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प्यू रिसर्च सर्वे में अमेरिका में भारत पर बंटा जनमत, ब्रिटेन और जर्मनी में सुधरी साखअमेरिका
17 अग॰ 2026, 3:27 am (74 दिन पहले)· 3

प्यू रिसर्च सर्वे में अमेरिका में भारत पर बंटा जनमत, ब्रिटेन और जर्मनी में सुधरी साख

अमेरिका में प्यू रिसर्च सेंटर के ताज़ा सर्वे के अनुसार 45 प्रतिशत लोग भारत को सकारात्मक रूप से देखते हैं, वहीं डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन के बीच राजनीतिक मतभेद के साथ-साथ अगस्त 2025 और फरवरी 2026 के टैरिफ विवादों का भी प्रभाव पड़ा है।

दुनियाभर के विभिन्न देशों में भारत की वैश्विक साख को लेकर व्यापक स्वीकार्यता देखने को मिल रही है, लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका में हाल के महीनों के दौरान जनमानस की सोच में एक दिलचस्प बदलाव आया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली नीतियों और दोनों देशों के बीच बने आर्थिक माहौल के बावजूद, अमेरिकी नागरिकों का एक बड़ा वर्ग भारत के प्रति अनुकूल रवैया बनाए हुए है। आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में 45 प्रतिशत आबादी भारत को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखती है, जबकि 50 प्रतिशत लोगों ने इसके विपरीत या नकारात्मक राय दर्ज की है। इस बीच प्यू रिसर्च सेंटर द्वारा जारी की गई नई अध्ययन रिपोर्ट में यह बात उजागर हुई है कि भारत के प्रति अमेरिकी दृष्टिकोण काफी हद तक वहां की दलीय राजनीति और उम्र के अंतर से प्रभावित है।

अमेरिकी राजनीति और उम्र का धारणा पर प्रभाव

इस अध्ययन में सबसे प्रमुख बात यह निकलकर सामने आई है कि राजनीतिक दल की प्रतिबद्धता अमेरिकी जनता की सोच को सीधा तय कर रही है। डेमोक्रेटिक पार्टी के समर्थकों और उस ओर झुकाव रखने वाले अमेरिकियों में से 50 प्रतिशत लोग भारत को लेकर सकारात्मक राय रखते हैं, जबकि इसी समूह के 47 प्रतिशत लोगों का विचार इससे अलग है। दूसरी तरफ, रिपब्लिकन पार्टी और उसके समर्थक वर्ग में केवल 42 प्रतिशत लोग ही भारत के पक्ष में खड़े दिखे, जबकि 55 प्रतिशत रिपब्लिकन समर्थकों ने भारत के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण जताया। इस प्रकार दोनों प्रमुख राजनीतिक धड़ों की सोच के बीच 13 प्रतिशत अंकों का एक बड़ा अंतर देखने को मिलता है।

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विचारधारा के अलावा उम्र का पड़ाव भी अमेरिकी नागरिकों की राय को प्रभावित कर रहा है। सर्वे के आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ अमेरिकी नागरिकों में से 50 प्रतिशत भारत को सकारात्मक मानते हैं। इसके विपरीत, 30 वर्ष से कम उम्र के युवाओं में भारत के प्रति सकारात्मक सोच रखने वालों का आंकड़ा गिरकर केवल 42 प्रतिशत रह गया है।

व्यापार तनाव और टैरिफ विवाद की पृष्ठभूमि

अमेरिकी जनमानस में आए इन उतार-चढ़ावों के पीछे हालिया महीनों में बने कूटनीतिक और आर्थिक समीकरणों की बड़ी भूमिका रही है। अगस्त 2025 में ट्रंप प्रशासन ने भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत का भारी टैरिफ लागू करने का फैसला किया था। इसके तुरंत बाद, रूस से रियायती दर पर कच्चा तेल खरीदने के मुद्दे को लेकर अमेरिका ने भारत पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त दंडात्मक टैरिफ और थोप दिया था। इस फैसले से दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों में महीनों तक काफी तनाव बना रहा।

