लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (वाराणसी एयरपोर्ट) पर रविवार की सुबह उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब सुरक्षा जांच के दौरान एक पैसेंजर की लाइसेंसी पिस्टल से अचानक गोली चल गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब यात्री एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट संख्या IX-1810 से मुंबई जाने के लिए हवाई अड्डे पर पहुंचा था। एयरपोर्ट परिसर में हथियार की चेकिंग के दौरान हुई इस फायरिंग की घटना ने हवाई अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था और हथियार जांच की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच क्षेत्र में अचानक हुआ धमाका
कमलेश केदारनाथ राय नाम का यात्री मुंबई जाने के लिए एयरपोर्ट पहुंचा था। नियमों के अनुसार उसने चेकइन काउंटर पर पहुंचकर एयरलाइन कर्मियों को जानकारी दी कि उसके पास 7.62 एमएम की एक लाइसेंसी पिस्टल और 21 जिंदा कारतूस मौजूद हैं। डिक्लेरेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यात्री को हथियार समेत निर्धारित स्क्रीनिंग क्षेत्र में ले जाया गया। इसी दौरान स्क्रीनिंग प्रक्रिया के बीच पिस्टल से अचानक एक राउंड फायर हो गया, जिससे वहां हड़कंप मच गया।
दो स्क्रीनिंग कर्मचारी हुए जख्मी, यात्री हिरासत में
हथियार से निकली गोली ने वहां ड्यूटी पर तैनात स्क्रीनिंग स्टाफ के दो सदस्यों, रोहित राज और सुमन कुमारी को अपनी चपेट में ले लिया। गोली लगने से दोनों कर्मचारी मौके पर ही घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद एयरपोर्ट प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए घायल रोहित राज और सुमन कुमारी को इलाज के लिए पास के न्यू लक्ष्मी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। इसके साथ ही वाराणसी एयरपोर्ट पुलिस को पूरे मामले की सूचना दी गई, जिसके आधार पर पुलिस ने यात्री कमलेश केदारनाथ राय को हिरासत में लेकर अपनी जांच शुरू कर दी है।
सुरक्षा मानकों पर उठे बड़े सवाल
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर सुरक्षा जांच के तय दायरे में पिस्टल से गोली कैसे चल गई। सामान्य नियमों के तहत डिक्लेरेशन के बाद ही हथियार को अनलोड कराया जाता है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। अब जांच अधिकारी इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि क्या यात्री ने पिस्टल को पहले से अनलोड नहीं किया था या फिर स्क्रीनिंग के दौरान हथियार संभालने में कर्मचारियों की ओर से कोई तकनीकी चूक हुई थी।


















