फुटबॉल विश्व कप में कतर ने आखिरकार अपना खाता खोल लिया — और वह भी बेहद नाटकीय अंदाज में। दूसरे हाफ के इंजरी टाइम के चौथे मिनट में बौलेम खौखी ने हेडर से बराबरी का गोल दागा और ग्रुप बी की मजबूत मानी जा रही स्विट्जरलैंड को 1-1 से रोक दिया। इसी एक गोल के साथ कतर ने विश्व कप के इतिहास में अपना पहला अंक भी अपने नाम कर लिया।
हार के मुंह से छीना एक अंक
मुकाबले की शुरुआत स्विट्जरलैंड के पक्ष में रही। 17वें मिनट में ब्रील एम्बोलो ने पेनल्टी को गोल में तब्दील कर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। लंबे समय तक ऐसा लग रहा था कि यह बढ़त ही नतीजा तय कर देगी और स्विट्जरलैंड की जीत पक्की है। लेकिन अंतिम सीटी बजने से ठीक पहले लेवी स्टेडियम में मौजूद 67,966 दर्शकों के सामने खौखी ने हवा में छलांग लगाकर हेडर से गेंद जाल में पहुंचा दी और स्कोर बराबर कर दिया।
गोल होते ही मैदान का नजारा बदल गया। कतर के कई खिलाड़ी इस अहम पल का जश्न मनाते हुए जमीन पर लेट गए, तो कुछ एक-दूसरे को गले लगाने के लिए दौड़ पड़े। चार साल पहले अपने ही देश में हुए विश्व कप में कतर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सका था, और इस बार भी पहले मैच में टीम कुछ खास प्रभाव नहीं छोड़ पाई — फिर भी आखिरी पलों के इस गोल ने उसे एक यादगार अंक दिला दिया।
मौके गंवाने का खामियाजा
स्विट्जरलैंड के लिए यह नतीजा निराशा भरा रहा, क्योंकि उसकी टीम ने गोल करने के कई बढ़िया मौके बनाए लेकिन उन्हें भुना नहीं पाई। यही चूक उसे महंगी पड़ी और जीत की जगह उसे महज एक अंक से संतोष करना पड़ा।
मिडफील्डर ग्रैनिट ज़ाका ने अपनी निराशा छिपाई नहीं। उन्होंने कहा, ‘‘हर ड्रॉ हार जैसा लगता है। हम खुद का आकलन कर रहे हैं। आज का प्रदर्शन जीत के लिए काफी नहीं था।’’
उन्हीं की बात को आगे बढ़ाते हुए मिडफील्डर डेनिस जकारिया ने माना कि टीम अपने स्तर का खेल नहीं दिखा सकी। उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित रूप से हमने वैसा खेल नहीं दिखाया जैसा हम चाहते थे। हमें गोल करने के कई मौके मिले, लेकिन हमने उनमें से कई गंवा दिए। हमें इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ा।’’
कोच को अपनी टीम पर नाज़
दूसरी ओर कतर के खेमे में माहौल बिल्कुल अलग था। कोच जुलेन लोपेटेगुई अपनी टीम के जज्बे से बेहद खुश नजर आए। उन्होंने कहा, ‘‘आज के प्रदर्शन पर मुझे बहुत गर्व है। हमारे खिलाड़ियों ने अनुशासन दिखाया और रणनीति पर अच्छी तरह से अमल किया। कभी-कभी हमें किस्मत का साथ भी मिला, लेकिन जीवन और फुटबॉल में आपको भरोसा बनाए रखने के साथ किस्मत की भी जरूरत पड़ती है।’’