लंबी खींचतान और वार्ताओं के दौर के बाद, फरवरी 2026 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय आयातित सामानों पर सीमा शुल्क घटाकर 18 प्रतिशत करने की आधिकारिक घोषणा की। डोनाल्ड ट्रंप के बयानों के अनुसार, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस से कच्चे तेल की खरीद में कटौती करने, अमेरिका से ऊर्जा व आधुनिक तकनीक की खरीद बढ़ाने और अमेरिकी बाज़ार में निवेश को बढ़ावा देने का आश्वासन दिया था। इसके तहत भारत द्वारा अमेरिका में लगभग 500 अरब डॉलर के भारी-भरकम निवेश की योजना भी सामने आई थी। हालांकि इस राहत भरे फैसले से पहले भारतीय कंपनियों को कई महीनों तक अत्यधिक सीमा शुल्क का आर्थिक बोझ सहन करना पड़ा था।

यूरोप और अन्य एशियाई देशों में भारत की वैश्विक छवि

अमेरिका में बंटे हुए जनमत के विपरीत, दुनिया के अन्य हिस्सों में भारत की अंतरराष्ट्रीय साख में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। साल 2025 की तुलना में ब्रिटेन में भारत के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखने वाले लोगों की संख्या में 11 प्रतिशत अंकों की बढ़त हुई है, जबकि जर्मनी में यह ग्राफ 6 प्रतिशत अंक ऊपर चढ़ा है।

एशियाई और अफ्रीकी महाद्वीप के देशों में भारत की लोकप्रियता और भी मजबूत स्थिति में दिखाई देती है। श्रीलंका में 79 प्रतिशत आबादी ने भारत के प्रति अपनी अनुकूल राय व्यक्त की है, वहीं केन्या में 71 प्रतिशत लोग भारत को सकारात्मक रूप से देखते हैं। यदि वैश्विक स्तर पर सभी देशों के औसत आंकड़ों पर नज़र डालें, तो कुल 45 प्रतिशत लोग भारत को लेकर सकारात्मक सोच रखते हैं, जबकि 41 प्रतिशत आबादी की राय इसके विपरीत है।

सवाल-जवाब

प्यू रिसर्च के सर्वे के अनुसार कितने प्रतिशत अमेरिकी भारत को सकारात्मक मानते हैं?
सर्वे के अनुसार 45 प्रतिशत अमेरिकी भारत को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखते हैं, जबकि 50 प्रतिशत लोगों की राय नकारात्मक है।
अमेरिका में राजनीतिक दलों के हिसाब से भारत के प्रति क्या राय है?
डेमोक्रेट्स में से 50 प्रतिशत लोग भारत के प्रति सकारात्मक हैं, जबकि रिपब्लिकन पार्टी के समर्थकों में यह आंकड़ा केवल 42 प्रतिशत है।
अमेरिका में अगस्त 2025 और फरवरी 2026 में टैरिफ को लेकर क्या बदलाव हुए थे?
अगस्त 2025 में अमेरिका ने भारतीय सामान पर कुल 50 प्रतिशत तक शुल्क लगाया था, जिसे बाद में बातचीत के बाद फरवरी 2026 में घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया।
ब्रिटेन और जर्मनी में भारत की छवि में कितना सुधार दर्ज किया गया?
साल 2025 की तुलना में ब्रिटेन में भारत की सकारात्मक छवि 11 प्रतिशत अंक और जर्मनी में 6 प्रतिशत अंक बढ़ी है।
दुनिया भर में भारत को लेकर औसत राय क्या है?
वैश्विक स्तर पर औसतन 45 प्रतिशत लोग भारत के प्रति सकारात्मक राय रखते हैं, जबकि 41 प्रतिशत लोगों का दृष्टिकोण नकारात्मक है।
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