भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ गाने ऐसे होते हैं जो समय की सीमाओं को लांघकर हर पीढ़ी के पसंदीदा बन जाते हैं। फिल्म रोजा का सदाबहार रोमांटिक गाना 'ये हसीन वादियां' ऐसा ही एक यादगार ट्रैक है। संगीतकार के रूप में अपने करियर की शुरुआत कर रहे एआर रहमान के लिए यह फिल्म और इसका संगीत एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ। मूल रूप से तमिल भाषा में बने गाना 'पुधु वेल्लाई मजाई' को जब हिंदी में रीक्रिएट किया गया, तो उसने देशभर में सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए।
दिग्गज गायकों और गीतकार का कमाल
इस खूबसूरत हिंदी डब वर्जन को सुरों से सजाने का काम दिग्गज गायक एसपी बालासुब्रह्मण्यम और केएस चित्रा ने किया था। गाने के अर्थपूर्ण और रोमांटिक हिंदी बोल गीतकार पीके मिश्रा द्वारा लिखे गए थे। धुन की ताजगी, बेहतरीन गायकी और दिल छू लेने वाले बोलों के संगम ने इस गाने को एक ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर बना दिया। आज भी युवाओं के बीच इस गाने का क्रेज वैसा ही बना हुआ है जैसा इसके रिलीज के समय था।
पहली ही फिल्म से राष्ट्रीय पुरस्कार और स्टारडम
फिल्म रोजा संगीतकार के रूप में एआर रहमान का पहला प्रोजेक्ट थी। अपने पहले ही प्रोजेक्ट में रहमान ने अपने अनोखे संगीत संयोजन और नई धुनों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस फिल्म के संगीत के लिए उन्हें प्रतिष्ठित नेशनल फिल्म अवॉर्ड (सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक) से सम्मानित किया गया। 'रोजा' की शानदार सफलता ने रहमान को रातों-रात पूरे भारत में एक बड़ा स्टार बना दिया।
हिंदी सीखने और डब गानों का सफर
तमिल फिल्मों के गानों को हिंदी में डब करने के शुरुआती दौर में एआर रहमान को भाषा के तालमेल को लेकर कुछ झिझक का सामना भी करना पड़ा था। एक निर्देशक की सलाह मानकर रहमान ने हिंदी भाषा को गंभीरता से सीखा और समझा। उनका मानना था कि गानों का सही भाव और उच्चारण ही किसी डब वर्जन को मूल गाने जितना असरदार बना सकता है। इसके बाद भारतीय सिनेमा में दक्षिण भारतीय फिल्मों के हिंदी डबिंग ट्रेंड ने एक नया मोड़ लिया।
डब्ड गानों और पैन-इंडिया सिनेमा का दौर
फिल्म 'रोजा' और 'ये हसीन वादियां' ने जिस हिंदी रीक्रिएशन का रास्ता दिखाया, वह आने वाले दशकों में पैन-इंडिया सिनेमा की नींव बना। चाहे 25 साल बाद प्रभु देवा का हिट गाना 'मुकाबला' हो, या अल्लू अर्जुन की फिल्म 'पुष्पा' का ओटीटी पर हिंदी वर्जन में धमाल मचाना हो, दर्शकों ने डब किए गए भारतीय कंटेंट को हमेशा दिल खोलकर अपनाया है। आज हॉलीवुड की बड़ी फिल्में जैसे 'एक्वामैन 2' भी भारतीय भाषाओं में रिलीज के लिए विशेष तैयारी करती हैं, लेकिन एआर रहमान का 'रोजा' का संगीत इस पूरे सफर की सबसे यादगार शुरुआत माना जाता है।


















