ढककर करीब 10 से 15 मिनट तक बिल्कुल धीमी आंच पर पकने दें। धीमी आंच पर पकने से मसालों का सारा अर्क और स्वाद लेस्वे के भीतर तक समा जाएगा। अंत में गैस बंद करके ऊपर से बारीक कटा हुआ हरा धनिया डालें और गरमा-गरम परोसने के लिए तैयार करें।
तीखी और चटपटी लेस्वे की चटनी भी है लाजवाब
अगर आप मुख्य सब्जी के अलावा भोजन के साथ कुछ एक्स्ट्रा चटपटा स्वाद पसंद करते हैं, तो लेस्वे की तीखी चटनी एक बेहतरीन साइड डिश साबित हो सकती है। इसे बनाना भी बेहद आसान है। चटनी तैयार करने के लिए उबाले हुए लेस्वे लें और उनमें हरी मिर्च, छिली हुई लहसुन की कलियां, फ्रेश हरा धनिया, भुना हुआ जीरा, स्वादानुसार नमक और थोड़ा सा खट्टा नींबू का रस मिलाएं। अब इस पूरे मिश्रण को ग्राइंडर या मिक्सर जार में डालकर अच्छी तरह पीस लें। आपकी लाजवाब और तीखी राजस्थानी चटनी बनकर तैयार है। इस चटनी का अनोखा स्वाद साधारण से साधारण खाने को भी शाही बना देता है। आप इसे सुबह के नाश्ते, दोपहर के भोजन में पराठों या दाल-चावल के साथ मजे से खा सकते हैं।
पीढ़ियों पुराना पारंपरिक स्वाद
ग्रामीण इलाकों में रहने वाली गृहणी निरमा देवी का कहना है कि राजस्थान के गांवों में रहने वाले लोगों के लिए बारिश के महीनों में लेस्वे की सब्जी और चटनी बनाना एक बेहद जरूरी परंपरा का हिस्सा है। पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही यह स्वादिष्ट रेसिपी आज के आधुनिक दौर में भी लोगों के दिलों पर राज कर रही है। यदि आप भी इस मानसून में अपनी रसोई को पारंपरिक भारतीय खुशबू से महकाना चाहते हैं और बाजार की आम सब्जियों से हटकर कुछ अलग स्वाद चखना चाहते हैं, तो इस राजस्थानी स्टाइल की रेसिपी को जरूर आजमाएं। इसके हल्के मसाले, सौंधी खुशबू और बेजोड़ देसी स्वाद आपके पूरे परिवार के भोजन का आनंद दोगुना कर देंगे।













