प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस के अपने दौरे के पहले चरण के लिए पहुंच चुके हैं, और इस पड़ाव की पूरी रूपरेखा भारत-फ्रांस के रिश्तों को तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप सहयोग के धरातल पर और गहरा करने के इर्द-गिर्द बुनी गई है। इस दौरे का मूल मकसद दोनों देशों के बीच बनी विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को नई गति देना है। प्रधानमंत्री फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ कई अहम कार्यक्रमों में शामिल होंगे और द्विपक्षीय से लेकर वैश्विक स्तर तक के मुद्दों पर खुलकर बातचीत करेंगे।
‘Bharat Innovates’ बना रविवार का केंद्रबिंदु
रविवार के दिन प्रधानमंत्री मोदी की गतिविधियों का केंद्र ‘Bharat Innovates’ पहल रहेगी। दोपहर 2:30 बजे वह राष्ट्रपति मैक्रों के साथ मिलकर इस आयोजन का संयुक्त रूप से उद्घाटन करेंगे। इस पहल का मकसद भारत की इनोवेशन यात्रा को वैश्विक मंच पर सामने रखना है। इसके जरिए भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम, डीप-टेक, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, रक्षा, अंतरिक्ष और स्वच्छ ऊर्जा के साथ-साथ दुनिया भर में भारतीय प्रतिभाओं के योगदान को रेखांकित किया जाएगा।
इस मंच पर भारतीय स्टार्टअप उन्नत कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी, एग्री-टेक, ऊर्जा, स्थिरता, स्वास्थ्य, इंडस्ट्री 4.0, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष और रक्षा जैसे विविध क्षेत्रों में अपनी क्षमताएं दिखाएंगे। आयोजन में दुनिया भर की बड़ी कंपनियों के शीर्ष सीईओ और निवेशक भी हिस्सा लेंगे। माना जा रहा है कि इसी मंच पर कई निवेश और कारोबारी समझौते भी आकार ले सकते हैं।
द्विपक्षीय बैठक और व्यापक एजेंडा
‘Bharat Innovates’ के बाद प्रधानमंत्री मोदी शाम 4:10 बजे से 5:10 बजे तक राष्ट्रपति मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे, और उसके बाद मैक्रों की मेजबानी में आयोजित लंच में शरीक होंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच होने वाली विस्तृत बातचीत में रक्षा, प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आर्थिक सहयोग और इंडो-पैसिफिक समेत कई क्षेत्रों में चल रही साझेदारी की समीक्षा होगी। इसके साथ ही दोनों नेता क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मसलों पर भी अपने-अपने विचार साझा करेंगे।
फ्रांस के इस पहले चरण को पूरा कर प्रधानमंत्री रविवार रात 8:30 बजे नीस से रवाना होंगे और वियना होते हुए स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा पहुंचेंगे। यह यात्रा ऐसे वक्त हो रही है जब भारत और फ्रांस रक्षा, AI, अंतरिक्ष, स्वच्छ ऊर्जा और उच्च प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में अपने सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में जुटे हैं। यही वजह है कि मोदी और मैक्रों की यह मुलाकात दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और पुख्ता करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
कहां से शुरू हुई यह साझेदारी
फरवरी 2026 में भारत और फ्रांस ने अपने रिश्तों को ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ के दर्जे तक पहुंचाया था, और इसी मौके पर दोनों नेताओं ने भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष की भी शुरुआत की थी। इससे पहले फरवरी में ही प्रधानमंत्री मोदी पेरिस में आयोजित एआई एक्शन समिट की सह-अध्यक्षता कर चुके हैं। मौजूदा दौरे में रक्षा और रणनीतिक मोर्चे के तमाम मुद्दों पर बात होगी। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग पहले से ही बेहद गहरा और मजबूत रहा है, और हाल के वर्षों में इसका जोर सह-उत्पादन, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण तथा सह-विकास के जरिए नए प्लेटफॉर्म तैयार करने पर रहा है।
तकनीक और AI पर रहेगी सबसे ज्यादा नजर
विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि इस यात्रा का एक प्रमुख केंद्रबिंदु प्रौद्योगिकी और नवाचार है, जहां कुछ अहम नतीजे सामने आने की उम्मीद है। इनमें सबसे ज्यादा फोकस AI से जुड़े पहलुओं पर रहेगा। इसके अलावा हेल्थ-टेक, मेड-टेक और स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। कुल मिलाकर ऐसे कई मोर्चे हैं जिन पर दोनों देश मिलकर आगे बढ़ रहे हैं।













