इस बार के फीफा वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत पॉप स्टार शकीरा के दिल जीत लेने वाले परफॉर्मेंस और तीन रेड कार्ड के साथ हुई। टूर्नामेंट का आगाज़ सचमुच नाटकीय रहा, जहां सिर्फ 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने को मजबूर मेक्सिको ने 9 खिलाड़ियों पर सिमट चुकी साउथ अफ्रीका को 2-0 से शिकस्त दी। साल 2010 का ओपनिंग डे जहां साउथ अफ्रीका के लिए यादगार बना था, वहीं 2026 के आगाज़ में मेक्सिको ने उसकी टीम को करारा झटका दे दिया। यह शुरुआत बेहद उग्र रही, क्योंकि जहां 2022 के पूरे टूर्नामेंट में कुल चार रेड कार्ड देखने को मिले थे, वहीं इस बार रेफरी ने सिर्फ पहले ही मुकाबले में तीन रेड कार्ड थमा दिए।
2026 के फीफा वर्ल्ड कप की शुरुआत ऐसी होगी, इसका अंदाज़ा किसी को नहीं था। मेजबान टीम ने अपने प्रतिद्वंद्वी पर दबदबा बनाते हुए जीत तो दर्ज कर ली, लेकिन मैच विवादों में उलझ गया। रेफरी ने साउथ अफ्रीका के दो खिलाड़ियों को उनके खतरनाक खेल की वजह से रेड कार्ड दिखाया। मुकाबला रोमांच से भरा रहा और खिलाड़ी खुद पर काबू नहीं रख सके। इंजरी टाइम में मेक्सिको के एक खिलाड़ी को भी रेड कार्ड दिखा दिया गया। जैसे ही रेफरी ने होम टीम के खिलाड़ी के लिए रेड कार्ड निकाला, मेक्सिको सिटी स्टेडियम का माहौल गर्म हो गया।
आंकड़े भी इस अनोखे रिकॉर्ड की गवाही दे रहे हैं। 2026 फीफा वर्ल्ड कप के पहले ही मुकाबले में तीन रेड कार्ड दिखाए गए, जबकि 2022 वर्ल्ड कप में कुल 64 मैचों के दौरान केवल चार रेड कार्ड दिखाए गए थे।
पहले ही मैच में बन गया रेड कार्ड का रिकॉर्ड
साउथ अफ्रीका की टीम के लिए यह मुकाबला कभी न भूलने वाला बन गया। एक तरफ वर्ल्ड कप के ओपनिंग गेम में हार मिली और दूसरी तरफ एक नहीं, बल्कि दो खिलाड़ियों को रेड कार्ड भी दिखा दिया गया। पहले ही मैच में याया सिथोले और थेम्बा ज्वाने को रेड कार्ड के चलते मैदान से बाहर होना पड़ा। इसके बाद मेक्सिको के सेसर मोंटेस को गोल करने के मौके को रोकने के लिए रेड कार्ड मिला। यह पहला ऐसा वर्ल्ड कप मैच बन गया जिसमें तीन रेड कार्ड दिखाए गए। 2022 वर्ल्ड कप में पूरे टूर्नामेंट के दौरान केवल चार रेड कार्ड दिखाए गए थे। इसी से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि आगे टूर्नामेंट का माहौल कितना गरम रहने वाला है।













